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Sonipat News: अब महिला मेडिकल कॉलेज में ही मरीजों को मिलेगा नया जीवन, बनेगी ऑर्गन ट्रांसप्लांट लैब

Mon, 01 Jul 2024 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Mon, 01 Jul 2024 12:12 AM IST
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Now patients will get new life in Women's Medical College itself, Organ Transplant Lab will be built.
संदीप कुमार
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गोहाना (सोनीपत)। खानपुर कलां गांव स्थित भगत फूल सिंह (बीपीएस) महिला मेडिकल कॉलेज में जल्द ही ऑर्गन ट्रांसप्लांट की सुविधा मिलेगी। मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. जगदीश चंद्र दुरेजा ने इसका प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही कॉलेज में ऑर्गन ट्रांसप्लांट लैब शुरू हो जाएगी। इसके बाद लोगों को ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए चंडीगढ़ या दिल्ली की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. जगदीश चंद्र दुरेजा ने बताया है कि संस्थान में ऑर्गन ट्रांसप्लांट लैब शुरू करने पर काम किया जा रहा है। लैब शुरू होने के बाद मरीजों को लिवर, किडनी, हार्ट, रेटिना ट्रांसप्लांट आदि की सुविधा यहीं मिलेगी। मेडिकल कॉलेज में मृतक के परिजनों की अनुमति से अंगदान किए जाएंगे। इससे अंग प्राप्त करने वाले को नया जीवन मिल सकेगा।
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36 से 72 घंटे तक काम जारी रख सकते हैं अंग
मृत्यु के बाद अंगदान की समय सीमा होती है। मृत व्यक्ति के अंग मृत्यु के बाद 36 से 72 घंटे तक काम करना जारी रख सकते हैं। बशर्ते उन्हें वेंटिलेशन, अंतःशिरा तरल पदार्थ और ऑक्सीजन जैसे सहायक उपायों पर रखा गया हो। अंगदान के बाद जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सक आधे घंटे तक गुर्दे, 4-6 घंटे तक हृदय एवं फेफड़े, 6 घंटे तक आंत, 6 घंटे तक अग्न्याशय दान कर सकते हैं। चिकित्सकों के अनुसार जितनी जल्द मृत शरीर से अंग निकाल लिए जाएं, उतने ही फायदेमंद होते हैं।
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कौन कर सकता है अंगदान
किसी हादसे के बाद जब रोगी का मस्तिष्क मृत हो जाता है और सांस भी बंद हो जाती है। उसके बाद भी उनका हृदय और अन्य अंग वेंटिलेटर, अंतःशिरा तरल पदार्थ और ऑक्सीजन की सहायता से कार्यशील रह सकते हैं। ऐसे व्यक्ति के परिजनों की काउंसिलिंग की जाती है। फिर उनकी सहमति से अंगदान कराए जाते हैं। मस्तिष्क मृत दाता के 37 विभिन्न अंग और ऊतक दान किए जा सकते हैं। मृत अंगदाता बिना किसी आयु सीमा के अंगदान कर सकता है, जबकि जीवित अंग दाता की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। हालांकि, छोटे बच्चों (18 वर्ष के कम) में अंगदान के लिए उनके माता-पिता की सहमति अनिवार्य है।




वर्जन-
-मेडिकल कॉलेज में आर्गन ट्रांसप्लांट लैब की मंजूरी के लिए मुख्यालय से मांग की गई है। अब अनुमति का इंतजार किया जा रहा है। मंजूरी मिलने के बाद औपचारिकताएं पूरी की जाएगी।
-डॉ. जगदीश चंद्र दुरेजा, निदेशक, बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां
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