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विद्यार्थियों ने राजकीय कॉलेज पर जड़ा ताला

Fri, 12 Sep 2014 12:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत Updated Fri, 12 Sep 2014 12:54 AM IST
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राजकीय कालेज के बीकॉम कॉमर्स के छात्र-छात्राओं ने आंतरिक मूल्यांकन (एसेसमेंट) में नंबर कम देने के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए गुरुवार को हड़ताल कर कॉलेज के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया।

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छात्राओं ने फिर से सही अंक दिए जाने की मांग की। कॉलेज के प्रिंसिपल के समझाने पर बीकॉम के छात्र-छात्राएं अपनी कक्षाओं में पहुंचे।

गोहाना सरकारी कालेज के बीकॉम कॉमर्स के छात्र जैकी, आयुषी सिंगला, डिंपल, रोहित के अलावा कई छात्र-छात्राओं ने गुरुवार  सुबह कालेज में आंतरिक मूल्यांकन में कम अंक देने के खिलाफ हड़ताल कर दी। छात्रों ने कहा कि परीक्षा परिणाम में उनको आंतरिक  मूल्यांकन के नाम पर 8 से 9 नंबर दिए गए हैं।
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छात्रों ने परीक्षा के रिजल्ट को देखकर कॉलेज प्रांगण में गुरुवार के दिन हड़ताल करने का निश्चत लिया। इसके फलस्वरूप कॉलेज के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने कहा कि जो छात्र कालेज से बाहर अतिरिक्त कक्षाएं लगाने के लिए ट्यूशन आदि पर जाते है उनके नंबर नियमित कॉलेज आने वाले छात्रों से अधिक लगाए गए हैं।
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छात्राओं ने कहा कि उनकी कॉलेज में उपस्थिति भी पूरी है, लेकिन उसके बाद भी उनके नंबर हर वर्ष कम लगाए जाते हैं। छात्रों ने कहा कि ये कॉलेज प्रशासन के द्वारा बीकॉम प्रथम, दूसरे और तीसरे वर्ष के छात्रों के साथ नाइंसाफी की जा रही है जिससे छात्रों के द्वारा सहन नही किया जाएगा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कालेज प्रशासन से उनके नंबर दोबारा से लगाए जाने की मांग की।

प्रिंसिपल ने माना, आंतरिक मूल्यांकन में देने होते हैं 12 नंबर
हड़ताल कर रहे छात्रों के बीच में कालेज के प्रिंसिपल डॉ. सनंदन शर्मा पहुंचे और कहा कि उनके आने से पहले छात्र-छात्राओं के आंतरिक मूल्यांकन के नंबर दिए गए हैं। उन्होंने माना कि आंतरिक मूल्यांकन में छात्रों को कम से कम 12 नंबर देने होते हैं।


उन्होंने कहा कि यह गलती कॉलेज प्रशासन की है या फिर अध्यापक की, इसका पता लगाकर इसका समाधान करेंगे। प्रिंसिपल के आश्वासन के बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त किया और कक्षाओं में गए। उन्होंने कहा कि अब अगर नंबर को बढ़ाने की बात आती है तो इसके लिए लगने वाली फीस छात्र-छात्राओं को देनी पड़ेगी। क्योंकि ऐसे मामलों में डबल फीस का प्रावधान होता है। छात्रों को समाधान के लिए दो दिन इंतजार करने को कहा गया है। 

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