{"_id":"5da9f2c7479199b6a3c863fa72e57f43","slug":"jind-gohana-rail-line-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जींद से गोहाना तक दौड़ी मालगाड़ी, देर शाम पहुंची सोनीपत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जींद से गोहाना तक दौड़ी मालगाड़ी, देर शाम पहुंची सोनीपत
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Tue, 29 Dec 2015 12:13 AM IST
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रेलवे कंस्ट्रक्शन विभाग द्वारा जींद-सोनीपत रेलवे लाइन पर सोमवार को पहली बार मालगाड़ी चलाई गई। ट्रायल के लिए मालगाड़ी को सुबह 11 बजे पिंडारा रेलवे जंक्शन से चलाया गया, जो देर शाम सोनीपत रेलवे जंक्शन पर पहुंची। अब जल्द ही सीआरएस के निरीक्षण के बाद ट्रैक पर यात्री गाड़ी दौड़ती नजर आएगी। फिलहाल सीआरएस के आने की तिथि निर्धारित नहीं है, लेकिन चार या पांच जनवरी को टीम निरीक्षण कर सकती है। अभी जहां जींद से सोनीपत तक के करीब 85 किलोमीटर के सफर को तय करने में घंटों लग जाते हैं, वहीं रेल सेवा शुरू होने से करीब डेढ़ घंटे में यह दूरी तय हो सकेगी।
दरअसल, डेढ़ दशक पहले पूर्व भाजपा सांसद स्व. किशन सिंह सांगवान के समय सोनीपत से जींद रेलवे लाइन मंजूर हुई थी। एक दशक तक प्रदेश में कांग्रेस का राज रहा। रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने लाइन के लिए संसद में कई बार आवाज उठाई। हालांकि संचालन भाजपा राज में ही संभव हो सका। सोमवार सुबह करीब 11 बजे ब्रिज एंड कंस्ट्रक्शन विभाग रेलवे द्वारा जींद के पांडू पिंडारा जंक्शन से पत्थरों से लदी मालगाड़ी सोनीपत के लिए रवाना की गई। परिचालन विभाग पानीपत से टीआई अनूप सिंह द्वारा नारियल फोड़कर मालगाड़ी को लोको पायलट राजेंद्र सिंह, गार्ड प्रेम सिंह, सहायक लोको पायलट रामअवतार ट्रायल के लिए सोनीपत की तरफ रवाना हुए। मालगाड़ी दोपहर 2:30 बजे गोहाना रेलवे स्टेशन पर पहुंची। यहां से कंस्ट्रक्शन विभाग के चीफ इंजीनियर सुरेंद्र शर्मा मालगाड़ी के साथ सोनीपत पहुंचे। इस गाड़ी में लगभग 50 बोगी थीं। ट्रायल के दौरान मालगाड़ी से रेलवे लाइन पर रोड़ा भी डाला गया।
फाटक रहा बंद, राहगीर परेशान
निर्माणाधीन जींद-गोहाना-सोनीपत रेल लाइन का काम अंतिम चरण में है। गोहाना स्टेशन के आसपास के क्षेत्र में मशीन पैकिंग वर्क और अलग पटरी बिछाने का काम होने से सोमवार को बरोदा मार्ग का फाटक बंद रहा। फाटक बंद रहने से वाहन चालकों को परेशानी हुई। इसी के चलते मंगलवार को महम मार्ग का फाटक बंद रहेगा। गोहाना स्टेशन के नजदीक बरोदा फाटक पर मशीन पैकिंग वर्क और अलग पटरी बिछाने का काम किया गया। यह काम रविवार से जारी है और इसी के चलते फाटक बंद रहा। फाटक बंद होने से इस रूट के वाहन चालक परेशान रहे। वाहन चालकों को महम फाटक या जींद रोड स्थित आरओबी से आवाजाही करनी पड़ी।
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व्यापार व शिक्षा की दृष्टि से अहम है जींद-सोनीपत रेलवे मार्ग
जींद-सोनीपत के बीच रेलवे लाइन शुरू होने से जहां हजारों जिला वासियों को लाभ होगा। व्यापार और शिक्षा की दृष्टि से भी देखा जाए, तो भी नए अवसर प्रदान होंगे। जींद में सीआरएसयू विश्वविद्यालय है। वहीं मुरथल में कई विश्वविद्यालय हैं, जहां शिक्षा के लिए जिले के विद्यार्थियों को आने-जाने की सुविधा प्रदान होगी। सोनीपत शहर एनएच वन राष्ट्रीय शेरशाह राजमार्ग जो दिल्ली से अमृतसर तक है, यह सोनीपत से महज 10 किलोमीटर दूरी पर है। जींद-सोनीपत के बीच रेल सेवा शुरू होने से जिले के विकास को एक नई गति मिलेगी। वैसे फिलहाल जींद वाया रोहतक होकर दिल्ली जाने में करीब चार घंटे का समय लगता है। जींद-सोनीपत मार्ग से दिल्ली का सफर लगभग ढाई घंटे में तय होगा, जिससे करीब डेढ़ घंटे का समय बचेगा।
रेलवे लाइन का ट्रायल लिया गया है। जो सफल रही। अभी मोहना व भंभेवा स्टेशन पर काम चल रहा है, जिसमें स्टे ब्लॉक स्टेशन, बिल्डिंग व अन्य कार्य शामिल हैं।
