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ओएसटी केंद्र में नशा छो[]ने वालों के लिए तीन माह बाद पहुंची दवा, 302 लोगों को दी जाएगी
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नागरिक अस्पताल सोनीपत।
- फोटो : Sonipat
नशा छोड़ने वालों के लिए राहत की खबर है। नागरिक अस्पताल के ओएसटी (ओरल सब्सटीट्यूशन थैरेपी) केंद्र में तीन माह बाद नशा छुड़वाने की दवा पहुंची है। ओएसटी केंद्र में नशा छुड़वाने की एक लाख गोलियां रोहतक वेयर हाउस से पहुंची हैं। अब जिले में नशा छोड़ने वाले 302 लोगों को दवा मिल सकेगी। अब ओएसटी केंद्र में आने वाले मरीजों को दवा के लिए नहीं भटकना पड़ेगा।
ओएसटी सेंटर की शुरुआत इंजेक्शन से या अन्य किसी माध्यम से नशा करने वाले लोगों का नशे की लत से छुटकारा दिलाने के लिए की गई थी। नागरिक अस्पताल में ओएसटी सेंटर में अब 302 मरीजों का इलाज चल रहा है। लेकिन सेंटर पर दवा नहीं पहुंचने के कारण इन मरीजों को वापस भेजा जा रहा था। अगर कोई मरीज गंभीर है तो उसे दूसरे डॉक्टर के पास रेफर कर दिया जाता था। इस समस्या को लेकर दवा न मिलने पर लोग हंगामा भी कर चुके थे। ऐसे में ओएसटी केंद्र की ओर से मुख्यालय को पत्र लिखकर दवा की मांग की जा रही थी। अब रोहतक स्थित वेयर हाउस से नशा छुड़वाने की एक लाख गोलियां ओएसटी केंद्र पर पहुंच गई हैं।
अब तक 652 मरीजों का हो चुका पंजीकरण
ओएसटी केंद्र में अब तक 652 मरीजों का पंजीकरण हो चुका है, जिनमें से 350 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। 302 मरीजों का इलाज सेंटर में चल रहा है। जिन लोगों ने दवा के बहाने नशा छोड़ने की राह अपना ली, उन्हें तीन माह से दवा नहीं मिल रही थी। ऐसे में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। नशा छोड़ने वाले मरीजों को बाहर से महंगी दवा खरीदनी पड़ रही थी। मरीज को एक दिन की दवा के लिए 300 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे थे। नशा छुड़वाने के लिए मरीज को छह से 12 महीने तक उपचार लेना होता है।
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नशा छुड़वाने वालों के लिए ओएसटी केंद्र पर एक लाख गोलियां पहुंच चुकी हैं। तीन माह से दवा खत्म होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा थी। नशा छोड़ने के इच्छुक लोगों को रोजाना ओएसटी केंद्र पर आना होगा और चिकित्सक वहां अपने सामने मरीजों का गोलियां खिलाएंगे। -डॉ. तरुण यादव, उप सिविल सर्जन।
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ओएसटी सेंटर की शुरुआत इंजेक्शन से या अन्य किसी माध्यम से नशा करने वाले लोगों का नशे की लत से छुटकारा दिलाने के लिए की गई थी। नागरिक अस्पताल में ओएसटी सेंटर में अब 302 मरीजों का इलाज चल रहा है। लेकिन सेंटर पर दवा नहीं पहुंचने के कारण इन मरीजों को वापस भेजा जा रहा था। अगर कोई मरीज गंभीर है तो उसे दूसरे डॉक्टर के पास रेफर कर दिया जाता था। इस समस्या को लेकर दवा न मिलने पर लोग हंगामा भी कर चुके थे। ऐसे में ओएसटी केंद्र की ओर से मुख्यालय को पत्र लिखकर दवा की मांग की जा रही थी। अब रोहतक स्थित वेयर हाउस से नशा छुड़वाने की एक लाख गोलियां ओएसटी केंद्र पर पहुंच गई हैं।
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अब तक 652 मरीजों का हो चुका पंजीकरण
ओएसटी केंद्र में अब तक 652 मरीजों का पंजीकरण हो चुका है, जिनमें से 350 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। 302 मरीजों का इलाज सेंटर में चल रहा है। जिन लोगों ने दवा के बहाने नशा छोड़ने की राह अपना ली, उन्हें तीन माह से दवा नहीं मिल रही थी। ऐसे में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। नशा छोड़ने वाले मरीजों को बाहर से महंगी दवा खरीदनी पड़ रही थी। मरीज को एक दिन की दवा के लिए 300 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे थे। नशा छुड़वाने के लिए मरीज को छह से 12 महीने तक उपचार लेना होता है।
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नशा छुड़वाने वालों के लिए ओएसटी केंद्र पर एक लाख गोलियां पहुंच चुकी हैं। तीन माह से दवा खत्म होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा थी। नशा छोड़ने के इच्छुक लोगों को रोजाना ओएसटी केंद्र पर आना होगा और चिकित्सक वहां अपने सामने मरीजों का गोलियां खिलाएंगे। -डॉ. तरुण यादव, उप सिविल सर्जन।