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Sonipat News: ऐतिहासिक असहमति निर्णय के 50 वर्ष पूर्ण होने पर स्मृति श्रृंखला का शुभारंभ
Wed, 29 Apr 2026 02:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 29 Apr 2026 02:59 AM IST
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सोनीपत। डॉ. बीआर आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की ओर से न्यायमूर्ति एचआर खन्ना की विरासत का पुनर्पाठ विषय पर राष्ट्रीय स्मृति श्रृंखला प्रारंभ किए जाने की घोषणा की है। यह पहल एडीएम जबलपुर बनाम शिवकांत शुक्ला (1976) मामले में न्यायमूर्ति एचआर खन्ना की ओर से दिए गए ऐतिहासिक असहमति निर्णय की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित की जा रही है।
यह निर्णय भारत के आपातकाल के दौरान विधि के शासन के अंतर्गत जीवन एवं स्वतंत्रता के अंतर्निहित अधिकार की रक्षा का एक ऐतिहासिक क्षण माना जाता है। इस दौरान न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय में व्यक्त असहमति का मत विधि की गहन आत्मा व भविष्य की बुद्धिमता के प्रति एक अपील है।
कुलपति प्रो. डॉ. देविंदर सिंह ने कहा कि संवैधानिक लोकतंत्रों का इतिहास केवल बहुमत के निर्णयों से ही नहीं बल्कि असहमति की साहसी आवाजों से भी निर्मित होता है। न्यायमूर्ति खन्ना का यह असहमति मत ऐसे समय में सामने आया जब देश आपातकाल की छाया में था और नागरिक स्वतंत्रताएं गंभीर रूप से सीमित थीं।
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जब संस्थाएं डगमगा रही थीं तब उन्होंने इस शाश्वत सिद्धांत को स्थापित किया कि कानून से ऊपर कोई सत्ता नहीं है।
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यह निर्णय भारत के आपातकाल के दौरान विधि के शासन के अंतर्गत जीवन एवं स्वतंत्रता के अंतर्निहित अधिकार की रक्षा का एक ऐतिहासिक क्षण माना जाता है। इस दौरान न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय में व्यक्त असहमति का मत विधि की गहन आत्मा व भविष्य की बुद्धिमता के प्रति एक अपील है।
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कुलपति प्रो. डॉ. देविंदर सिंह ने कहा कि संवैधानिक लोकतंत्रों का इतिहास केवल बहुमत के निर्णयों से ही नहीं बल्कि असहमति की साहसी आवाजों से भी निर्मित होता है। न्यायमूर्ति खन्ना का यह असहमति मत ऐसे समय में सामने आया जब देश आपातकाल की छाया में था और नागरिक स्वतंत्रताएं गंभीर रूप से सीमित थीं।
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जब संस्थाएं डगमगा रही थीं तब उन्होंने इस शाश्वत सिद्धांत को स्थापित किया कि कानून से ऊपर कोई सत्ता नहीं है।