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सुबह से ही पड़ रही गर्मी की मार, लोग बेहाल
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गर्मी से निजात पाने के लिए नहर में नहाते युवा। संवाद
- फोटो : Sonipat
भीषण गर्मी फिर अपने तेवर दिखाने लगी है। सोमवार को सुबह से ही पड़ रही गर्मी की मार से लोग बेहाल नजर आए। इन दिनों अधिकतम तापमान के साथ ही न्यूनतम तापमान भी रिकॉर्ड तोड़ रहा है। सोमवार को जिले में अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सात सालों मेें सबसे अधिक रहा। अप्रैल में तेजी से बढ़े तापमान का ही असर रहा कि दोपहर तक सड़कें सुनसान हो गई थीं, वहीं बाजारों में भी लोगों की चहलकदमी कम हो गई थी। मौसम विशेषज्ञों ने दो दिन और भीषण गर्मी का पूर्वानुमान जारी किया है। उसके बाद हलकी राहत मिलने की बात कही जा रही है।
जिले में गत वर्ष 18 अप्रैल को अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। पांच साल का औसत अधिकतम तापमान भी 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा है। इस वर्ष तापमान में कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए लोगों को झुलसने पर मजबूर कर दिया है। लोग गर्मी से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं। युवा नहर में जाकर जाकर नहा रहे हैं। अप्रैल में न्यूनतम तापमान सात साल में सबसे ज्यादा रहा। यही कारण है कि लोगों को सुबह से ही भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी का असर बाजार पर भी नजर आया। दोपहर में दुकानदार ग्राहकों के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन दिन ढलने तक नाममात्र ही ग्राहक नजर आए। गर्मी से बचने के लिए अधिकतर लोग घरों में ही रहे। चिकित्सक भी ऐसे मौसम मेें पर्याप्त मात्रा में पानी व तरल पदार्थ पीने की बात कह रहे हैं।
वर्जन
गर्मी ने सात साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अभी दो दिन और गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा, उसके बाद थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि मौसम में बदलाव के अभी संकेत नहीं है।
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- डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र, सोनीपत
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जिले में गत वर्ष 18 अप्रैल को अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। पांच साल का औसत अधिकतम तापमान भी 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा है। इस वर्ष तापमान में कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए लोगों को झुलसने पर मजबूर कर दिया है। लोग गर्मी से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं। युवा नहर में जाकर जाकर नहा रहे हैं। अप्रैल में न्यूनतम तापमान सात साल में सबसे ज्यादा रहा। यही कारण है कि लोगों को सुबह से ही भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी का असर बाजार पर भी नजर आया। दोपहर में दुकानदार ग्राहकों के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन दिन ढलने तक नाममात्र ही ग्राहक नजर आए। गर्मी से बचने के लिए अधिकतर लोग घरों में ही रहे। चिकित्सक भी ऐसे मौसम मेें पर्याप्त मात्रा में पानी व तरल पदार्थ पीने की बात कह रहे हैं।
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वर्जन
गर्मी ने सात साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अभी दो दिन और गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा, उसके बाद थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि मौसम में बदलाव के अभी संकेत नहीं है।
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- डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र, सोनीपत