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Sonipat News: नगर निगम 1.10 अरब रुपये गृह कर दबाए बैठे लोगों को देगा नोटिस
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फोटो 02: सोनीपत के नगर निगम कार्यालय में गृहकर जमा कराने के लिए लगी लाइन। संवाद
सोनीपत। नगर निगम ने गृहकर जमा न कराने वाले टाॅप 500 डिफाॅल्टरों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर दी है। नगर निगम अब 1.10 अरब रुपये गृहकर दबाए बैठे लोगों को नोटिस जारी करेगा।
इसके लिए निगम प्रशासन ने नोटिस तैयार करने शुरू कर दिए हैं। अगले सप्ताह से डिफाॅल्टरों को एक सप्ताह का नोटिस जारी किया जाएगा। उसके बाद गृहकर जमा नहीं कराने वालों की संपत्ति सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम ने चालू वित्त वर्ष में 40 करोड़ रुपये गृहकर वसूलने का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है। सरकार की ओर से चालू वित्त वर्ष के गृहकर पर 10 फीसदी छूट दी जा रही है। यह छूट 31 जुलाई तक जारी रहेगी।
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10 फीसदी छूट पाने के लिए लोग गृहकर जमा कराने को नगर निगम कार्यालय में पहुंच रहे हैं। जिन लोगों ने कई साल से गृहकर जमा नहीं कराया है, वह नगर निगम के डिफाॅल्टर बने हुए हैं। ऐसे टॉप डिफाॅल्टरों पर शिकंजा कसने के लिए नगर निगम आयुक्त की ओर से क्षेत्रीय कर अधिकारी को आदेश जारी किए है।
पिछले वित्त वर्ष में चुनाव में उलझे रहे अधिकारी
पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में नगर निगम अधिकारी चुनाव में उलझे रहे। इसकी वजह से करीब 9.50 करोड़ रुपये गृहकर जमा हो सका। वित्त वर्ष की शुरुआत में लोकसभा चुनाव संपन्न हुए थे। उसके बाद अक्तूबर में विधानसभा चुनाव होने के अधिकारी चुनाव प्रक्रिया में व्यस्त रहे। फरवरी व मार्च में मेयर उप चुनाव होने के कारण आचार संहिता लगी थी। मेयर उप चुनाव को लिए अधिकारियों की चुनाव प्रक्रिया में जुटे हुए थे। इसकी वजह से निगम के अधिकारी गृहकर समय पर वसूल नहीं पाए थे।
गृहकर के बिल वितरण करने की कोई तैयारी नहीं
वर्तमान में प्रॉपर्टी मालिकाें के सामने समस्या आती है कि छूट के बावजूद बिल नहीं मिलने से बड़ी संख्या में लोग बकाया गृहकर जमा नहीं कर पाए। नगर निगम ने अब तक घर-घर जाकर बिलों का वितरण नहीं किया। ऐसे में प्रॉपर्टी मालिक गृहकर बिल निकलवाने के लिए नगर निगम कार्यालय पहुंच रहे हैं। वहीं, अधिकारी प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियां दूर करने में उलझे हुए हैं। निगम अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा प्रॉपर्टी मालिकों को भुगतना पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही टेंडर प्रक्रिया करके गृहकर के बिल वितरण किए जाएंगे।
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500 टॉप प्रॉपर्टी मालिकों को गृहकर जमा कराने के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके लिए नोटिस तैयार कराए जा रहे हैं। डिफाॅल्टरों को एक सप्ताह का नोटिस दिया जाएगा। उसके बाद डिफाॅल्टरों की प्रॉपर्टी सील करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
-राजेंद्र चुघ, क्षेत्रीय कर अधिकारी, नगर निगम
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इसके लिए निगम प्रशासन ने नोटिस तैयार करने शुरू कर दिए हैं। अगले सप्ताह से डिफाॅल्टरों को एक सप्ताह का नोटिस जारी किया जाएगा। उसके बाद गृहकर जमा नहीं कराने वालों की संपत्ति सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
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नगर निगम ने चालू वित्त वर्ष में 40 करोड़ रुपये गृहकर वसूलने का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है। सरकार की ओर से चालू वित्त वर्ष के गृहकर पर 10 फीसदी छूट दी जा रही है। यह छूट 31 जुलाई तक जारी रहेगी।
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10 फीसदी छूट पाने के लिए लोग गृहकर जमा कराने को नगर निगम कार्यालय में पहुंच रहे हैं। जिन लोगों ने कई साल से गृहकर जमा नहीं कराया है, वह नगर निगम के डिफाॅल्टर बने हुए हैं। ऐसे टॉप डिफाॅल्टरों पर शिकंजा कसने के लिए नगर निगम आयुक्त की ओर से क्षेत्रीय कर अधिकारी को आदेश जारी किए है।
पिछले वित्त वर्ष में चुनाव में उलझे रहे अधिकारी
पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में नगर निगम अधिकारी चुनाव में उलझे रहे। इसकी वजह से करीब 9.50 करोड़ रुपये गृहकर जमा हो सका। वित्त वर्ष की शुरुआत में लोकसभा चुनाव संपन्न हुए थे। उसके बाद अक्तूबर में विधानसभा चुनाव होने के अधिकारी चुनाव प्रक्रिया में व्यस्त रहे। फरवरी व मार्च में मेयर उप चुनाव होने के कारण आचार संहिता लगी थी। मेयर उप चुनाव को लिए अधिकारियों की चुनाव प्रक्रिया में जुटे हुए थे। इसकी वजह से निगम के अधिकारी गृहकर समय पर वसूल नहीं पाए थे।
गृहकर के बिल वितरण करने की कोई तैयारी नहीं
वर्तमान में प्रॉपर्टी मालिकाें के सामने समस्या आती है कि छूट के बावजूद बिल नहीं मिलने से बड़ी संख्या में लोग बकाया गृहकर जमा नहीं कर पाए। नगर निगम ने अब तक घर-घर जाकर बिलों का वितरण नहीं किया। ऐसे में प्रॉपर्टी मालिक गृहकर बिल निकलवाने के लिए नगर निगम कार्यालय पहुंच रहे हैं। वहीं, अधिकारी प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियां दूर करने में उलझे हुए हैं। निगम अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा प्रॉपर्टी मालिकों को भुगतना पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही टेंडर प्रक्रिया करके गृहकर के बिल वितरण किए जाएंगे।
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500 टॉप प्रॉपर्टी मालिकों को गृहकर जमा कराने के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके लिए नोटिस तैयार कराए जा रहे हैं। डिफाॅल्टरों को एक सप्ताह का नोटिस दिया जाएगा। उसके बाद डिफाॅल्टरों की प्रॉपर्टी सील करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
-राजेंद्र चुघ, क्षेत्रीय कर अधिकारी, नगर निगम