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जाम में फंसे आईजी, खुद संभाली कमान, थाना प्रभारी को फटकार
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोनीपत
Updated Tue, 08 Nov 2016 01:18 AM IST
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गीता भवन चौक पर जाम खुलवाते हुए आईजी
- फोटो : sonipat
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शहर में जाम की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। सोमवार को शहर में एक बार फिर व्यवस्था बिगड़ गई और शहर के गीता भवन चौक पर जाम लग गया। खुद आईजी हरदीप दून भी जाम में फंस गए। जब ट्रैफिक पुलिस कर्मियों से व्यवस्था नहीं संभली तो आईजी खुद सड़क पर उतर आए। बाद में मौके पर पहुंचे शहर थाना प्रभारी व सिविल लाइन थाना प्रभारी को आईजी ने फटकार भी लगाई।
मंत्री और डीसी की फटकार के बाद 48 लाख रुपये खर्च कर लगाई गई रेड लाइट अभी तक निगम के अधिकारियों के द्वारा चालू नहीं हो पाई है। वहीं, शहर के भारी जाम की व्यवस्था सुधारने के लिए डीसी ने भारी वाहनों पर धारा-144 लगा दी है। इसके बाद भी जाम की स्थिति जस की तस है। सोमवार को शहर के सबसे व्यस्ततम गीता भवन चौक पर जाम लग गया। इससे ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी हड़बड़ा गए। बाद में आईजी हरदीप दून खुद यातायात संभालने के लिए सड़क पर उतरे और वाहनों को रोकना शुरू किया। बाद में शहर थाना प्रभारी अजय मलिक व सिविल लाइन थाना प्रभारी वीरेंद्र राव मौके पर पहुंचे। आईजी ने दोनों को अधिकारियों को फटकार लगाते हुए यातायात को सुचारु रूप से चलाने के आदेश दिए।
जुलूस बना जाम का कारण
सोमवार को आर्य समाज के लोगों द्वारा जुलूस निकाला गया था। इसी कारण मार्ग पर यह स्थिति बन गई। इसी दौरान राई खेलकूद स्कूल में हो रही बैठक में भाग लेने जा रहे आईजी हरदीप सिंह दून की गाड़ी भी जाम में फंस गई। इस पर ट्रैफिक कर्मियों ने तत्काल उन्हें जाम से बाहर निकलवाया, लेकिन जाम से निकलने के बाद आईजी ने गीता भवन चौक पर अपनी गाड़ी को रुकवा लिया। वह नीचे उतरकर गीता भवन चौक पर आ गए। उन्होंने नियमों के विरुद्ध वाहन चला रहे चालकों को फटकार लगाई व जाम को खुलवाने के लिए वाहन चालकों को दिशा-निर्देश भी दिए।
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48 लाख के खर्च लेकिन सब बेकार
करीब दो साल पहले शहर के गीता भवन चौक, अग्रेसन चौक, महाराणा प्रताप चौक, कालुपुर चुंगी व जीटी रोड पर बीसवां मिल चौक व मुरथल फ्लाईओवर के पास 48 लाख रुपये खर्च कर रेड लाइट लगाई गईं। हालांकि, अभी तक इन्हें चालू नहीं किया गया है। निगम के अधिकारी बार-बार टाइम बढ़ा रहे हैं।
धारा-144 बनी गले की फांस
जाम की स्थिति को देखते हुए शहर के अंदर भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगाई गई। इसके बाद शहर के अंदर आने वाले सामान पर भी रोक लग गई है। शहर के उद्योगपति इसका विरोध जता चुके हैं। इसके अलावा खराब होने वाली गाड़ियों को भी शहर के बाहर रोका जा रहा है। इससे चालकों को काफी परेशानी हो रही है।
शहर से बाहर रोके जा रहे ट्रक भी पैदा कर रहे समस्या
शहर में नो एंट्री के चलते ट्रकों को बाहर रोका जा रहा है। जिसके कारण भारी वाहनों को सडक़ के किनारे खड़ा किया जा रहा है। जिसके बाद आने जाने वाले वाहन चालकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शहर के अंदर आने वाले वाहन चालकों को शाम के समय में कई-कई घंटे तक लाइन में खड़ा होकर आना पड़ता है।
