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कैग की रिपोर्ट आने के बाद ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं करने वाले अफसरों में खलबली, फाइलें दबाईं

Thu, 28 Nov 2019 09:21 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 28 Nov 2019 09:21 PM IST
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यमुना में मशीन से किया जा रहा खनन - फोटो : Sonipat
सोनीपत। यमुना में रेत खनन को लेकर खनन विभाग व प्रशासन ने ठेकेदारों संग मिलकर पूरा खेल किया हुआ है। अब कैग की रिपोर्ट आने के बाद इसका खुलासा हुआ है। क्योंकि अफसरों व खनन ठेकेदारों की मिलीभगत से सरकार को बड़ा चूना लगाया जा रहा है और इसमें सबसे बड़ा खेल सोनीपत में चल रहा है। हालात यह है कि अकेले सोनीपत के ठेकेदार सरकार के 350 करोड़ रुपये दबाकर बैठे हैं और इसमें अफसरों की सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि इनकी फाइलों को दबा दिया गया है। ग्यासपुर, चंदौली व बड़ौली के ठेकेदार 150 करोड़ रुपये दबाए हैं। तीनों ठेकेदारों पर मेहरबानी दिखाते हुए अफसर खुलेआम खनन करा रहे हैं। कैग (भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक) की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की फाइल दबाने वाले प्रशासनिक व खनन विभाग के अफसरों पर गाज गिर सकती है।
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सरकार ने यमुना में खनन करने के लिए वर्ष 2015 में पट्टे आवंटित किए थे। जिसके लगभग एक साल बाद ही जेसीबी व पॉकलैन से खनन करने पर कोर्ट ने रोक लगा दी थी। जिससे कई जगह खनन बंद कर दिया गया और जेसीबी से खनन पर रोक लगाए जाने के बाद कई ठेकेदारों ने हर महीने की पट्टे की किस्त जमा करानी बंद कर दी थी। उस समय प्रशासन ने खनन ठेकेदारों पर शिकंजा कस दिया और खनन को बंद करा दिया गया। लेकिन उस समय खनन ठेकेदारों पर करोड़ों रुपये बकाया रह गया था और वह जमा नहीं करके खान को सरेंडर भी कर दिया गया था। इसके अलावा ऐसे भी ठेकेदार थे, जिन्होंने किस्त 60 लाख होने के बावजूद केवल 10 लाख रुपये महीने सरकार के पास जमा करते रहे और उनपर भी करोड़ों रुपये बकाया है। इस कारण ही जिले के खनन ठेकेदारों पर सरकार का 350 करोड़ से ज्यादा रुपया बकाया है और वह सरकार का इतना रुपया दबाकर बैठे हुए हैं। जिनमें कई ने खनन बंद कर दिया है तो चंदौली, ग्यासपुर, बड़ौली के ठेकेदारों पर अफसर ज्यादा ही मेहरबान दिख रहे हैं। इनमें से किसी से रुपये जमा कराए बिना ही खुलेआम खनन कराया जा रहा है तो यह यमुना में अवैध रूप से खनन भी कर रहे हैं। इस तरह खनन विभाग के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं और इन ठेकेदारों को अभी तक नोटिस तक जारी नहीं किए गए हैं। अब कैग की रिपोर्ट के बाद उन अफसरों पर शिकंजा कसने की बात कही जा रही है जो ठेकेदारों के साथ मिलकर सरकार को चूना लगा रहे है। चंदौली, ग्यासपुर व बड़ौली के ठेकेदारों से अभी तक रुपये तक जमा नहीं कराए गए और उनसे खनन भी कराया जा रहा है।
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ठेकेदारों को नोटिस देने की तैयारी
जिन खनन ठेकेदारों पर सरकार का रुपया बकाया है, उन सभी को नोटिस जारी किए जाने के आदेश मुख्यालय से हुए थे। जिनमें चंदौली की लेरोन कंसलटेंट कंपनी, ग्यासपुर की अल्टीमेट कंपनी तो बड़ौली की टेक्रो एक्सपोर्ट कंपनी भी शामिल थी। इन सभी को नोटिस जारी करने की पहले तैयारी की गई और उसके बाद खनन विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी फाइलों को दबवा दिया। उनकी फाइल ही नहीं दबवाई गई, बल्कि इन सभी पर मेहरबानी दिखाते हुए रुपये जमा कराए बिना ही यमुना में मशीनें उतारने की अनुमति जारी कर दी।
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किसी खनन ठेकेदार पर सरकार का करोड़ों रुपया बकाया है और वह जमा नहीं कर रहा है तो फाइल मंगवाकर देखी जाएगी। इसमें ठेकेदारों को नोटिस जारी करके रुपया जमा कराया जाएगा। किसी को सरकार का रुपया नहीं रखने दिया जाएगा।
-विजय सिंह, एसडीएम
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