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Sonipat News: लोगों में गोवंश की रक्षा, सेवा की अलख जगा रहा गोरक्षा दल

Thu, 01 Jun 2023 01:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Thu, 01 Jun 2023 01:28 AM IST
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Protection of cow progeny among the people, the Gauraksha Dal is awakening the spirit of service
फोटो 05- शहर में गोवंश देखभाल अभियान चलाते गोरक्षा दल के सदस्य। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनीपत। गोरक्षा दल करीब 15 वर्ष से लोगों में गोवंश की रक्षा व सेवा की अलख जगाने का प्रयास कर रहा है। इन भक्तों में गोवंशों की सेवा के प्रति इतना जुनून है कि वह जगह-जगह जाकर घायल गोवंशों का इलाज कर पुण्य कमा रहे हैं। साथ ही गोवंशों को विभिन्न बीमारियों से बचाने का प्रयास किया जा रहा है। कहीं भी गाेवंश को इलाज की जरूरत होती है या सूचना मिलती है तो दल के सदस्य मौके पर पहुंचकर गोवंशों का इलाज कर रहे हैं।
प्रधान मंजीत आर्य व पवन पांचाल ने बताया कि वर्ष 2000 से पहले जिले में गोरक्षा दल की स्थापना की गई थी। वैसे गोरक्षा दल वर्ष 2007 से देश में गोसेवा के पथ पर अग्रसर है। आज गोरक्षा दल के साथ शहर ही नहीं, बल्कि हर गांव से भी सदस्य जुड़ रहे हैं। वर्ष 2014 में गांव बड़वासनी के पास गोवंश उपचार केंद्र की स्थापना की गई थी, ताकि घायल गोवंशों का इलाज कर सही तरह से देखभाल की जा सके। इसमें आज तक कितने गोवंशों का इलाज किया जा चुका है, यह उन्हें भी पता नहीं है। फिलहाल करीब 150 गोवंशों को इलाज के लिए उपचार केंद्र में रखा गया है। रोजाना 3 से 4 गोवंश इलाज के लिए उपचार केंद्र में लाए जा रहे हैं। इस कार्य में सुनील दहिया, आशीष, विशाल, मनीष, आकाश जैन, दक्ष मुंजाल, सागर सहित सैकड़ों युवाओं का साथ है।
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यह बोले सदस्य
जिस घर में गाय की सेवा की जाती है, उस परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। शास्त्रों में भी पहली रोटी गाय के लिए निकालने की बात कही गई है। गोरक्षा दल का उद्देश्य लोगों को गोसेवा व उनकी रक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। साथ ही गाेवंशों की तस्करी पर रोक लगाना है, इसलिए हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि गोवंशों की सेवा के लिए पूरी निष्ठा के साथ कर्तव्य का पालन करें।
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-दीपक दहिया, उपाध्यक्ष
फिलहाल गोवंशों को लंपी वायरस से बचाने के लिए अभियान चलाया गया है। वायरस प्रकोप इन दिनों में तीन माह तक रहता है। जिले में चार मामले लंपी वायरस के सामने आए हैं। ऐसे में गोवंशों को इलाज के लिए सवाया पट्टी, काला जीरी, आंवला व हल्दी के लड्डू बनाकर खिलाकर उनकी देखभाल की जा रही है। गोवंशों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए गोरक्षा दल के सदस्य सजग हैं।
-अभिषेक कामरा, जिला महामंत्री
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