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Sonipat News: भ्रूण लिंग जांच मामले में दलाल दबोचा, अस्पताल संचालक भाग निकली
Thu, 22 May 2025 01:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 22 May 2025 01:15 AM IST
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फोटो 37 :: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भ्रूण लिंग जांच मामले में पकड़े आरोपी के साथ स्वास्थ्य
सोनीपत। सोनीपत से सटे उत्तर प्रदेश में भ्रूण लिंग के मामले नहीं थम रहे हैं। कोख के कातिलों के गिरोह पर शिकंजा कसने के लिए पीसी पीएनडीटी टीम की ओर से कार्रवाई की गई। गाजियाबाद के लाल कुआं स्थित शिवा अस्पताल में चल रही भ्रूण लिंग जांच गतिविधियों का पर्दाफाश किया है।
टीम ने दलाल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अस्पताल संचालिका भाग गई। गाजियाबाद के वेव सिटी पुलिस थाना में पीसी पीएनडीटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
सिविल सर्जन डॉ. ज्योत्सना ने गाजियाबाद में भ्रूण लिंग जांच होने की सूचना मिल रही थी। पीसी पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. सुमित कौशिक और डॉ. चितवन को कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी थी। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि गाजियाबाद के शिवा हॉस्पिटल में लड़का-लड़की की जांच के नाम पर अवैध गतिविधियां की जा रही हैं।
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सूचना की पुष्टि के लिए डिकॉय महिला को तैयार किया गया। दलाल कमलेश से 16 हजार रुपये में सौदा तय किया और महिला को जांच के लिए गाजियाबाद के लाल कुआं स्थित शिवा अस्पताल बुलाया।
अस्पताल पहुंचने पर डिकॉय की मुलाकात एक महिला आशा से हुई, जिसने कमल नामक व्यक्ति को बुलाया और गर्भवती महिला को उसके साथ भेज दिया। जांच के लिए जाते समय स्कूटी सवार कमल को संदेह हो गया और वह महिला को जांच कराए बिना वहां से भागने लगा। टीम ने पीछा कर दलाल कमलेश को मौके पर ही दबोच लिया और उससे 16 हजार रुपये नकद बरामद कर लिए।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि दलाल कमलेश और अस्पताल की संचालिका आशा रिश्ते में भतीजा-बुआ हैं। अस्पताल संचालिका पर पहले भी पीएनडीटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हो चुका है। टीम ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
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टीम ने दलाल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अस्पताल संचालिका भाग गई। गाजियाबाद के वेव सिटी पुलिस थाना में पीसी पीएनडीटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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सिविल सर्जन डॉ. ज्योत्सना ने गाजियाबाद में भ्रूण लिंग जांच होने की सूचना मिल रही थी। पीसी पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. सुमित कौशिक और डॉ. चितवन को कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी थी। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि गाजियाबाद के शिवा हॉस्पिटल में लड़का-लड़की की जांच के नाम पर अवैध गतिविधियां की जा रही हैं।
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सूचना की पुष्टि के लिए डिकॉय महिला को तैयार किया गया। दलाल कमलेश से 16 हजार रुपये में सौदा तय किया और महिला को जांच के लिए गाजियाबाद के लाल कुआं स्थित शिवा अस्पताल बुलाया।
अस्पताल पहुंचने पर डिकॉय की मुलाकात एक महिला आशा से हुई, जिसने कमल नामक व्यक्ति को बुलाया और गर्भवती महिला को उसके साथ भेज दिया। जांच के लिए जाते समय स्कूटी सवार कमल को संदेह हो गया और वह महिला को जांच कराए बिना वहां से भागने लगा। टीम ने पीछा कर दलाल कमलेश को मौके पर ही दबोच लिया और उससे 16 हजार रुपये नकद बरामद कर लिए।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि दलाल कमलेश और अस्पताल की संचालिका आशा रिश्ते में भतीजा-बुआ हैं। अस्पताल संचालिका पर पहले भी पीएनडीटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हो चुका है। टीम ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।