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Sonipat News: निजी अस्पताल ने बिल नहीं भरने पर शव देने से किया इन्कार, हंगामा
Sun, 12 Mar 2023 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 12 Mar 2023 12:04 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। बहालगढ़ रोड स्थित निजी अस्पताल प्रबंधन ने बिल न भरने पर परिजनों को शव देने से इंकार कर दिया। जिस पर परिजनों ने रोष जताया। इसकी सूचना पर जिला पार्षद संजय बड़वासनी मौके पर पहुंचे और अस्पताल प्रशासन से बातचीत की। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने शव परिजनों को सौंपा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
हरसाना निवासी नंदू पटेल ने बताया कि उनके बेटे मनीष को 6 मार्च को राठधना के पास एक कंटेनर ने टक्कर मारकर घायल कर दिया था। जिसे इलाज के लिए नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने हालत को गंभीर देखते हुए पीजीआई, रोहतक रेफर कर दिया था। इसके बाद परिजनों ने मनीष को बहालगढ़ रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। मामले की शिकायत सेक्टर-27 थाना पुलिस को दी। आरोप है कि उपचार के दौरान चिकित्सकों ने 70 हजार का बिल बनाया। जिस पर परिजनों ने 25 हजार रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद उनके बेटे की उपचार के दौरान मौत हो गई। चिकित्सकों ने उन्हें 1.25 लाख रुपये का बिल देकर शेष राशि जमा करवाने पर ही शव देने की बात कहीं। जिला पार्षद संजय बड़वासनी व लोगों के बीच-बचाव के बाद अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को शव सौंपा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
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सोनीपत। बहालगढ़ रोड स्थित निजी अस्पताल प्रबंधन ने बिल न भरने पर परिजनों को शव देने से इंकार कर दिया। जिस पर परिजनों ने रोष जताया। इसकी सूचना पर जिला पार्षद संजय बड़वासनी मौके पर पहुंचे और अस्पताल प्रशासन से बातचीत की। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने शव परिजनों को सौंपा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
हरसाना निवासी नंदू पटेल ने बताया कि उनके बेटे मनीष को 6 मार्च को राठधना के पास एक कंटेनर ने टक्कर मारकर घायल कर दिया था। जिसे इलाज के लिए नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने हालत को गंभीर देखते हुए पीजीआई, रोहतक रेफर कर दिया था। इसके बाद परिजनों ने मनीष को बहालगढ़ रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। मामले की शिकायत सेक्टर-27 थाना पुलिस को दी। आरोप है कि उपचार के दौरान चिकित्सकों ने 70 हजार का बिल बनाया। जिस पर परिजनों ने 25 हजार रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद उनके बेटे की उपचार के दौरान मौत हो गई। चिकित्सकों ने उन्हें 1.25 लाख रुपये का बिल देकर शेष राशि जमा करवाने पर ही शव देने की बात कहीं। जिला पार्षद संजय बड़वासनी व लोगों के बीच-बचाव के बाद अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को शव सौंपा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
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