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स्टेट 2 : लोकनृत्य में प्रदेश में प्रथम आईं राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता अंजू दहिया
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- 18 साल से रसायन विज्ञान पढ़ाने के साथ हरियाणवी संस्कृति को दे रहीं बढ़ावा, विद्यार्थियों को नवाचार से सिखाती हैं विज्ञान
फाेटो 18: राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता अंजू दहिया
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। सेक्टर-23 निवासी और गांव भठगांव स्थित राजकीय कन्या विद्यालय की रसायन विज्ञान शिक्षिका अंजू दहिया ने एक बार फिर जिले का नाम रोशन किया है। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से 27-28 अक्तूबर को करनाल में आयोजित राज्यस्तरीय शिक्षक रंगोत्सव प्रतियोगिता में उन्होंने एकल लोकनृत्य स्पर्धा में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। मंच पर अभिनय और लोकनृत्य के माध्यम से हरियाणवी संस्कृति की छटा बिखेरने वाली अंजू दहिया को इससे पहले शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
अंजू दहिया 18 वर्ष से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। रसायन विज्ञान जैसे विषय को आसान बनाने के लिए वह खेल, कविता, प्रश्नोत्तरी और प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों का सहारा लेती हैं। बचपन से ही पढ़ाई के साथ अभिनय और सांस्कृतिक गतिविधियों में रुचि रखने वाली अंजू छात्राओं को भी मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर देती हैं। उनका प्रयास ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित कर उनका भविष्य संवारना है।
राष्ट्रपति से मिल चुका है राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार
शिक्षण और नवाचार के क्षेत्र में योगदान के लिए अंजू दहिया को सितंबर 2022 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया था। वर्ष 2022 में वह 15 दिन तक उज्बेकिस्तान में भी रहीं, जहां उन्होंने भारतीय शिक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी साझा की और शोध पत्र प्रस्तुत किया। इसके अलावा चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय में आयोजित आईआईएसएफ-2025 की गुरुकुल शिक्षक एवं शिक्षक कार्यशाला में भी उनका प्रतिभागी के रूप में चयन हुआ था।
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वर्ष 2025 में मुंबई स्थित होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र में आयोजित रसायन विज्ञान ओलंपियाड प्रदर्शन शिविर से उन्होंने आधुनिक प्रशिक्षण विधियों की जानकारी हासिल की। इसका उपयोग वह विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने में कर रही हैं। उनके अनुसार, विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है।
विद्यार्थियों को बेहतर अवसर दिलाने के लिए उनके प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। वर्ष 2024 में उनके मार्गदर्शन में आठ विद्यार्थियों ने विज्ञान ड्रामा प्रतियोगिता में जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया। उन्होंने वर्ष 2024 में 20 और वर्ष 2025 में 17 विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। अंजू दहिया का मानना है कि पढ़ाई को गतिविधियों से जोड़ने और विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार सिखाने से कठिन विषय भी सहज हो जाते हैं।
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फाेटो 18: राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता अंजू दहिया
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। सेक्टर-23 निवासी और गांव भठगांव स्थित राजकीय कन्या विद्यालय की रसायन विज्ञान शिक्षिका अंजू दहिया ने एक बार फिर जिले का नाम रोशन किया है। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से 27-28 अक्तूबर को करनाल में आयोजित राज्यस्तरीय शिक्षक रंगोत्सव प्रतियोगिता में उन्होंने एकल लोकनृत्य स्पर्धा में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। मंच पर अभिनय और लोकनृत्य के माध्यम से हरियाणवी संस्कृति की छटा बिखेरने वाली अंजू दहिया को इससे पहले शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
अंजू दहिया 18 वर्ष से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। रसायन विज्ञान जैसे विषय को आसान बनाने के लिए वह खेल, कविता, प्रश्नोत्तरी और प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों का सहारा लेती हैं। बचपन से ही पढ़ाई के साथ अभिनय और सांस्कृतिक गतिविधियों में रुचि रखने वाली अंजू छात्राओं को भी मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर देती हैं। उनका प्रयास ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित कर उनका भविष्य संवारना है।
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राष्ट्रपति से मिल चुका है राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार
शिक्षण और नवाचार के क्षेत्र में योगदान के लिए अंजू दहिया को सितंबर 2022 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया था। वर्ष 2022 में वह 15 दिन तक उज्बेकिस्तान में भी रहीं, जहां उन्होंने भारतीय शिक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी साझा की और शोध पत्र प्रस्तुत किया। इसके अलावा चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय में आयोजित आईआईएसएफ-2025 की गुरुकुल शिक्षक एवं शिक्षक कार्यशाला में भी उनका प्रतिभागी के रूप में चयन हुआ था।
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वर्ष 2025 में मुंबई स्थित होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र में आयोजित रसायन विज्ञान ओलंपियाड प्रदर्शन शिविर से उन्होंने आधुनिक प्रशिक्षण विधियों की जानकारी हासिल की। इसका उपयोग वह विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने में कर रही हैं। उनके अनुसार, विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है।
विद्यार्थियों को बेहतर अवसर दिलाने के लिए उनके प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। वर्ष 2024 में उनके मार्गदर्शन में आठ विद्यार्थियों ने विज्ञान ड्रामा प्रतियोगिता में जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया। उन्होंने वर्ष 2024 में 20 और वर्ष 2025 में 17 विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। अंजू दहिया का मानना है कि पढ़ाई को गतिविधियों से जोड़ने और विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार सिखाने से कठिन विषय भी सहज हो जाते हैं।