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पेरिस ओलंपिक : कुराड़ के हॉकी खिलाड़ी सुमित ने ऑलराउंडर खेल से किया प्रभावित
Tue, 30 Jul 2024 11:13 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 30 Jul 2024 11:13 PM IST
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सोनीपत। दूसरी बार ओलंपिक खेल रहे सुमित कुमार ने मंगलवार को हुए भारत बनाम आयरलैंड के मुकाबले में ऑलराउंडर की भूमिका निभाई। सुमित कुमार ने डिफेंस के साथ मिड फील्ड की जिम्मेदारी को बखूबी निभाया साथ ही जिले के ही युवा स्टार अभिषेक नैन ने टीम के लिए गोल करने के कई मौके बनाए। दो बार बॉल को लेकर विरोधी टीम के डी में घुसे, लेकिन दो से तीन डिफेंडर होने के कारण मौके को भुना नहीं पाए। भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन के चलते आयरलैंड को 2-0 से हराया है।
गांव कुराड़ के लाडले सुमित कुमार के प्रदर्शन ने सभी को प्रभावित किया है। टीम ने उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपी सुमित उस पर खरे उतरे। सुमित ने डिफेंस के साथ मुकाबले में मिड फील्ड में जाकर सेंट्रल लाइन को भी मजबूत किया। टोक्यो के बाद अपना दूसरा ओलंपिक खेल रहे सुमित ने आयरलैंड के सात अटैक रोके, जिसमें दो अटैक को सुमित ने डी के अंदर से रोककर विरोधियों को गोल करने का मौका नहीं दिया। वहीं, मयूर विहार निवासी अभिषेक नैन ने भी टीम मैनेजमेंट की तरफ से दी गई जिम्मेदारी को निभाया है। उन्होंने टीम के लिए कई बार फील्ड गोल के मौके बनाए। हालांकि वह उसे गोल में तब्दील नहीं कर सके। अभिषेक ने बॉल को लेकर दो बार विरोधी टीम के डी में प्रवेश किया, लेकिन तीन डिफेंडरों के धावा बोलने से मौके को भुना नहीं पाए। अभिषेक के घर पर परिजन मुकाबले पर टकटकी लगाए रहे।
अभिषेक के पिता सत्यनारायण नैन ने बताया कि अभिषेक से बात होती रहती है। फोन पर हुई बात के दौरान अभिषेक ने बताया था कि टीम का माहौल सकारात्मक है। सभी खिलाड़ियों को टीम में उनकी भूमिका का पता है। वहीं माता सूरत देवी ने बताया कि मुकाबले के दौरान अभिषेक को देखकर गर्व महसूस होता है। उन्होंने बताया कि मैं मुकाबला देखते हुए भगवान से प्रार्थना करती रहती हूं कि टीम विजय श्री को चूमे। वहीं सुमित कुमार के भाई जय सिंह ने बताया कि टीम की जीत से गांव व परिवार में खुशी का माहौल है। मुकाबले के दौरान पूरे देश के साथ हमारी भी धड़कन बढ़ी रही। भारतीय टीम के प्रदर्शन व आपसी तालमेल को देखते हुए सभी को उम्मीद है कि वह अबकी बार पदक का रंग बदलेंगे।
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गांव कुराड़ के लाडले सुमित कुमार के प्रदर्शन ने सभी को प्रभावित किया है। टीम ने उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपी सुमित उस पर खरे उतरे। सुमित ने डिफेंस के साथ मुकाबले में मिड फील्ड में जाकर सेंट्रल लाइन को भी मजबूत किया। टोक्यो के बाद अपना दूसरा ओलंपिक खेल रहे सुमित ने आयरलैंड के सात अटैक रोके, जिसमें दो अटैक को सुमित ने डी के अंदर से रोककर विरोधियों को गोल करने का मौका नहीं दिया। वहीं, मयूर विहार निवासी अभिषेक नैन ने भी टीम मैनेजमेंट की तरफ से दी गई जिम्मेदारी को निभाया है। उन्होंने टीम के लिए कई बार फील्ड गोल के मौके बनाए। हालांकि वह उसे गोल में तब्दील नहीं कर सके। अभिषेक ने बॉल को लेकर दो बार विरोधी टीम के डी में प्रवेश किया, लेकिन तीन डिफेंडरों के धावा बोलने से मौके को भुना नहीं पाए। अभिषेक के घर पर परिजन मुकाबले पर टकटकी लगाए रहे।
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अभिषेक के पिता सत्यनारायण नैन ने बताया कि अभिषेक से बात होती रहती है। फोन पर हुई बात के दौरान अभिषेक ने बताया था कि टीम का माहौल सकारात्मक है। सभी खिलाड़ियों को टीम में उनकी भूमिका का पता है। वहीं माता सूरत देवी ने बताया कि मुकाबले के दौरान अभिषेक को देखकर गर्व महसूस होता है। उन्होंने बताया कि मैं मुकाबला देखते हुए भगवान से प्रार्थना करती रहती हूं कि टीम विजय श्री को चूमे। वहीं सुमित कुमार के भाई जय सिंह ने बताया कि टीम की जीत से गांव व परिवार में खुशी का माहौल है। मुकाबले के दौरान पूरे देश के साथ हमारी भी धड़कन बढ़ी रही। भारतीय टीम के प्रदर्शन व आपसी तालमेल को देखते हुए सभी को उम्मीद है कि वह अबकी बार पदक का रंग बदलेंगे।
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