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Sonipat News: आईएमटी खरखौदा की प्यास बुझाएगा 57 एमएलडी शोधित पानी, प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे 103 करोड़ रुपये
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- पश्चिमी यमुना लिंक नहर से आएगा कच्चा पानी, केएमपी के समानांतर बिछेगी पाइपलाइन
- मारुति समेत बड़ी औद्योगिक इकाइयों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए तैयार हो रही व्यवस्था
- वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का 55 प्रतिशत निर्माण पूरा, 84 करोड़ रुपये से बनेगा संयंत्र
- अगले 10 साल तक संचालन और रखरखाव की योजना
फोटो :01: सोनीपत के आईएमटी खरखौदा में निर्माणाधीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। इंडस्ट्रियल माॅडल टाउनशिप (आईएमटी), खरखौदा में तेजी से बढ़ते औद्योगिक विस्तार के बीच पानी की जरूरत पूरी करने के लिए 103 करोड़ रुपये की लागत से स्थायी व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके तहत 57 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद औद्योगिक क्षेत्र में पानी की आपूर्ति को मजबूती मिलेगी और भविष्य में बढ़ने वाली मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। प्लांट का 55 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) की इस परियोजना में करीब 84 करोड़ रुपये वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण पर खर्च किए जाएंगे। वहीं, शेष 19.25 करोड़ रुपये अगले 10 वर्षों तक जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन और रखरखाव को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किए गए हैं। आईएमटी खरखौदा में पानी की आपूर्ति के लिए अब गुरुग्राम माइनर के स्थान पर पश्चिमी यमुना लिंक नहर से कच्चा पानी लाने की योजना है। इसके लिए करीब 27 क्यूसिक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। नहर से औद्योगिक क्षेत्र तक पानी पहुंचाने के लिए केएमपी एक्सप्रेसवे के समानांतर पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके बाद कच्चे पानी को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में शोधित कर औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचाया जाएगा।
मारुति समेत बड़ी परियोजनाओं से बढ़ेगी पानी की जरूरत
आईएमटी में मारुति सहित कई बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं के आने और मौजूदा इकाइयों के विस्तार से पानी की मांग बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए परियोजना की रूपरेखा तैयार करते समय केवल वर्तमान जरूरतों पर ही नहीं, बल्कि आगामी वर्षों की मांग पर भी ध्यान दिया गया है। 57 एमएलडी क्षमता वाले संयंत्र के साथ पानी के भंडारण और वितरण की व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएंगी, ताकि औद्योगिक इकाइयों को नियमित रूप से पानी उपलब्ध कराया जा सके।
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10 साल तक संचालन और रखरखाव पर भी रहेगा ध्यान
परियोजना में जल शोधन संयंत्र के निर्माण के साथ दीर्घकालीन संचालन और रखरखाव की व्यवस्था भी शामिल की गई है। इसके लिए अलग से बजट निर्धारित किया गया है। इससे जलापूर्ति व्यवस्था को लंबे समय तक सुचारु बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
55 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा
आईएमटी में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और भविष्य की जल जरूरतों को देखते हुए करीब 103 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना पर काम किया जा रहा है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का 55 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। परियोजना का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्र की बढ़ती मांग के अनुरूप पानी की आपूर्ति के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार करना है।
कुलबीर मलिक, वरिष्ठ प्रबंधक, एचएसआईआईडीसी
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- मारुति समेत बड़ी औद्योगिक इकाइयों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए तैयार हो रही व्यवस्था
- वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का 55 प्रतिशत निर्माण पूरा, 84 करोड़ रुपये से बनेगा संयंत्र
- अगले 10 साल तक संचालन और रखरखाव की योजना
फोटो :01: सोनीपत के आईएमटी खरखौदा में निर्माणाधीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। इंडस्ट्रियल माॅडल टाउनशिप (आईएमटी), खरखौदा में तेजी से बढ़ते औद्योगिक विस्तार के बीच पानी की जरूरत पूरी करने के लिए 103 करोड़ रुपये की लागत से स्थायी व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके तहत 57 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद औद्योगिक क्षेत्र में पानी की आपूर्ति को मजबूती मिलेगी और भविष्य में बढ़ने वाली मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। प्लांट का 55 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) की इस परियोजना में करीब 84 करोड़ रुपये वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण पर खर्च किए जाएंगे। वहीं, शेष 19.25 करोड़ रुपये अगले 10 वर्षों तक जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन और रखरखाव को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किए गए हैं। आईएमटी खरखौदा में पानी की आपूर्ति के लिए अब गुरुग्राम माइनर के स्थान पर पश्चिमी यमुना लिंक नहर से कच्चा पानी लाने की योजना है। इसके लिए करीब 27 क्यूसिक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। नहर से औद्योगिक क्षेत्र तक पानी पहुंचाने के लिए केएमपी एक्सप्रेसवे के समानांतर पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके बाद कच्चे पानी को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में शोधित कर औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचाया जाएगा।
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मारुति समेत बड़ी परियोजनाओं से बढ़ेगी पानी की जरूरत
आईएमटी में मारुति सहित कई बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं के आने और मौजूदा इकाइयों के विस्तार से पानी की मांग बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए परियोजना की रूपरेखा तैयार करते समय केवल वर्तमान जरूरतों पर ही नहीं, बल्कि आगामी वर्षों की मांग पर भी ध्यान दिया गया है। 57 एमएलडी क्षमता वाले संयंत्र के साथ पानी के भंडारण और वितरण की व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएंगी, ताकि औद्योगिक इकाइयों को नियमित रूप से पानी उपलब्ध कराया जा सके।
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10 साल तक संचालन और रखरखाव पर भी रहेगा ध्यान
परियोजना में जल शोधन संयंत्र के निर्माण के साथ दीर्घकालीन संचालन और रखरखाव की व्यवस्था भी शामिल की गई है। इसके लिए अलग से बजट निर्धारित किया गया है। इससे जलापूर्ति व्यवस्था को लंबे समय तक सुचारु बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
55 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा
आईएमटी में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और भविष्य की जल जरूरतों को देखते हुए करीब 103 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना पर काम किया जा रहा है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का 55 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। परियोजना का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्र की बढ़ती मांग के अनुरूप पानी की आपूर्ति के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार करना है।
कुलबीर मलिक, वरिष्ठ प्रबंधक, एचएसआईआईडीसी