{"_id":"6338e8022737deb9174cc2d515827516","slug":"mother-daughter-s-killer-gets-life-term","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां-बेटी के हत्यारे को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां-बेटी के हत्यारे को उम्रकैद
सोनीपत
Updated Thu, 17 Jul 2014 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मां-बेटी के हत्यारे को दोषी करार देते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगदीप सिंह की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 22 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
गांव पाकस्मा निवासी सुनील ने 17 जून 2011 को सदर थाना में दी शिकायत में बताया था कि वह कई साल से अपनी मां संतोष के साथ शहर के मुरथल रोड स्थित विकास नगर में रहता है। गांव में उसकी बहन सीमा उर्फ देवी आई थी। सीमा की शादी बजाना खुर्द में हुई थी। सुनील ने बताया कि उनका पड़ोस में रहने वाले एक परिवार के साथ झगड़ा हुआ था, जो निपटा लिया गया था।
17 जून की रात को दोनों परिवारों में फिर से झगड़ा हो गया। आरोप है कि गुड्डी, उसके पति जगबीर, पुत्र भोलू और उनके साथी सुनील उर्फ शीलू निवासी शाहपुर तुर्क ने अन्य साथियों के साथ मिलकर परिवार पर धावा बोल दिया। झगड़े के दौरान सुनील उर्फ शीलू ने अपनी जेब से पिस्तौल निकालकर गोली चला दी थी। एक गोली उसकी मां संतोष, सीमा और उसे लगी थी। गोली लगने से संतोष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वह और सीमा गंभीर रूप से घायल हो गये। घायलावस्था में उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन
पीजीआई पहुंचने पर चिकित्सकों ने सीमा को मृत घोषित कर दिया। सुनील की इस शिकायत पर पुलिस ने गुड्डी, जगबीर, भोलू, सुनील एवं अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। सुनील उर्फ शीलू को 24 जून को गिरफ्तार किया था।
सुनील ने प्रारंभिक पूछताछ में जुर्म कुबूल कर लिया था। वारदात में इस्तेमाल हथियार भी यमुनानगर से बरामद कर लिया गया था। इसी मामले में बुधवार को जगदीप सिंह की अदालत ने सुनील उर्फ शीलू को दोषी करार दिया था। खास बात ये है कि अदालत ने अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है। सुनील पर 22 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है।
विज्ञापन
गांव पाकस्मा निवासी सुनील ने 17 जून 2011 को सदर थाना में दी शिकायत में बताया था कि वह कई साल से अपनी मां संतोष के साथ शहर के मुरथल रोड स्थित विकास नगर में रहता है। गांव में उसकी बहन सीमा उर्फ देवी आई थी। सीमा की शादी बजाना खुर्द में हुई थी। सुनील ने बताया कि उनका पड़ोस में रहने वाले एक परिवार के साथ झगड़ा हुआ था, जो निपटा लिया गया था।
विज्ञापन
17 जून की रात को दोनों परिवारों में फिर से झगड़ा हो गया। आरोप है कि गुड्डी, उसके पति जगबीर, पुत्र भोलू और उनके साथी सुनील उर्फ शीलू निवासी शाहपुर तुर्क ने अन्य साथियों के साथ मिलकर परिवार पर धावा बोल दिया। झगड़े के दौरान सुनील उर्फ शीलू ने अपनी जेब से पिस्तौल निकालकर गोली चला दी थी। एक गोली उसकी मां संतोष, सीमा और उसे लगी थी। गोली लगने से संतोष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वह और सीमा गंभीर रूप से घायल हो गये। घायलावस्था में उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन
पीजीआई पहुंचने पर चिकित्सकों ने सीमा को मृत घोषित कर दिया। सुनील की इस शिकायत पर पुलिस ने गुड्डी, जगबीर, भोलू, सुनील एवं अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। सुनील उर्फ शीलू को 24 जून को गिरफ्तार किया था।
सुनील ने प्रारंभिक पूछताछ में जुर्म कुबूल कर लिया था। वारदात में इस्तेमाल हथियार भी यमुनानगर से बरामद कर लिया गया था। इसी मामले में बुधवार को जगदीप सिंह की अदालत ने सुनील उर्फ शीलू को दोषी करार दिया था। खास बात ये है कि अदालत ने अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है। सुनील पर 22 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है।