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आंदोलन में किसानों की मौत की जानकारी तक नहीं और लखबीर के परिवार को मुआवजा देने की तैयारी : एसकेएम

Thu, 28 Oct 2021 01:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 28 Oct 2021 01:06 AM IST
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Not even knowing about the death of farmers in the agitation and preparing to pay compensation to Lakhbir's family: SKM
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने कहा कि पीड़ित लखबीर सिंह के परिवार को केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार मुआवजा देनी की तैयारी में है। यह वही सरकारें हैं, जिनका पहले दावा रहा है कि उनके पास आंदोलन में हुई मौतों की कोई जानकारी या रिकॉर्ड नहीं है। एसकेएम पहले ही कह चुका है कि इस मामले में किसान आंदोलन को बदनाम करने और उसे हिंसा में फंसाने की गहरी साजिश दिखाई देती है। सच्चाई सामने लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की जानी चाहिए।
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संयुक्त किसान मोर्चा समन्वय समिति के सदस्य डॉ. दर्शन पाल सिंह ने बुधवार को कहा कि लखबीर सिंह मामले में एसकेएम पहले ही दिन से किसान आंदोलन को बदनाम करने और हिंसा फैलाने की साजिश की आशंका जताता आ रहा है। जानकारियां मिल रही हैं कि अब केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार पीड़ित लखबीर सिंह के परिवार को मुआवजा देने की तैयारी में है। जब-जब आंदोलन में हुई किसानों की मौतों का मामला उठा तो सरकार ने पल्ला झाड़ लिया। उनकी मांग है कि इस मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराई जाए।
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एसकेएम ने कहा कि लखीमपुर खीरी हत्याकांड मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी भाजपा कार्यकर्ता सुमित जायसवाल द्वारा दर्ज कराई गई काउंटर प्राथमिकी के आधार पर कल दो किसानों को गिरफ्तार किया गया। सुमित किसानों को कुचलने वाली थार जीप से उतरकर भागता नजर आ रहा था। किसानों की ओर से प्राथमिकी दर्ज होने के कुछ घंटों बाद उनकी प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जहां शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव के झूठे आरोप लगाए गए थे। कथित तौर पर जांच टीम मामले में और किसानों को फंसाने का षड्यंत्र कर रही है। मारे गए पत्रकार रमन कश्यप के परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस उनकी मौत के लिए किसानों पर आरोप लगाने की कोशिश कर रही है। यह स्पष्ट है कि घटना के लिए किसानों को दोषी ठहराने के लिए जांच टीम और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी की तरफ से प्रयास किए जा रहे हैं। एसकेएम किसानों की गिरफ्तारी की निंदा करता है और उनकी रिहाई की मांग करता है। इतना ही नहीं इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी जांच की मांग दोहराता है।
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किसान आंदोलन के समर्थन में 30 अक्तूबर को ग्लासगो में प्रदर्शन
एसकेएम ने कहा कि बैठक में भाग लेने के लिए पीएम मोदी की ग्लासगो यात्रा के दौरान भारतीय प्रवासियों ने विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। 30 अक्तूबर को ग्लासगो के जॉर्ज स्क्वायर में लोग भारत में 11 माह से चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन करेंगे। किसान आंदोलन को विदेशों में रह रहे भारतीय समुदाय का भारी समर्थन मिला है।
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