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ऑक्शन रिकॉर्डर की नौकरी छोड़कर सरपंच बनने की पकड़ी राह

Tue, 08 Nov 2022 12:25 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 08 Nov 2022 12:25 AM IST
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Leaving the job of auction recorder, the way to become sarpanch caught
महेंद्र सिंह मलिक। - फोटो : Sonipat
दूसरे चरण के पंचायत चुनाव में एक ऐसे प्रत्याशी भी मैदान में हैं जो मार्केट कमेटी कार्यालय में ऑक्शन रिकॉर्डर के पद पर तैनात थे। उन्होंने 17 सितंबर को नौकरी छोड़कर गांव तिहाड़ मलिक का सरपंच बनने की राह पकड़ी है। महेंद्र सिंह मलिक ने गांव तिहाड़ मलिक से सरपंच पद के लिए नामांकन किया है और अपने समर्थकों के साथ घर-घर जाकर अपने पक्ष में वोट करने की अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि गांव में विकास कराने व जनसेवा के उद्देश्य से वह चुनाव मैदान में उतरे हैं।
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गोहाना खंड के गांव तिहाड़ मलिक निवासी महेंद्र सिंह मलिक भी चुनाव कुंभ में भाग्य आजमा रहे हैं। मार्केट कमेटी कार्यालय में ऑक्शन रिकॉर्डर के पद पर रहे 55 वर्षीय महेंद्र सिंह मलिक ने तीन साल एक माह पहले ही सरकारी नौकरी छोड़कर नामांकन दाखिल किया। वर्तमान में 56 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन ले रहे मलिक वर्ष 1994 में मार्केट कमेटी में दफ्तरी के पद पर नियुक्त हुए थे। शुरुआत के दिनों में सोनीपत मार्केट कमेटी कार्यालय में चार माह तक कार्यरत रहे। इसके बाद गोहाना कार्यालय में जाकर सेवाएं जारी रखीं। वर्ष 2012 में वह पदोन्नत होकर ऑक्शन रिकॉर्डर बने। उसके बाद उनके मन में जनसेवा करने का ख्याल आया और उन्होंने गांव के विकास के लिए एक योजना तैयार करते हुए सरपंच के पद पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने 17 सितंबर को मार्केट कमेटी से नौकरी छोड़ दी और उस समय से वह जनसेवा के कार्यों में जुटे हुए हैं।
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गांव तिहाड़ मलिक में सरपंच पद पर तीन प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। गांव की 2312 वोट पाने के लिए कुलबीर सिंह, महेंद्र सिंह व ईश्वर सिंह मैदान में डटे हैं। तीनों प्रत्याशियों में कड़ी टक्कर देखने के लिए मिल रही है। तीनों प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ घर-घर जाकर मतदाताओं को रिझाने का प्रयास कर रहे हैं। महेंद्र सिंह मलिक कहते हैं कि वह गांव का विकास करना चाहते हैं। इसलिए वह सरकारी नौकरी छोड़कर सरपंच का चुनाव लड़ रहे हैं।
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