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Sonipat: दुकानदार के पांच हत्यारोपियों को उम्रकैद, गांव लल्हेड़ी खुर्द में रुपये के लेनदेन में चाकुओं से किया
Wed, 28 Aug 2024 04:05 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Wed, 28 Aug 2024 04:05 PM IST
सार
तत्कालीन राजलूगढ़ी चौकी प्रभारी युद्धवीर सिंह की टीम ने कार्रवाई करते हुए मामले में पांच आरोपियों संदीप उर्फ पीपा, सुमित उर्फ काला पुत्र बलबीर, विकास उर्फ बकरा, सुनील उर्फ शीला व राहुल को गिरफ्तार किया था। उनसे चाकू, सरिया, रॉड बरामद कर लिए थे।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सोनीपत की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र सरोए ने दुकानदार की हत्या के मामले में सुनवाई के बाद पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही चार दोषियों में प्रत्येक को 1.30 लाख रुपये व पांचवे दोषी पर 1.40 लाख जुर्माना किया गया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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गांव लल्हेड़ी खुर्द निवासी जितेंद्र ने 16 अक्तूबर, 2016 को गन्नौर थाना पुलिस को बताया था कि वह 15 अक्टूबर, 2016 की शाम को दिल्ली से अपनी जीप लेकर गांव में आया था। गांव के अड्डे पर उनके भाई संजीत अपने दोस्त सुमित पुत्र अतर सिंह के साथ मोबाइल रिचार्ज कराने गए थे। उनके भाई गांव के अड्डे पर परचून की दुकान चलाते थे।
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वहां मोबाइल रिचार्ज की दुकान के बाहर खड़े गांव के संदीप उर्फ पीपा, सुमित उर्फ काला पुत्र बलबीर, विकास उर्फ बकरा, सुनील उर्फ शीला व एक अन्य युवक खड़े थे। उनसे उनके भाई परचून की दुकान के उधार दिए सामान के लिए रुपये लेने थे। उनके भाई ने उनसे रुपये की मांग की थी। जिस पर पांचों ने उनके भाई पर तेजधार हथियार, सरिया व डंडों से हमला कर दिया था। उन्होंने उनके दोस्त सुमित पर भी हमला किया था।
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भाई व उनके दोस्त पर हमला होता देखकर उन्होंने शोर मचा दिया था। आसपास के लोगों के आने पर आरोपी वहां से भाग गए थे। उन्होंने अपने भाई व उनके दोस्त को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उनके भाई को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया था। उन्होंने अपने भाई को निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। पुलिस ने हत्या की कोशिश व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। अस्पताल में उनके भाई संजीत ने दम तोड़ दिया था। जिसके बाद मामले में हत्या की धारा तोड़ी गई थी।
तत्कालीन राजलूगढ़ी चौकी प्रभारी युद्धवीर सिंह की टीम ने कार्रवाई करते हुए मामले में पांच आरोपियों संदीप उर्फ पीपा, सुमित उर्फ काला पुत्र बलबीर, विकास उर्फ बकरा, सुनील उर्फ शीला व राहुल को गिरफ्तार किया था। उनसे चाकू, सरिया, रॉड बरामद कर लिए थे। मामले की सुनवाई के बाद एएसजे सुभाष चंद्र सरोए ने पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। चार दोषियों में प्रत्येक पर 1.30 लाख रुपये और पांचवे दोषी विकास पर 1.40 लाख रुपये जुर्माना किया है। उस पर अवैध शस्त्र अधिनियम में अलग से जुर्माना सुनाया गया है।