फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   many orgnisation protest against the police

पुलिस पर कस्टडी में पिटाई कर पैर तोडने का आरोप, शहर में सामाजिक संगठनों ने हंगामा कर जुलूस निकाला

Wed, 17 Jul 2019 01:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jul 2019 01:09 AM IST
विज्ञापन
many orgnisation protest against the police
many orgnisation protest against the police - फोटो : Sonipat
निजी स्कूलों और अस्पतालों में मनमानी वसूली के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाकर सामाजिक संगठनों ने शहर में हंगामा कर जुलूस निकाला। सीएम से मिलने जाते समय पुलिस पर हिरासत में लेकर पिटाई करने व दो मामलों में गिरफ्तारी दिखाने का आरोप लगाकर विरोध जताया गया। आंबेडकर पार्क से लघु सचिवालय तक पैदल जुलूस निकाला गया। सामाजिक संगठनों ने पुलिस पर कस्टडी में पिटाई कर दो आंदोलनकारियों के पैर तोड़ने का आरोप लगाया। आंदोलनकारियों ने डीसी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। डीसी ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। प्रदर्शन के दौरान लघु सचिवालय के दोनों गेट करीब दो घंटे तक बंद रखे गए। जिससे वहां आने वाले लोगों को परेशानी हुई। सामाजिक कार्यकर्ता विमल किशोर ने चेतावनी दी है कि एक सप्ताह में कार्रवाई हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन

निजी स्कूलों में फीस वृद्धि और प्राइवेट अस्पतालों में मनमाने पैसे लेने के खिलाफ सिविल सोसायटी के नेतृत्व में अभिभावकों द्वारा प्रदर्शन किया था। जब लोग डीसी को ज्ञापन देने जा रहे थे तो अभिभावकों और पुलिस कर्मियों के बीच में गहमागहमी हो गई जिसके चलते मुख्य गेट का शीशा टूट गया था। घटना में एक महिला पुलिस कर्मी घायल हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने अभिभावकों और सिविल सोसायटी के प्रदेश अध्यक्ष राज सिंह दलाल के खिलाफ मामला दर्ज किया था जिसमें राज सिंह दलाल को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं रविवार शाम को सोसायटी के सदस्य और अन्य संगठन सिटी थाना के बाहर प्रदर्शन कर सीएम से मिलने जाने लगे तो पुलिस से झड़प हो गई जिसमें पुलिस कर्मी से मारपीट और वर्दी फाड़ने के साथ जाम लगाने का मामला दर्ज कर 14 लोगों को हिरासत लिया था। जिसमें छह महिलाएं शामिल थी जिन्हें सोमवार देर शाम को जमानत मिल सकी। जमानत मिलने के बाद उन्होंने जेल के सामने भी नारेबाजी की। उनका आरोप था कि पुलिस कस्टडी में कुलदीप और राजेश की पिटाई गई। जिससे उनके पैरों की हड्डी में फ्रेक्चर आ गया।
विज्ञापन

सप्ताह भर में नहीं हुई सुनवाई तो होगा बड़ा आंदोलन : किशोर
छात्र अभिभावक संघ संयोजक विमल किशोर ने कहा कि निजी स्कूलों में फीस वृद्धि के खिलाफ अभिभावक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने दमनकारी नीति अपनाते हुए अभिभावकों से मारपीट की। दो-दो मुकदमों में उनकी गिरफ्तारी दिखाई गई। इनमें से कुछ अभिभावक ऐसे भी थे जो पहली घटना के समय मौजूद भी नहीं थे। कस्टडी के दौरान अभिभावकों की बेरहमी से पिटाई की गई है। जिसके चलते जमानत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। मामले में अगर प्रशासन ने एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं की तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सिविल सोसायटी के प्रदेश अध्यक्ष राज सिंह दलाल ने कहा कि लोग जागरूक हो रहे हैं। सभी को पता है कि किसने गलत किया है। झूठे मामले दर्ज किए जाते हैं। इसके खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed