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Sonipat News: निफ्टम बिहार में टेक होम योजना के सुदृढ़ीकरण में देगा सहयोग
Thu, 11 Jul 2024 06:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 11 Jul 2024 06:26 AM IST
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सोनीपत के कुंडली स्थित राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टम) मे
राई। राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टम) कुंडली बिहार के तीन जिलों में एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के लाभार्भियों के लिए संचालित टेक होम योजना (टीएचआर) के सुदृढ़ीकरण में सहयोग करेगा। इनमें बिहार के जिला बोधगया, खगड़िया व मुजफ्फरपुर को शामिल किया गया है।
निफ्टम ग्लोबल अलायंस ऑफ इंम्प्रूवड न्यूट्रीशन, निदान व बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसायटी (जीविका) के साथ मिलकर पांच विकेंद्रीकृत उत्पादन इकाइयों में आईसीडीएस लाभार्थियों के लिए योजना अनुकूलित करने में मदद करेगा। निफ्टम के निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबरॉय ने कहा कि यह महत्वपूर्ण व नेक कार्य है। संस्थान की ओर से उन्नत खाद्य प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने व परियोजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर मार्गदर्शन व सहयोग किया जाएगा। बिहार में पोषण संबंधी परिणामों व आजीविका में सुधार के लिए टीएचआर के अलावा सुरक्षित, पौष्टिक, स्वादिष्ट व स्वस्थ खाद्य उत्पादों को विकसित करने में सहायता की जाएगी। इस कार्य में निफ्टम के छात्र एक प्रशिक्षु के रूप में अपना योगदान दे सकते हैं। योजना के क्रियान्वयन के लिए निफ्टम की रिसर्च एंड आउटरीच डीन डॉ. कोमल चौहान, परियोजना प्रमुख अन्वेषक जेविट्स, जीएआईएन, जयराज राजेंद्रन, एशिया परियोजना समन्वयक ग्लोबल अलायंस के प्रतिनिधि राकेश, दीपक व भारती ने मुजफ्फरपुर व बोधगया की विकेंद्रीकृत उत्पादन इकाइयों का दौरा कर योजना से जुड़े शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। डॉ. कोमल चौहान ने बताया कि बच्चों, किशोरियों, गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं की पोषण स्थिति में सुधार के लिए सूक्ष्म पोषक तत्व युक्त खाद्य उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया जाएगा। इन इकाइयों का पुनर्मूल्यांकन करने व मूल्यवर्धित उत्पादों की उपभोक्ता स्वीकार्यता के लिए बाजार मूल्यांकन करने के लिए तीन जिलों में फील्ड स्तर पर जांचकर्ता नियुक्त किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जीविका के साथ निफ्टम की साझेदारी व सहयोग से न केवल बड़े पैमाने पर खाद्य सुदृढ़ीकरण के लिए कार्यबल का निर्माण होगा, बल्कि उनकी आजीविका में सुधार होने के साथ कौशल में भी वृद्धि होगी।
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निफ्टम ग्लोबल अलायंस ऑफ इंम्प्रूवड न्यूट्रीशन, निदान व बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसायटी (जीविका) के साथ मिलकर पांच विकेंद्रीकृत उत्पादन इकाइयों में आईसीडीएस लाभार्थियों के लिए योजना अनुकूलित करने में मदद करेगा। निफ्टम के निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबरॉय ने कहा कि यह महत्वपूर्ण व नेक कार्य है। संस्थान की ओर से उन्नत खाद्य प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने व परियोजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर मार्गदर्शन व सहयोग किया जाएगा। बिहार में पोषण संबंधी परिणामों व आजीविका में सुधार के लिए टीएचआर के अलावा सुरक्षित, पौष्टिक, स्वादिष्ट व स्वस्थ खाद्य उत्पादों को विकसित करने में सहायता की जाएगी। इस कार्य में निफ्टम के छात्र एक प्रशिक्षु के रूप में अपना योगदान दे सकते हैं। योजना के क्रियान्वयन के लिए निफ्टम की रिसर्च एंड आउटरीच डीन डॉ. कोमल चौहान, परियोजना प्रमुख अन्वेषक जेविट्स, जीएआईएन, जयराज राजेंद्रन, एशिया परियोजना समन्वयक ग्लोबल अलायंस के प्रतिनिधि राकेश, दीपक व भारती ने मुजफ्फरपुर व बोधगया की विकेंद्रीकृत उत्पादन इकाइयों का दौरा कर योजना से जुड़े शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। डॉ. कोमल चौहान ने बताया कि बच्चों, किशोरियों, गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं की पोषण स्थिति में सुधार के लिए सूक्ष्म पोषक तत्व युक्त खाद्य उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया जाएगा। इन इकाइयों का पुनर्मूल्यांकन करने व मूल्यवर्धित उत्पादों की उपभोक्ता स्वीकार्यता के लिए बाजार मूल्यांकन करने के लिए तीन जिलों में फील्ड स्तर पर जांचकर्ता नियुक्त किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जीविका के साथ निफ्टम की साझेदारी व सहयोग से न केवल बड़े पैमाने पर खाद्य सुदृढ़ीकरण के लिए कार्यबल का निर्माण होगा, बल्कि उनकी आजीविका में सुधार होने के साथ कौशल में भी वृद्धि होगी।
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