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प्रॉपर्टी आईडी गड़बड़झाला : कार्रवाई का दायरा और बढ़ा, एक और कर्मचारी को नोटिस
Sat, 03 Jan 2026 01:57 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 03 Jan 2026 01:57 AM IST
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फोटो :22: नगर निगम आयुक्त हर्षित कुमार।
सोनीपत। नगर निगम में प्रॉपर्टी आईडी से जुड़ी अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और लापरवाही का मामला अब बड़े स्तर पर सामने आ चुका है। निगम आयुक्त हर्षित कुमार ने साफ संकेत दिए हैं कि अब तक हुई कार्रवाई महज शुरुआत है और आने वाले दिनों में कई अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी इसकी जद में आएंगे।
नगर निगम ने एक कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है जबकि 10 अन्य कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली है। आदेश पर औपचारिक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। निगम आयुक्त ने बताया कि एक शिकायतकर्ता ने बताया कि प्रॉपर्टी आईडी में नाम दुरुस्त कराने के लिए नियमानुसार सभी दस्तावेज, रजिस्ट्री की प्रति सहित, पहले ही जमा कर रखे थे।
इसके बावजूद संबंधित कर्मचारी ने जानबूझकर फाइल पर अनावश्यक आपत्ति लगा दी और उसे लंबे समय तक लटकाए रखा। जब आयुक्त ने स्वयं फाइल की जांच की तो कर्मचारी की लापरवाही और दुर्भावनापूर्ण मंशा सामने आ गई। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद फाइल रोके जाने पर आयुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित कर्मचारी को तत्काल शो-कॉज नोटिस जारी कर दिया।
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तीन अधिकारी निलंबित, रिश्वतखोर कर्मचारी गिरफ्तार
प्रॉपर्टी आईडी में गड़बड़ियों को लेकर इससे पहले भी कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है। दो दिन पहले शहरी निकाय विभाग ने नगर निगम के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। इनमें जोनल टैक्स ऑफिसर (जेडटीओ) राजेंद्र चुघ, तत्कालीन एसडीओ नवरत्न, एसडीओ अभिषेक शामिल हैं। इन अधिकारियों पर प्रॉपर्टी आईडी के निर्माण और संशोधन में गंभीर अनियमितताओं के आरोप थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर इन्हें सस्पेंड किया गया। प्रॉपर्टी आईडी के नाम पर रिश्वत मांगने के एक मामले में दर्ज एफआईआर के तहत कर्मचारी हरिओम को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है।
संयुक्त आयुक्त को सौंपी गई प्रॉपर्टी आईडी शाखा
लगातार मिल रही शिकायतों और बिगड़ती कार्यप्रणाली को देखते हुए निगम प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। अब प्रॉपर्टी आईडी शाखा का पूरा चार्ज संयुक्त आयुक्त को सौंप दिया है। कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए हर सप्ताह विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी जिसमें लंबित फाइलों, लगाए गए ऑब्जेक्शनों और कर्मचारियों की कार्यशैली की गहन समीक्षा होगी।
दो बार बदली टीम, फिर भी नहीं थमीं शिकायतें
नगर निगम प्रशासन कुछ महीनों में दो बार प्रॉपर्टी आईडी विभाग की टीम बदल चुका है, लेकिन इसके बावजूद शिकायतों में कोई खास कमी नहीं आई। अब निगम आयुक्त ने स्पष्ट कर दिया है कि जांच के दायरे में आए 10 संदिग्ध कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ सेवा समाप्ति तक का फैसला भी लिया जा सकता है।
फील्ड स्टाफ भी रडार पर
पूरे मामले में फील्ड स्टाफ की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। जांच के दौरान यदि उनकी संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निगम कमिश्नर ने संकेत दिए हैं कि कई अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की चार्जशीट तैयार की जा रही है और उच्च स्तर से आदेश मिलते ही इन्हें जारी कर दिया जाएगा।