आईजी हरदीप दून ने सोमवार को जाम के दौरान मौके पर पहुंचे सिविल लाइन थाना प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि उन्हें शहर में जाम की समस्या नहीं होने देने के लिए निर्देश दिए गए थे। अगर जाम लगा है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है। बता दें कि आईजी ने नगर निगम अधिकारियों को जल्द से जल्द रेड लाइट शुरू किए जाने के बाद ट्रैफिक पुुलिस कर्मी तैनात किए जाने का आश्वासन दिया था।
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मंत्री और डीसी की फटकार के बाद 48 लाख रुपये खर्च कर लगाई गई रेड लाइट अभी तक निगम के अधिकारियों के द्वारा चालू नहीं हो पाई है। वहीं, शहर के भारी जाम की व्यवस्था सुधारने के लिए डीसी ने भारी वाहनों पर धारा-144 लगा दी है। इसके बाद भी जाम की स्थिति जस की तस है। सोमवार को शहर के सबसे व्यस्ततम गीता भवन चौक पर जाम लग गया। इससे ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी हड़बड़ा गए। बाद में आईजी हरदीप दून खुद यातायात संभालने के लिए सड़क पर उतरे और वाहनों को रोकना शुरू किया। बाद में शहर थाना प्रभारी अजय मलिक व सिविल लाइन थाना प्रभारी वीरेंद्र राव मौके पर पहुंचे। आईजी ने दोनों को अधिकारियों को फटकार लगाते हुए यातायात को सुचारु रूप से चलाने के आदेश दिए।
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जुलूस बना जाम का कारण
सोमवार को आर्य समाज के लोगों द्वारा जुलूस निकाला गया था। इसी कारण मार्ग पर यह स्थिति बन गई। इसी दौरान राई खेलकूद स्कूल में हो रही बैठक में भाग लेने जा रहे आईजी हरदीप सिंह दून की गाड़ी भी जाम में फंस गई। इस पर ट्रैफिक कर्मियों ने तत्काल उन्हें जाम से बाहर निकलवाया, लेकिन जाम से निकलने के बाद आईजी ने गीता भवन चौक पर अपनी गाड़ी को रुकवा लिया। वह नीचे उतरकर गीता भवन चौक पर आ गए। उन्होंने नियमों के विरुद्ध वाहन चला रहे चालकों को फटकार लगाई व जाम को खुलवाने के लिए वाहन चालकों को दिशा-निर्देश भी दिए।
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48 लाख के खर्च लेकिन सब बेकार
करीब दो साल पहले शहर के गीता भवन चौक, अग्रेसन चौक, महाराणा प्रताप चौक, कालुपुर चुंगी व जीटी रोड पर बीसवां मिल चौक व मुरथल फ्लाईओवर के पास 48 लाख रुपये खर्च कर रेड लाइट लगाई गईं। हालांकि, अभी तक इन्हें चालू नहीं किया गया है। निगम के अधिकारी बार-बार टाइम बढ़ा रहे हैं।
धारा-144 बनी गले की फांस
जाम की स्थिति को देखते हुए शहर के अंदर भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगाई गई। इसके बाद शहर के अंदर आने वाले सामान पर भी रोक लग गई है। शहर के उद्योगपति इसका विरोध जता चुके हैं। इसके अलावा खराब होने वाली गाड़ियों को भी शहर के बाहर रोका जा रहा है। इससे चालकों को काफी परेशानी हो रही है।
शहर से बाहर रोके जा रहे ट्रक भी पैदा कर रहे समस्या
शहर में नो एंट्री के चलते ट्रकों को बाहर रोका जा रहा है। जिसके कारण भारी वाहनों को सडक़ के किनारे खड़ा किया जा रहा है। जिसके बाद आने जाने वाले वाहन चालकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शहर के अंदर आने वाले वाहन चालकों को शाम के समय में कई-कई घंटे तक लाइन में खड़ा होकर आना पड़ता है।
आईजी हरदीप दून ने सोमवार को जाम के दौरान मौके पर पहुंचे सिविल लाइन थाना प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि उन्हें शहर में जाम की समस्या नहीं होने देने के लिए निर्देश दिए गए थे। अगर जाम लगा है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है। बता दें कि आईजी ने नगर निगम अधिकारियों को जल्द से जल्द रेड लाइट शुरू किए जाने के बाद ट्रैफिक पुुलिस कर्मी तैनात किए जाने का आश्वासन दिया था।