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नगर गांव के स्कूल में 12वीं में केवल एक विद्यार्थी पास हुआ, हलालपुर व कतलूपुर के स्कूल में 10वीं में सभी फेल

Wed, 29 Jul 2020 12:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2020 12:39 AM IST
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Only one student passed in 12th in Nagar village school, all failed in 10th in Halalpur and Katalupur schools
Only one student passed in 12th in Nagar village school, all failed in 10th in Halalpur and Katalupur schools
सोनीपत। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के 12वीं के परीक्षा परिणाम में जहां जिला सबसे फिसड्डी रहा, वहीं 10वीं का परीक्षा परिणाम भी ज्यादा अच्छा नहीं रहा। जिले के कई स्कूलों के हालात काफी खराब हैं और नगर गांव के स्कूल में 12वीं में एक विद्यार्थी तो 10वीं में केवल 4 पास हुए हैं। राई में हलालपुर के राजकीय विद्यालय ब्वायज व कतलूपुर के स्कूल की हालत इतनी खराब है कि वहां एक भी विद्यार्थी पास नहीं हो सका। यह केवल चंद उदाहरण हैं, बल्कि जिले के अधिकतर स्कूलों का जिस तरह से परीक्षा परिणाम आया है। उसको देखकर नहीं लग रहा है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षक सही से पढ़ाई करा रहे हैं या विद्यार्थी स्कूलों में पढ़ने के लिए जा रहे हैं। अब कोरोना के दौर में पढ़ाई ज्यादा प्रभावित हो रही है तो जिले में शिक्षा की स्थिति सुधारने के लिए हालात सामान्य होने पर शिक्षकों को ज्यादा मेहनत करनी होगी।
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12वीं में कोई स्कूल रहा फिसड्डी तो किसी का शत प्रतिशत परिणाम
गन्नौर ब्लॉक में 12वीं के परीक्षा परिणाम में सबसे फिसड्डी राजलूगढ़ी का स्कूल रहा, जहां के 21 में केवल 6 विद्यार्थी पास हुए। तेवड़ी के स्कूल में 14 विद्यार्थियों में चार पास हुए तो खेड़ी गुज्जर के 142 बच्चों में 50 पास हुए। यहां गुमड़ के स्कूल का परीक्षा परिणाम सबसे अच्छा रहा, जहां के 34 विद्यार्थियों में 31 पास हुए। गोहाना ब्लॉक के नगर गांव के स्कूल की हालत सबसे खराब रही, जहां 8 विद्यार्थियों में केवल एक ही पास हुआ। बड़ौता गांव के स्कूल में 68 विद्यार्थियों में 14, भैंसवाल कलां के स्कूल में 34 विद्यार्थियों में 7, खेड़ी दमकन में 25 विद्यार्थियों में 11 पास हुए। इस ब्लॉक के तिहाड़ मलिक स्कूल का परीक्षा परिणाम सबसे अच्छा रहा, जहां 32 विद्यार्थियों में 31 पास हुए। राई ब्लॉक में सबसे कम परीक्षा परिणाम गढ़ी बाला के स्कूल का रहा, जहां 31 विद्यार्थियों में केवल 9 पास हुए तो इस ब्लॉक में राठधना के स्कूल का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा। कथूरा ब्लॉक में सबसे कम परीक्षा परिणाम रिंढाणा के स्कूल का रहा, जहां 66 विद्यार्थियों में केवल 14 पास हुए तो इस ब्लॉक में कथूरा स्कूल का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा। खरखौदा ब्लॉक में सबसे खराब परीक्षा परिणाम सिसाना के स्कूल का रहा, जहां 25 विद्यार्थियों में केवल 4 पास हुए तो इस ब्लॉक में सबसे बेहतर किढ़ौली के स्कूल का 18 विद्यार्थियों में 17 पास होने पर रहा है।
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10वीं में राजकीय स्कूल ब्वायज हलालपुर व कतलूपुर का एक भी विद्यार्थियों पास नहीं
10वीं के परीक्षा परिणाम में सोनीपत ब्लॉक में सबसे फिसड्डी रायपुर स्कूल रहा, जिसमें 24 विद्यार्थियों में केवल 6 पास हुए तो हुल्लाहेड़ी स्कूल का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा। खरखौदा ब्लॉक में गढ़ी सिसाना के स्कूल की सबसे खराब हालत रही, जहां 38 विद्यार्थियों में केवल 4 पास हुए तो खरखौदा के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 137 विद्यार्थियों में केवल 15 ही पास हुए। इस ब्लॉक में नकलोई स्कूल व खांडा स्कूल का परीक्षा परिणाम सबसे बेहतर रहा। गन्नौर ब्लॉक के तेवड़ी स्कूल में 34 विद्यार्थियों में 8 पास हुए तो इस ब्लॉक में शाहपुर तगा स्कूल के सबसे ज्यादा 31 विद्यार्थियों में 27 पास हुए। मुंडलाना ब्लॉक में जागसी का राजकीय कन्या स्कूल सबसे फिसड्डी रहा, जहां 15 विद्यार्थियों में केवल एक ही पास हुआ तो छतेहरा स्कूल में 40 विद्यार्थियों में 37 पास हुए। कथूरा ब्लॉक के ठसका स्कूल में 37 विद्यार्थियों में केवल 6 पास हुए तो भंडेरी स्कूल का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा। गोहाना ब्लॉक के नगर गांव के स्कूल में 32 विद्यार्थियों में केवल 4 पास हुए तो इस ब्लॉक में बली ब्राह्मणान व तिहाड़ मलिक का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा। राई ब्लॉक के राजकीय स्कूल हलालपुर व कतलूपुर के बुरे हालात है, जहां एक भी विद्यार्थियों पास नहीं हुआ है। इस ब्लॉक में सबसे बेहतर परीक्षा परिणाम सबौली के स्कूल का रहा, जहां 41 विद्यार्थियों में 37 पास हुए।
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जिले में कुछ स्कूलों का परीक्षा परिणाम देखकर यह कहा जा सकता है कि वहां की स्थिति ठीक नहीं है। इसमें शिक्षक की कमी रही है या विद्यार्थी पढ़ना चाहते हैं व संसाधन को लेकर कोई परेशानी तो नहीं है। इन सभी को दिखवाया जा रहा है, जिससे वहां की स्थिति को सुधारकर बेहतर पढ़ाई का माहौल बनाया जा सके।
-जोगेंद्र हुड्डा, डीईओ
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