प्रॉपर्टी आईडी को लेकर सबसे अधिक शिकायतें मिल रही हैं। नगर निगम ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। तीन अधिकारियों का निलंबन और एक कर्मचारी की गिरफ्तारी केवल शुरुआत है। जनता को परेशान करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
- हर्षित कुमार, निगम कमिश्नर, सोनीपत
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नगर निगम ने एक कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है जबकि 10 अन्य कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली है। आदेश पर औपचारिक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। निगम आयुक्त ने बताया कि एक शिकायतकर्ता ने बताया कि प्रॉपर्टी आईडी में नाम दुरुस्त कराने के लिए नियमानुसार सभी दस्तावेज, रजिस्ट्री की प्रति सहित, पहले ही जमा कर रखे थे।
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इसके बावजूद संबंधित कर्मचारी ने जानबूझकर फाइल पर अनावश्यक आपत्ति लगा दी और उसे लंबे समय तक लटकाए रखा। जब आयुक्त ने स्वयं फाइल की जांच की तो कर्मचारी की लापरवाही और दुर्भावनापूर्ण मंशा सामने आ गई। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद फाइल रोके जाने पर आयुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित कर्मचारी को तत्काल शो-कॉज नोटिस जारी कर दिया।
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तीन अधिकारी निलंबित, रिश्वतखोर कर्मचारी गिरफ्तार
प्रॉपर्टी आईडी में गड़बड़ियों को लेकर इससे पहले भी कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है। दो दिन पहले शहरी निकाय विभाग ने नगर निगम के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। इनमें जोनल टैक्स ऑफिसर (जेडटीओ) राजेंद्र चुघ, तत्कालीन एसडीओ नवरत्न, एसडीओ अभिषेक शामिल हैं। इन अधिकारियों पर प्रॉपर्टी आईडी के निर्माण और संशोधन में गंभीर अनियमितताओं के आरोप थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर इन्हें सस्पेंड किया गया। प्रॉपर्टी आईडी के नाम पर रिश्वत मांगने के एक मामले में दर्ज एफआईआर के तहत कर्मचारी हरिओम को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है।
संयुक्त आयुक्त को सौंपी गई प्रॉपर्टी आईडी शाखा
लगातार मिल रही शिकायतों और बिगड़ती कार्यप्रणाली को देखते हुए निगम प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। अब प्रॉपर्टी आईडी शाखा का पूरा चार्ज संयुक्त आयुक्त को सौंप दिया है। कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए हर सप्ताह विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी जिसमें लंबित फाइलों, लगाए गए ऑब्जेक्शनों और कर्मचारियों की कार्यशैली की गहन समीक्षा होगी।
दो बार बदली टीम, फिर भी नहीं थमीं शिकायतें
नगर निगम प्रशासन कुछ महीनों में दो बार प्रॉपर्टी आईडी विभाग की टीम बदल चुका है, लेकिन इसके बावजूद शिकायतों में कोई खास कमी नहीं आई। अब निगम आयुक्त ने स्पष्ट कर दिया है कि जांच के दायरे में आए 10 संदिग्ध कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ सेवा समाप्ति तक का फैसला भी लिया जा सकता है।
फील्ड स्टाफ भी रडार पर
पूरे मामले में फील्ड स्टाफ की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। जांच के दौरान यदि उनकी संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निगम कमिश्नर ने संकेत दिए हैं कि कई अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की चार्जशीट तैयार की जा रही है और उच्च स्तर से आदेश मिलते ही इन्हें जारी कर दिया जाएगा।
प्रॉपर्टी आईडी को लेकर सबसे अधिक शिकायतें मिल रही हैं। नगर निगम ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। तीन अधिकारियों का निलंबन और एक कर्मचारी की गिरफ्तारी केवल शुरुआत है। जनता को परेशान करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
- हर्षित कुमार, निगम कमिश्नर, सोनीपत