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Sonipat: सेवा भावना से नैना ने छुआ आसमान, सीएम ने राज्य पुरस्कार से किया सम्मानित; परिवार में खुशी की लहर
Sat, 18 Jan 2025 04:09 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Sat, 18 Jan 2025 04:09 PM IST
सार
डॉ. नीलम देशवाल ने बताया कि नैना सभी गतिविधियों में वह बढ़ चढ़कर भाग लेती रही है। उन्होंने नेशनल इंटीग्रेशन कैंप, यूथ लीडरशिप ट्रेनिंग कैंप, एडवेंचर कैंप में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया।
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नैना का कॉलेज में किया स्वागत
- फोटो : संवाद
विस्तार
किसी कार्य को शिद्दत के साथ किया जाए तो सफलता जरूरी मिलती है। इस कथन को सच कर दिखाया है खरखौदा के गांव खांडा निवासी एवं हिंदू कन्या महाविद्यालय में एनएसएस की छात्रा नैना ने। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अंतर्गत बेहतरीन कार्य करने पर पिता की लाडली नैना को पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में 12 जनवरी को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया। जिसमें 21 हजार रुपये व प्रशस्ति पत्र से भेंट किया। लाडली की उपलब्धि से जहां परिजन फूले नहीं समा रहे। वहीं शनिवार को कॉलेज पहुंचने पर प्राचार्य व अन्य स्टाफ सदस्यों ने नैना का जोरदार स्वागत किया।
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नैना ने बताया कि वह तीन बहन-भाइयों में बड़ी हैं। पिता राकेश कुमार प्रॉपर्टी डीलर हैं और मां पूनम गृहिणी हैं। दूसरों की सेवा भाव के गुण माता-पिता से मिले हैं। कॉलेज में आने से पहले वह एनएसएस के बारे में नहीं जानती थी। हिंदू कॉलेज में दाखिला लेने के बाद उन्हें एनएसएस व इसके कार्यों के बारे में पता चला। दूसरों के प्रति सेवा भावना को देखते हुए प्राध्यापिका नीलम ने एनएसएस ज्वाइन करने के लिए प्रेरित किया। उन्हीं की प्रेरणा से एनएसएस में ज्वाइन किया। यहां आने के बाद मैंने खुद में बहुत बदलाव महसूस किए हैं। यहां आकर नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ, अब दूसरों से बातचीत करने में नहीं हिचकती। कॉलेज में प्राचार्य विपाशा अग्रवाल, उप प्राचार्य सुनीता जैन, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नीलम, डॉ. पूजा रंजन व पूनम रानी सहित अन्य ने नैना का स्वागत किया।
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इन कार्यों के चलते मिला राज्य पुरस्कार
डॉ. नीलम देशवाल ने बताया कि नैना सभी गतिविधियों में वह बढ़ चढ़कर भाग लेती रही है। उन्होंने नेशनल इंटीग्रेशन कैंप, यूथ लीडरशिप ट्रेनिंग कैंप, एडवेंचर कैंप में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2022-23 में एमडीयू रोहतक की सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेविका रही। वह गणतंत्र दिवस परेड के ट्रायल के लिए चयनित हुई। नैना ने पर्यावरण संरक्षण के लिए विभिन्न स्थानों पर करीब 1100 पौधे रोपित किए और दूसरों को भी प्रेरित किया। जल संरक्षण, सड़क सुरक्षा, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर में बतौर स्वयंसेविका बेहतर कार्य किए। इन उपलब्धियों के आधार पर उनका चयन राज्य पुरस्कार के लिए किया गया।
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अध्यापिका बनना है सपना
नैना ने बताया कि उनका सपना अध्यापिका बनना है। हिंदू कन्या महाविद्यालय से स्नातक करने के बाद वह आईसी कॉलेज रोहतक से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर कर रही हैं। इसके बाद नेट की तैयारी करेंगी। उन्होंने बताया कि पूरा परिवार शुरू से ही शिक्षा के प्रति जागरूक रहे हैं। परदादा तुलीराम पराशर सेना में कैप्टन रहे हैं। दादा जयभगवान पाराशर दिल्ली से बतौर शिक्षक सेवानिवृत्त हुए हैं। पिता हमेशा तीनों बहन-भाइयों को उनका उदाहरण देते हुए बेहतर शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। माता-पिता के स्पोर्ट के चलते ही वह यह उपलब्धि हासिल कर सकी हैं।