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Sonipat News: 2 करोड़ रुपये से 95 गांवों में स्थापित होंगे ओपन जिम, स्टांप ड्यूटी के मिलेंगे 4 करोड़ रुपये
Fri, 09 Feb 2024 02:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 09 Feb 2024 02:05 AM IST
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सोनीपत के डीआरडीए हॉल में बैठक के दौरान राम मंदिर निर्माण के लिए बलिदान देने वाले लोगों की आत्म
सोनीपत। जिला परिषद ने ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पहल की है। शहर की तर्ज पर अब गांवों में ओपन जिम की व्यवस्था की जाएगी। पहले चरण में 95 ग्राम पंचायतों में ओपन जिम स्थापित किए जाएंगे। इस पर जिला परिषद 2 करोड़ रुपये खर्च करेगी। यह जानकारी जिला परिषद की वीरवार को हुई बैठक में जिला परिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुशील मलिक ने दी।
उन्होंने कहा कि ओपन जिम में फिटनेस के लिए कई उपकरण लगाए जाएंगे। कहा कि गांवों के विकास के लिए जल्द ही जिला परिषद को राजस्व विभाग की ओर से 4 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के डीआरडीए हॉल में हुई जिला परिषद की बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद की चेयरपर्सन मोनिका दहिया ने की। वाइस चेयरपर्सन कल्पना भी मौजूद थीं। इस दौरान जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने गांवों के विकास के लिए जिला प्लान कमेटी (डीपीसी) का गठन करने की मांग की। उनका कहना था कि कांग्रेस सरकार में जिला पार्षदों को गांवों के विकास के लिए हर साल अलग से 10-10 लाख रुपये दिए जाते थे। भाजपा सरकार की ओर से अलग से कोई बजट जारी नहीं किया गया है। इस पर उन्होंने सरकार के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की जिसपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुशील मलिक ने उन्हें मर्यादा में अपनी समस्या रखने की बात कही।
आबकारी विभाग से मिलने वाला शेयर बंद होने पर की निंदा
शराब ठेकों पर बिकने वाली हर बोतल पर पहले गांव व शहर के विकास कार्य के लिए शेयर मिलता था। यह शेयर आबकारी विभाग के जरिये पंचायत के पास आता था। अब इस शेयर को बंद किया जा चुका है। जिला पार्षदों ने इसे फिर से शुरू करने की मांग की है। साथ ही निगम पार्षदों की तर्ज पर जिला पार्षदों का मानदेय 15 हजार रुपये करने की मांग की। जनवरी में जिला पार्षदों का मानदेय 3 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये किया गया है। इस पर जिला पार्षदों ने रोष जताते हुए कहा कि उनका क्षेत्र नगर व निगम पार्षदों से बड़ा है, फिर भी उनका मानदेय उनसे आधा भी नहीं है।
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राममंदिर के लिए बलिदान देने वालों को दी श्रद्धांजलि
मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों के लिए 31 मार्च तक बजट खर्च होना है। इसके बाद यह बजट लैप्स हो जाएगा। सीईओ ने पार्षदों से अपने-अपने कार्यों की सूची मांगी है। साथ ही उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण करने पर प्रधानमंत्री कार्यालय में धन्यवाद पत्र भेजे जाने के बारे में बताया। चेयरपर्सन मोनिका दहिया ने उस पत्र को पढ़कर सुनाया। इस दौरान जिला पार्षदों व अधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर मंदिर निर्माण के लिए बलिदान देने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने हर सीएचसी व पीएचसी पर अल्ट्रासाउंड मशीन व एक्स रे मशीन मुहैया कराने की मांग की।
जिला पार्षदों ने विकास को लेकर उठाए सवाल
