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Sonipat News: टोकन व्यवस्था होगी स्थायी, महिला मेडिकल कॉलेज में मरीजों को लाइन में लगने से मुक्ति
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- पर्ची बनते ही मिलेगा टोकन नंबर डिस्प्ले बोर्ड पर देखकर मरीज का इलाज करेंगे चिकित्सक व विशेषज्ञ
- मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने ट्रायल सफल होने पर व्यवस्था को शुरू करने के लिए एजेंसी को सौंपा काम
फोटो :: 10
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। भगत फूल सिंह महिला मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अब लंबी कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मरीजों की सुविधा के लिए शुरू की गई टोकन व्यवस्था का ट्रायल सफल रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इस व्यवस्था को स्थायी रूप से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। व्यवस्था के संचालन के लिए एजेंसी को काम भी आवंटित भी कर दिया है।
मेडिकल कॉलेज के आउटडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) में प्रतिदिन 2,000 से अधिक मरीज चिकित्सक विशेषज्ञ से उपचार व परामर्श के लिए पहुंचते हैं। इसके लिए पर्ची बनवाने, जांच कराने से लेकर दवा प्राप्त करने लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। बुजुर्ग, महिला और बीमार मरीजों को लाइन में लगने से परेशानी को देखते हुए टोकन व्यवस्था शुरू की जा रही है।
नई व्यवस्था के तहत ओपीडी की पर्ची बनते ही मरीज को टोकन नंबर दिया जाएगा। इसी नंबर के आधार पर डॉक्टर के कक्ष में जांच के लिए मरीजों को बुलाया जाएगा। इससे ओपीडी में मरीजों की आवाजाही को व्यवस्थित करने और अनावश्यक भीड़ कम करने में मदद मिलेगी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की योजना के अनुसार, ओपीडी काउंटर और डॉक्टरों के कक्षों के बाहर डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे। इन पर टोकन नंबर प्रदर्शित होंगे। मरीज डिस्प्ले बोर्ड पर अपना नंबर देखकर संबंधित चिकित्सा सुविधा का लाभ ले सकेंगे।
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-- -- -मरीजों को मिलेगी सुविधा
टोकन व्यवस्था का ट्रायल सफल रहा अब स्थायी रूप से लागू किया जाएगा। एजेंसी को निर्देश दिए गए हैं कि मेडिकल कॉलेज में इसे जल्द से जल्द शुरू कराएं। पर्ची बनवाने, जांच कराने से लेकर चिकित्सिक व विशेषज्ञ के परामर्श पर दवाओं के लिए मरीजों और तीमारदारों को लंबे समय तक लाइन लगने की समस्या का सामना नहीं करना होगा।
डॉ. जगदीश चंद्र दुरेजा, निदेशक, बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां
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- मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने ट्रायल सफल होने पर व्यवस्था को शुरू करने के लिए एजेंसी को सौंपा काम
फोटो :: 10
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। भगत फूल सिंह महिला मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अब लंबी कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मरीजों की सुविधा के लिए शुरू की गई टोकन व्यवस्था का ट्रायल सफल रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इस व्यवस्था को स्थायी रूप से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। व्यवस्था के संचालन के लिए एजेंसी को काम भी आवंटित भी कर दिया है।
मेडिकल कॉलेज के आउटडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) में प्रतिदिन 2,000 से अधिक मरीज चिकित्सक विशेषज्ञ से उपचार व परामर्श के लिए पहुंचते हैं। इसके लिए पर्ची बनवाने, जांच कराने से लेकर दवा प्राप्त करने लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। बुजुर्ग, महिला और बीमार मरीजों को लाइन में लगने से परेशानी को देखते हुए टोकन व्यवस्था शुरू की जा रही है।
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नई व्यवस्था के तहत ओपीडी की पर्ची बनते ही मरीज को टोकन नंबर दिया जाएगा। इसी नंबर के आधार पर डॉक्टर के कक्ष में जांच के लिए मरीजों को बुलाया जाएगा। इससे ओपीडी में मरीजों की आवाजाही को व्यवस्थित करने और अनावश्यक भीड़ कम करने में मदद मिलेगी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की योजना के अनुसार, ओपीडी काउंटर और डॉक्टरों के कक्षों के बाहर डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे। इन पर टोकन नंबर प्रदर्शित होंगे। मरीज डिस्प्ले बोर्ड पर अपना नंबर देखकर संबंधित चिकित्सा सुविधा का लाभ ले सकेंगे।
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टोकन व्यवस्था का ट्रायल सफल रहा अब स्थायी रूप से लागू किया जाएगा। एजेंसी को निर्देश दिए गए हैं कि मेडिकल कॉलेज में इसे जल्द से जल्द शुरू कराएं। पर्ची बनवाने, जांच कराने से लेकर चिकित्सिक व विशेषज्ञ के परामर्श पर दवाओं के लिए मरीजों और तीमारदारों को लंबे समय तक लाइन लगने की समस्या का सामना नहीं करना होगा।
डॉ. जगदीश चंद्र दुरेजा, निदेशक, बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां