फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Monkeys are becoming a problem for the city residents, no tender has been issued to catch them for 15 months.

Sonipat News: बंदर बन रहे शहरवासियों के लिए मुसीबत, 15 माह से नहीं हुआ पकड़ने का टेंडर

Sun, 13 Oct 2024 03:57 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Sun, 13 Oct 2024 03:57 AM IST
विज्ञापन
Monkeys are becoming a problem for the city residents, no tender has been issued to catch them for 15 months.
फोटो 35. सोनीपत के सेक्टर-14 में घूमते बंदर। संवाद
सोनीपत। बंदरों के आतंक से शहरवासी परेशान है। 15 माह से बंदरों को पकड़ने के लिए कोई पहल नहीं हो रही है। निगम के अधिकारियों की अनदेखी का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। पिंजरे में बंद बंदरों की मौत के बाद जून, 2023 में एजेंसी का टेंडर रद्द कर दिया था। निगम क्षेत्र में 800 से ज्यादा बंदर घरों की छतों पर घूम रहे हैं। बंदरों के काटे जाने की वजह से लोग घायल हो रहे हैं। अस्पताल में हर माह करीब 700 मरीज रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन




नगर निगम क्षेत्र में रह रहे लोग बंदरों के उत्पात से परेशान हैं। सेक्टर 14-15, माॅडल टाउन, महलाना रोड, वार्ड नं. 1 व 2 समेत कई इलाकों में ज्यादा परेशानी है। लोगों ने बंदरों से बचाव के लिए अपने घरों में जाल तक लगवा रखे हैं। बंदर प्रतिदिन चार से पांच व्यक्तियों को काट रहे हैं। बंदरों के डर से लोग अपने घरों की छत पर जाने से भी कतरा रहे हैं। शहरवासी निगम अधिकारियों से बंदरों को जल्द पकड़वाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन निगम अधिकारियों को नवंबर 2023 से बंदर पकड़वाने के लिए एजेंसी नहीं मिल रही है। नगर निगम की ओर से चार बार टेंडर लगाया जा चुका है। पांचवीं बार लगाया गया टेंडर आचार संहिता लगने के कारण नहीं खुल पाया।
विज्ञापन


बंदरों की मौत होने पर रद्द किया था टेंडर

नगर निगम ने बंदर पकड़ने के लिए पहले टेंडर आवंटित किया था। नगर निगम की तरफ से वेलकम को ऑपरेटिव सोसाइटी को प्रति बंदर पकड़ने के लिए 1800 रुपये दिए जा रहे थे। जून 2023 में सोसाइटी के कारिंदों ने बंदरों को पकड़कर गढ़ी ब्राह्मणान स्थित एक कमरे के अंदर रखे पिंजरों में बंद कर दिया था। तब बंदरों की भूख-प्यास से मौत हो गई थी। इसके बाद अधिकारियों ने एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बंदरों से क्रूरता मामले में कार्रवाई करते हुए नगर निगम ने सोसाइटी का टेंडर रद्द कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन



बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर पांचवीं बार लगाया था। आचार संहिता लागू होने के बाद टेंडर नहीं खोला गया। आचार संहिता हट गई है। जल्द टेंडर आवंटित करके बंदरों को पकड़वाया जाएगा।
- सुंदर मलिक, सफाई निरीक्षक, नगर निगम, सोनीपत
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed