{"_id":"68eac522537ff2bf230a0388","slug":"legal-education-is-not-just-the-study-of-laws-it-is-a-social-responsibility-sonipat-news-c-197-1-snp1008-143642-2025-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: कानूनी शिक्षा केवल कानूनों का अध्ययन नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: कानूनी शिक्षा केवल कानूनों का अध्ययन नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी है
Sun, 12 Oct 2025 02:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 12 Oct 2025 02:29 AM IST
विज्ञापन
फोटो 05- सोनीपत के एसएम हिंदू विद्यालय में कानूनी जागरूकता शिविर के दौरान विद्यार्थियाें को अ
सोनीपत। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डीएलएसए) की ओर से एसएम हिंदू वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कानूनी जागरूकता शिविर लगाया गया। शिविर में छात्राओं को उनके अधिकारों, कानूनी सुरक्षा से जुड़ी जानकारी प्रदान की गई।
मुख्य अतिथि के रूप में राई स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. डॉ. आशुतोष मिश्रा ने विद्यार्थियों को जागरूक किया। डॉ. आशुतोष मिश्रा ने कहा कि कानूनी शिक्षा केवल कानूनों का अध्ययन नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण समाज के निर्माण की दिशा में एक सामाजिक जिम्मेदारी है।
शिविर में डीएलएसए टीम के सदस्य अरुण शर्मा ने छात्राओं को महिला सुरक्षा से संबंधित कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही न्याय पाने की पहली सीढ़ी है। साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष पूर्णमल गौड़ ने राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की भूमिका पर प्रकाश डाला।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आज की बालिकाएं समाज के हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा व नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। संयोजक डॉ. ऋषि गर्ग, प्रधानाचार्य नताशा छाबड़ा ने कहा कि छात्राओं को आत्मनिर्भर, जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए जागरूक होना आवश्यक है।
विद्यालय में भविष्य में भी कानूनी, स्वास्थ्य, डिजिटल सुरक्षा से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिविर में अधिवक्ता रजनीश मलिक, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी ललित, छात्र यश चंदन, सूर्या भारद्वाज, कनिष्का गर्ग ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि के रूप में राई स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. डॉ. आशुतोष मिश्रा ने विद्यार्थियों को जागरूक किया। डॉ. आशुतोष मिश्रा ने कहा कि कानूनी शिक्षा केवल कानूनों का अध्ययन नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण समाज के निर्माण की दिशा में एक सामाजिक जिम्मेदारी है।
विज्ञापन
शिविर में डीएलएसए टीम के सदस्य अरुण शर्मा ने छात्राओं को महिला सुरक्षा से संबंधित कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही न्याय पाने की पहली सीढ़ी है। साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष पूर्णमल गौड़ ने राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की भूमिका पर प्रकाश डाला।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आज की बालिकाएं समाज के हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा व नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। संयोजक डॉ. ऋषि गर्ग, प्रधानाचार्य नताशा छाबड़ा ने कहा कि छात्राओं को आत्मनिर्भर, जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए जागरूक होना आवश्यक है।
विद्यालय में भविष्य में भी कानूनी, स्वास्थ्य, डिजिटल सुरक्षा से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिविर में अधिवक्ता रजनीश मलिक, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी ललित, छात्र यश चंदन, सूर्या भारद्वाज, कनिष्का गर्ग ने भी अपने विचार व्यक्त किए।