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आंदोलन के रंग: दूल्हा बन ट्रैक्टर से कुंडली बॉर्डर पहुंचा किसान, गांव वाले बने बराती, सरकार से की ये मांग
Wed, 03 Feb 2021 10:24 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 03 Feb 2021 10:24 PM IST
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कुंडली बॉर्डर पर दूल्हा बनकर आया किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन जारी है। किसान अलग-अलग तरीके अपनाकर कानूनों का विरोध कर रहे हैं। बुधवार को धनाना गांव का किसान दूल्हे के लिबास में ट्रैक्टर पर बैठकर आंदोलन स्थल पर पहुंचा। इस दौरान गांव के अन्य किसान बराती बनकर नाचते हुए धरने पर पहुंचे। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की।
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कुंडली बॉर्डर पर दूल्हा बनकर पहुंचे किसान ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की मांगों पर गंभीर नजर नहीं आ रही है। ऐसा लगता है कि सरकार ने अपने आंख और कान किसानों के लिए बंद कर लिए है। ऐसे में सरकार का ध्यान आंदोलन की तरफ लगाने के लिए उन्होंने दूल्हे के लिबास में प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर किसानों का समर्थन किया है।
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कुंडली बॉर्डर पर धनाना के किसान की बारात में नाचते अन्य किसान।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि सरकार कृषि कानूनों को वापस ले। इस दौरान धनाना गांव के अन्य किसानों ने भी सरकार के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती है, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान ट्रैक्टर पर लगे डीजे के संगीत पर नाचते हुए कुंडली पहुंचे। घुड़चड़ी दिखाने के लिए एक किसान सांकेतिक रूप से दूल्हा बने किसान पर चावल भी बरसा रहा था।
धरना स्थल पर बढ़ने लगे लंगर व भंडारे
26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा के बाद एक समय किसान आंदोलन कमजोर पड़ता नजर आ रहा था। बड़ी संख्या में किसान कुंडली बॉर्डर से लौटने शुरू हो गए थे। जिसके कारण कुंडली बॉर्डर पर चल रही लंगर सेवा भी सिमटने लगी थी। परंतु एक बार फिर से कुंडली बॉर्डर पर किसानों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में लंगर सेवा भी फिर से व्यापक स्तर पर शुरू हो गई है। लंगर व भंडारा लगाने वाले किसान न सिर्फ किसानों का पेट भर रहे हैं, बल्कि आसपास के बेसहारा बच्चों और मजदूरों को खाना खिला रहे हैं।