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Sonipat News: आमरण अनशन कर रहे सफाई कर्मियों से मिले विधायक
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सोनीपत। अपनी मांगों को लेकर नगर निगम कार्यालय के गेट पर ठेका सफाई कर्मचारी एकता मंच के सदस्य धरना दे रहे हैं। मंच के प्रधान मुकेश टांक और मुकेश कर्मा तीन दिन से आमरण अनशन कर रहे हैं।
शनिवार को धरने पर विधायक इंदुराज नरवाल, पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार, पदम सिंह दहिया व असंगठित कामगार कर्मचारी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष यशवंत राव चौहान पहुंचे। सफाई कर्मियों ने उनको अपना मांगपत्र दिया।
विधायक ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी आवाज जल्द विधानसभा सत्र के दौरान उठाई जाएगी। प्रधान मुकेश टांक ने बताया कि हटाए गए सफाई कर्मचारियों का धरना 1 अक्तूबर से जारी है। सुनवाई न होने के कारण हटाए गए सफाई कर्मियों ने 1 नवंबर से कार्मिक अनशन शुरू किया था।
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सरकार और प्रशासन की तरफ से उनकी मांग को अभी तक नहीं माना गया। ऐसे में उन्होंने 13 नवंबर से आमरण अनशन शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि संविदा सफाई कर्मियों को परेशान किया जा रहा है।
ठेकेदार की ओर से उन्हें 15-15 दिन का वेतन किया जा रहा है। इस तरह नाजायज कटौती करते हुए उन्हें आंदोलन के लिए विवश किया जा रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार ने बताया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कच्चे कर्मियों को पक्का करने के लिए कई बार विधानसभा में आवाज उठाई थी।
इस दौरान जिला पार्षद संजय बड़वासनी, सावन कुमार, प्रवीण, रविंद्र, आरती, रीना, शीला, सुमन, कश्मीरी, धर्मबीर, हजारी, रणबीर, सुभाष, सुमित, प्रशांत भी मौजूद रहे।
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शनिवार को धरने पर विधायक इंदुराज नरवाल, पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार, पदम सिंह दहिया व असंगठित कामगार कर्मचारी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष यशवंत राव चौहान पहुंचे। सफाई कर्मियों ने उनको अपना मांगपत्र दिया।
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विधायक ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी आवाज जल्द विधानसभा सत्र के दौरान उठाई जाएगी। प्रधान मुकेश टांक ने बताया कि हटाए गए सफाई कर्मचारियों का धरना 1 अक्तूबर से जारी है। सुनवाई न होने के कारण हटाए गए सफाई कर्मियों ने 1 नवंबर से कार्मिक अनशन शुरू किया था।
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सरकार और प्रशासन की तरफ से उनकी मांग को अभी तक नहीं माना गया। ऐसे में उन्होंने 13 नवंबर से आमरण अनशन शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि संविदा सफाई कर्मियों को परेशान किया जा रहा है।
ठेकेदार की ओर से उन्हें 15-15 दिन का वेतन किया जा रहा है। इस तरह नाजायज कटौती करते हुए उन्हें आंदोलन के लिए विवश किया जा रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार ने बताया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कच्चे कर्मियों को पक्का करने के लिए कई बार विधानसभा में आवाज उठाई थी।
इस दौरान जिला पार्षद संजय बड़वासनी, सावन कुमार, प्रवीण, रविंद्र, आरती, रीना, शीला, सुमन, कश्मीरी, धर्मबीर, हजारी, रणबीर, सुभाष, सुमित, प्रशांत भी मौजूद रहे।