फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Lord Shri Hari will wake up from sleep on 12th November in four auspicious yogas.

देवोत्थान एकादशी : चार शुभ योग में 12 नवंबर को निद्रा से जागेंगे भगवान श्री हरि

Sun, 10 Nov 2024 02:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Sun, 10 Nov 2024 02:07 AM IST
विज्ञापन
Lord Shri Hari will wake up from sleep on 12th November in four auspicious yogas.
सोनीपत। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के अगले दिन 12 नवंबर को देवोत्थान एकादशी मनाई जाएगी। सनातन धर्म में एकादशी की तिथियों का विशेष महत्व है। देवोत्थान एकादशी भी इनमें से एक है। इसे प्रबोधिनी एवं देवउठनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। भगवान श्री हरि इस दिन चार शुभ योग में चार माह की योग निद्रा से जागेंगे। शहर में फिर से विवाह-शादी की शहनाई गूंजने के साथ गृह प्रवेश, मुंडन, सगाई जैसे मांगलिक कार्य शुरू होंगे।
विज्ञापन

ज्योतिषाचार्य आचार्य मनमोहन मिश्रा व कैलाश कॉलोनी स्थित शिव धाम मंदिर के पुजारी पंडित जितेंद्र शास्त्री ने बताया कि देवोत्थान एकादशी की तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इस दिन भगवान विष्णु-माता लक्ष्मी की पूजा व व्रत का विधान है। तुलसी-शालिग्राम विवाह करवाने से कन्यादान के जितना ही पुण्य प्राप्त होता है। साथ ही कथा सुनने का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि देवउठनी एकादशी व्रत करने से श्रद्धालुओं को सभी पापों से छुटकारा मिलता है।
विज्ञापन


भगवान श्री हरि विष्णु हरि शयन एकादशी (आषाढ़ शुक्ल एकादशी) के दिन योग निद्रा में चले जाते हैं। वह देवोत्थान एकादशी को योग निद्रा से जागते हैं। इस दिन सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं को स्वयं जगत के पालनहार श्रीहरि का आशीर्वाद मिलता है। घर में सुख-समृद्धि का वास रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चार शुभ योग व उत्तर भाद्रपद नक्षत्र का बन रहा संयोग

इस साल कार्तिक शुक्ल एकादशी तिथि की 11 नवंबर सोमवार शाम 6:46 बजे से प्रारंभ होकर 12 नवंबर मंगलवार को शाम 4:04 बजे संपन्न होगी। उदयातिथि के आधार पर देवोत्थान एकादशी का व्रत 12 नवंबर को रखा जाएगा। इस दिन चार शुभ योग सर्वार्थ सिद्धि, रवि, हर्षण व शिववास योग का निर्माण हो रहा है, साथ ही उत्तर भाद्रपद नक्षत्र का संयोग बन रहा है।
यह रहेगा शुभ मुहूर्त
देवोत्थान एकादशी के दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालु सुबह 6:42 बजे से भगवान विष्णु की पूजा कर सकते हैं। वहीं, 7:52 बजे से सर्वार्थ सिद्धि योग में पूजा करना और भी फलदायी मनाया गया है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:56 से 5:49 बजे और अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:27 बजे तक रहेगा।

कैसे लें व्रत का संकल्प
देवोत्थान एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान आदि कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। पूजा घर में गंगाजल का छिड़काव कर भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। पूजा घर के बाहर भगवान के चरणों की आकृति बना लें। घर में भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना कर मिठाई, फल, सिंघाड़े, गन्ना व आंवला अर्पित कर आरती करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed