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हमारे हुनरमंद : पिता का सपना पूरा करने के लिए लाडली बहा रही पसीना
Tue, 25 Jun 2024 08:42 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 25 Jun 2024 08:42 PM IST
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पहलवान कविता
सोनीपत। कुश्ती के मैट पर अलग-अलग दांव से प्रतिद्वंद्वी को पटखनी देने वाली पहलवान कविता अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए घंटों मेहनत करती है। पहलवान कविता मूल रूप से राजस्थान के भीलवाड़ा की रहने वाली है, वह अभी गांव बड़वासनी स्थित कुलदीप मलिक खेलकूद अकादमी में प्रतिदिन कड़ा अभ्यास कर रही है।
पहलवान कविता ने बताया कि वह करीब आठ वर्ष से कुश्ती के गुर सीख रही है। उसके पिता राजकुमार अपने क्षेत्र में सब्जी का कारोबार करते हैं। पिता का सपना है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतकर परिवार का मान बढ़ाए। पिता राजकुमार ने कविता को दाखिला महज 12 वर्ष की आयु में ही अकादमी में करवा दिया था। कविता ने बताया कि उनकी पसंदीदा पहलवान एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता विनेश फोगाट है। वह अपनी पसंदीदा पहलवान की ही भांति देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पदक लाना चाहती है। अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षक एवं अकादमी संचालक कुलदीप मलिक ने बताया कि कविता बहुत मेहनती व जुझारू पहलवान है। वह अपने देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य को लेकर प्रतिदिन कड़ा अभ्यास करती है।
यह हैं उपलब्धियां
पहलवान कविता ने वर्ष 2020 में हुई अंडर 15 कुश्ती प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था। वर्ष 2021 में कैडेट सब जूनियर कुश्ती प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था। वहीं इस साल राष्ट्रीय सीनियर कुश्ती प्रतियोगिता व अखिल भारतीय विश्वविद्यालय खेलो में कांस्य पदक जीता था। पहलवान कविता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ने को आतुर है।
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पहलवान कविता ने बताया कि वह करीब आठ वर्ष से कुश्ती के गुर सीख रही है। उसके पिता राजकुमार अपने क्षेत्र में सब्जी का कारोबार करते हैं। पिता का सपना है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतकर परिवार का मान बढ़ाए। पिता राजकुमार ने कविता को दाखिला महज 12 वर्ष की आयु में ही अकादमी में करवा दिया था। कविता ने बताया कि उनकी पसंदीदा पहलवान एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता विनेश फोगाट है। वह अपनी पसंदीदा पहलवान की ही भांति देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पदक लाना चाहती है। अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षक एवं अकादमी संचालक कुलदीप मलिक ने बताया कि कविता बहुत मेहनती व जुझारू पहलवान है। वह अपने देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य को लेकर प्रतिदिन कड़ा अभ्यास करती है।
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यह हैं उपलब्धियां
पहलवान कविता ने वर्ष 2020 में हुई अंडर 15 कुश्ती प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था। वर्ष 2021 में कैडेट सब जूनियर कुश्ती प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था। वहीं इस साल राष्ट्रीय सीनियर कुश्ती प्रतियोगिता व अखिल भारतीय विश्वविद्यालय खेलो में कांस्य पदक जीता था। पहलवान कविता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ने को आतुर है।
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