जिला पार्षद संत कुमार ने नांदनौर में स्टेडियम का निर्माण न होने का मुद्दा उठाया। इस पर सीईओ डाॅ. सुशील मलिक ने कहा कि स्टेडियम के निर्माण के लिए टेंडर आवंटित हो चुका है। हर ब्लॉक पर प्लास्टिक दाना मशीन का प्लांट लगाने की बात पर जिला पार्षद कविता शर्मा ने हसनपुर में लगने वाले प्लांट को लेकर सवाल उठाए। वहां के ग्रामीण उस प्लांट का विरोध कर चुके हैं, लेकिन जिला परिषद के अधिकारी उन्हें संतुष्ट नहीं कर पाए हैं। जिला पार्षद राकेश कुमार ने गांवों के विकास के लिए बराबर ग्रांट की मांग की। उन्होंने कहा कि मेरे वार्ड के गांव खेड़ी मनाजात, झिंझौली, माजरा व कई अन्य गांवों में अब तक विकास के लिए कोई ईंट तक नहीं लगी।
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उन्होंने कहा कि ओपन जिम में फिटनेस के लिए कई उपकरण लगाए जाएंगे। कहा कि गांवों के विकास के लिए जल्द ही जिला परिषद को राजस्व विभाग की ओर से 4 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के डीआरडीए हॉल में हुई जिला परिषद की बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद की चेयरपर्सन मोनिका दहिया ने की। वाइस चेयरपर्सन कल्पना भी मौजूद थीं। इस दौरान जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने गांवों के विकास के लिए जिला प्लान कमेटी (डीपीसी) का गठन करने की मांग की। उनका कहना था कि कांग्रेस सरकार में जिला पार्षदों को गांवों के विकास के लिए हर साल अलग से 10-10 लाख रुपये दिए जाते थे। भाजपा सरकार की ओर से अलग से कोई बजट जारी नहीं किया गया है। इस पर उन्होंने सरकार के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की जिसपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुशील मलिक ने उन्हें मर्यादा में अपनी समस्या रखने की बात कही।
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आबकारी विभाग से मिलने वाला शेयर बंद होने पर की निंदा
शराब ठेकों पर बिकने वाली हर बोतल पर पहले गांव व शहर के विकास कार्य के लिए शेयर मिलता था। यह शेयर आबकारी विभाग के जरिये पंचायत के पास आता था। अब इस शेयर को बंद किया जा चुका है। जिला पार्षदों ने इसे फिर से शुरू करने की मांग की है। साथ ही निगम पार्षदों की तर्ज पर जिला पार्षदों का मानदेय 15 हजार रुपये करने की मांग की। जनवरी में जिला पार्षदों का मानदेय 3 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये किया गया है। इस पर जिला पार्षदों ने रोष जताते हुए कहा कि उनका क्षेत्र नगर व निगम पार्षदों से बड़ा है, फिर भी उनका मानदेय उनसे आधा भी नहीं है।
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राममंदिर के लिए बलिदान देने वालों को दी श्रद्धांजलि
मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों के लिए 31 मार्च तक बजट खर्च होना है। इसके बाद यह बजट लैप्स हो जाएगा। सीईओ ने पार्षदों से अपने-अपने कार्यों की सूची मांगी है। साथ ही उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण करने पर प्रधानमंत्री कार्यालय में धन्यवाद पत्र भेजे जाने के बारे में बताया। चेयरपर्सन मोनिका दहिया ने उस पत्र को पढ़कर सुनाया। इस दौरान जिला पार्षदों व अधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर मंदिर निर्माण के लिए बलिदान देने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने हर सीएचसी व पीएचसी पर अल्ट्रासाउंड मशीन व एक्स रे मशीन मुहैया कराने की मांग की।
जिला पार्षदों ने विकास को लेकर उठाए सवाल
जिला पार्षद संत कुमार ने नांदनौर में स्टेडियम का निर्माण न होने का मुद्दा उठाया। इस पर सीईओ डाॅ. सुशील मलिक ने कहा कि स्टेडियम के निर्माण के लिए टेंडर आवंटित हो चुका है। हर ब्लॉक पर प्लास्टिक दाना मशीन का प्लांट लगाने की बात पर जिला पार्षद कविता शर्मा ने हसनपुर में लगने वाले प्लांट को लेकर सवाल उठाए। वहां के ग्रामीण उस प्लांट का विरोध कर चुके हैं, लेकिन जिला परिषद के अधिकारी उन्हें संतुष्ट नहीं कर पाए हैं। जिला पार्षद राकेश कुमार ने गांवों के विकास के लिए बराबर ग्रांट की मांग की। उन्होंने कहा कि मेरे वार्ड के गांव खेड़ी मनाजात, झिंझौली, माजरा व कई अन्य गांवों में अब तक विकास के लिए कोई ईंट तक नहीं लगी।