-अनूप कुमार, टीआई, रेलवे परिचालन विभाग, पानीपत
रेलवे लाइन का सफल रहा ट्रायल
रेलवे ट्रैक पर पहली बार मालगाड़ी चलाई गई है, ट्रायल के लिए मालगाड़ी में वजन भी डाला गया। ट्रायल सफल हुआ है। अब सीआरएस द्वारा निरीक्षण किया जाना बाकी है। सीआरएस की तरफ से हरी झंडी मिलते ही ट्रैक पर यात्री गाड़ी चलाई जाएगी।
-सुरेंद्र कुमार, चीफ इंजीनियर, रेलवे ब्रिज एंड कंस्ट्रक्शन विभाग
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दरअसल, डेढ़ दशक पहले पूर्व भाजपा सांसद स्व. किशन सिंह सांगवान के समय सोनीपत से जींद रेलवे लाइन मंजूर हुई थी। एक दशक तक प्रदेश में कांग्रेस का राज रहा। रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने लाइन के लिए संसद में कई बार आवाज उठाई। हालांकि संचालन भाजपा राज में ही संभव हो सका। सोमवार सुबह करीब 11 बजे ब्रिज एंड कंस्ट्रक्शन विभाग रेलवे द्वारा जींद के पांडू पिंडारा जंक्शन से पत्थरों से लदी मालगाड़ी सोनीपत के लिए रवाना की गई। परिचालन विभाग पानीपत से टीआई अनूप सिंह द्वारा नारियल फोड़कर मालगाड़ी को लोको पायलट राजेंद्र सिंह, गार्ड प्रेम सिंह, सहायक लोको पायलट रामअवतार ट्रायल के लिए सोनीपत की तरफ रवाना हुए। मालगाड़ी दोपहर 2:30 बजे गोहाना रेलवे स्टेशन पर पहुंची। यहां से कंस्ट्रक्शन विभाग के चीफ इंजीनियर सुरेंद्र शर्मा मालगाड़ी के साथ सोनीपत पहुंचे। इस गाड़ी में लगभग 50 बोगी थीं। ट्रायल के दौरान मालगाड़ी से रेलवे लाइन पर रोड़ा भी डाला गया।
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फाटक रहा बंद, राहगीर परेशान
निर्माणाधीन जींद-गोहाना-सोनीपत रेल लाइन का काम अंतिम चरण में है। गोहाना स्टेशन के आसपास के क्षेत्र में मशीन पैकिंग वर्क और अलग पटरी बिछाने का काम होने से सोमवार को बरोदा मार्ग का फाटक बंद रहा। फाटक बंद रहने से वाहन चालकों को परेशानी हुई। इसी के चलते मंगलवार को महम मार्ग का फाटक बंद रहेगा। गोहाना स्टेशन के नजदीक बरोदा फाटक पर मशीन पैकिंग वर्क और अलग पटरी बिछाने का काम किया गया। यह काम रविवार से जारी है और इसी के चलते फाटक बंद रहा। फाटक बंद होने से इस रूट के वाहन चालक परेशान रहे। वाहन चालकों को महम फाटक या जींद रोड स्थित आरओबी से आवाजाही करनी पड़ी।
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व्यापार व शिक्षा की दृष्टि से अहम है जींद-सोनीपत रेलवे मार्ग
जींद-सोनीपत के बीच रेलवे लाइन शुरू होने से जहां हजारों जिला वासियों को लाभ होगा। व्यापार और शिक्षा की दृष्टि से भी देखा जाए, तो भी नए अवसर प्रदान होंगे। जींद में सीआरएसयू विश्वविद्यालय है। वहीं मुरथल में कई विश्वविद्यालय हैं, जहां शिक्षा के लिए जिले के विद्यार्थियों को आने-जाने की सुविधा प्रदान होगी। सोनीपत शहर एनएच वन राष्ट्रीय शेरशाह राजमार्ग जो दिल्ली से अमृतसर तक है, यह सोनीपत से महज 10 किलोमीटर दूरी पर है। जींद-सोनीपत के बीच रेल सेवा शुरू होने से जिले के विकास को एक नई गति मिलेगी। वैसे फिलहाल जींद वाया रोहतक होकर दिल्ली जाने में करीब चार घंटे का समय लगता है। जींद-सोनीपत मार्ग से दिल्ली का सफर लगभग ढाई घंटे में तय होगा, जिससे करीब डेढ़ घंटे का समय बचेगा।
रेलवे लाइन का ट्रायल लिया गया है। जो सफल रही। अभी मोहना व भंभेवा स्टेशन पर काम चल रहा है, जिसमें स्टे ब्लॉक स्टेशन, बिल्डिंग व अन्य कार्य शामिल हैं।
-अनूप कुमार, टीआई, रेलवे परिचालन विभाग, पानीपत
रेलवे लाइन का सफल रहा ट्रायल
रेलवे ट्रैक पर पहली बार मालगाड़ी चलाई गई है, ट्रायल के लिए मालगाड़ी में वजन भी डाला गया। ट्रायल सफल हुआ है। अब सीआरएस द्वारा निरीक्षण किया जाना बाकी है। सीआरएस की तरफ से हरी झंडी मिलते ही ट्रैक पर यात्री गाड़ी चलाई जाएगी।
-सुरेंद्र कुमार, चीफ इंजीनियर, रेलवे ब्रिज एंड कंस्ट्रक्शन विभाग