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सोनीपत में लगा ऑक्सीजन प्लांट बना नजीर, सीएम सिटी समेत अन्य जिलों में लगाए जाएंगे प्लांट
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कोरोना ने जहां कहर बरपाया हुआ है, वहीं ऑक्सीजन की किल्लत होने से हालात ज्यादा खराब है। इस बीच ऑक्सीजन को लेकर कुछ राहत मिलती दिख रही है, क्योंकि नागरिक अस्पताल व मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने शुरू कर दिए गए है। जिसके लिए सोनीपत के नागरिक अस्पताल में लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट नजीर बना है। एक साल पहले सामान आने के बाद भी प्लांट नहीं लगाया गया तो एक प्रोफेसर ने उसे लगाने का बीड़ा उठाया। उनकी मेहनत अब रंग लाती दिख रही है। सोनीपत के बाद सीएम सिटी करनाल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। वहां भी तीन दिन में प्लांट लगा दिया जाएगा। उसके बाद अन्य जिलों में प्लांट लगाया जाएगा। जिससे प्रदेश में ऑक्सीजन की किल्लत खत्म हो जाएगी।
कोरोना संक्रमण पिछले साल जब बढ़ने शुरू हुआ तो मरीजों को ऑक्सीजन की सबसे ज्यादा जरूरत थी। ऐसे में इसकी किल्लत नहीं हो, उसके लिए प्रदेश के अधिकतर अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए करीब एक करोड़ रुपये के उपकरण मंगवाए गए थे। लेकिन कोरोना संक्रमण कम होने के बाद प्लांट लगाने पर ध्यान नहीं दिया गया। पिछले एक साल से उपकरण अस्पतालों में रखे हुए थे। सोनीपत के नागरिक अस्पताल में मशीनों को रखा हुआ देखकर गेटवे इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रोफेसर जोगेंद्र सिंह ने ऑक्सीजन प्लांट लगाकर शुरू करने का बीड़ा उठाया। उसके लिए प्रोफेसर ने अपनी जेब से लाखों रुपये खर्च करके सामान खरीदा और तीन दिन तक मेहनत करके प्लांट लगा दिया। इस प्लांट से प्रतिदिन 40 सिलिंडर ऑक्सीजन तैयार होगी। उससे अस्पताल को काफी राहत मिली है। यह प्रदेश का पहला ऑक्सीजन प्लांट है, जिसका सीएम मनोहर लाल को पता चला तो उन्होंने रविवार को मेडिकल कॉलेज में निरीक्षण के दौरान प्रोफेसर जोगेंद्र सिंह को बुलवा लिया। सीएम ने प्रोफेसर से इस तरह के प्लांट अन्य जिलों में लगाने का आग्रह किया, जिसके लिए प्रोफेसर तैयार हो गए। प्रोफेसर जोगेंद्र ने बताया कि अब करनाल में अगले तीन-चार दिन में 200 एलपीएम का प्लांट लगा दिया जाएगा। उससे भी 40 सिलिंडर ऑक्सीजन मिलेगी। उसके बाद पानीपत में प्लांट लगाया जाएगा। इस तरह ही अन्य जिलों में प्लांट लगाए जाएंगे।
अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने का पता चलने पर सीएम ने उसको लेकर बातचीत की और करनाल में इस तरह का प्लांट लगाने के लिए कहा था। जिस पर मैंने करनाल में आकर काम शुरू कर दिया है। यहां के बाद अन्य जिलों में इस तरह के प्लांट लगाए जाएंगे। इस कोरोना काल में जितना भी सहयोग मैं कर सकता हूं, उतना करके कोरोना की लड़ाई में अपना सहयोग दूंगा। -जोगेंद्र सिंह, प्रोफेसर गेटवे इंजीनियरिंग कॉलेज।
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कोरोना संक्रमण पिछले साल जब बढ़ने शुरू हुआ तो मरीजों को ऑक्सीजन की सबसे ज्यादा जरूरत थी। ऐसे में इसकी किल्लत नहीं हो, उसके लिए प्रदेश के अधिकतर अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए करीब एक करोड़ रुपये के उपकरण मंगवाए गए थे। लेकिन कोरोना संक्रमण कम होने के बाद प्लांट लगाने पर ध्यान नहीं दिया गया। पिछले एक साल से उपकरण अस्पतालों में रखे हुए थे। सोनीपत के नागरिक अस्पताल में मशीनों को रखा हुआ देखकर गेटवे इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रोफेसर जोगेंद्र सिंह ने ऑक्सीजन प्लांट लगाकर शुरू करने का बीड़ा उठाया। उसके लिए प्रोफेसर ने अपनी जेब से लाखों रुपये खर्च करके सामान खरीदा और तीन दिन तक मेहनत करके प्लांट लगा दिया। इस प्लांट से प्रतिदिन 40 सिलिंडर ऑक्सीजन तैयार होगी। उससे अस्पताल को काफी राहत मिली है। यह प्रदेश का पहला ऑक्सीजन प्लांट है, जिसका सीएम मनोहर लाल को पता चला तो उन्होंने रविवार को मेडिकल कॉलेज में निरीक्षण के दौरान प्रोफेसर जोगेंद्र सिंह को बुलवा लिया। सीएम ने प्रोफेसर से इस तरह के प्लांट अन्य जिलों में लगाने का आग्रह किया, जिसके लिए प्रोफेसर तैयार हो गए। प्रोफेसर जोगेंद्र ने बताया कि अब करनाल में अगले तीन-चार दिन में 200 एलपीएम का प्लांट लगा दिया जाएगा। उससे भी 40 सिलिंडर ऑक्सीजन मिलेगी। उसके बाद पानीपत में प्लांट लगाया जाएगा। इस तरह ही अन्य जिलों में प्लांट लगाए जाएंगे।
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अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने का पता चलने पर सीएम ने उसको लेकर बातचीत की और करनाल में इस तरह का प्लांट लगाने के लिए कहा था। जिस पर मैंने करनाल में आकर काम शुरू कर दिया है। यहां के बाद अन्य जिलों में इस तरह के प्लांट लगाए जाएंगे। इस कोरोना काल में जितना भी सहयोग मैं कर सकता हूं, उतना करके कोरोना की लड़ाई में अपना सहयोग दूंगा। -जोगेंद्र सिंह, प्रोफेसर गेटवे इंजीनियरिंग कॉलेज।
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