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स्वास्थ्यकर खाद्य उत्पादों का वैश्विक नेतृत्व करेगा भारत : सुरेश प्रभु
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निफ्टेम में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन समारोह में विदेशी प्रतिभागी को सम्
सोनीपत। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (निफ्टम), कुंडली में चल रहे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एनवेश–2026 (एडवांस्ड नेक्स्ट जेनरेशन विजन फॉर इमर्जिंग एंड सस्टेनेबल हेल्दी फूड्स) का रविवार को समापन हो गया। मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि यह सम्मेलन अगली पीढ़ी के लिए स्वास्थ्यकर और सतत खाद्य पिरामिड को नए सिरे से परिभाषित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। भविष्य में भारत स्वास्थ्यकर खाद्य उत्पादों का वैश्विक नेतृत्व करेगा।
तीन दिवसीय सम्मेलन में 25 देशों से नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शेफ और नवाचारकर्ताओं ने भाग लिया। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के विशेष सचिव असित गोयल ने कहा कि विकसित भारत का सपना नवाचार, ज्ञान और उद्यमिता के माध्यम से ही साकार हो सकता है।
हल्दीराम समूह के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय सिंघानिया ने विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को खाद्य मूल्य शृंखला के प्रत्येक चरण में मूल्य सृजन करने का आह्वान करते हुए कहा कि निफ्टम, कुंडली जैसे संस्थान कचरे को संसाधन में बदलने की क्षमता रखते हैं।
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निफ्टम कुंडली के निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबरॉय ने सम्मेलन की प्रमुख उपलब्धियों, परिणामों और वैश्विक प्रभाव का विस्तृत विवरण पेश किया। सम्मेलन में 61 प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसमें कॉरपोरेट, स्टार्टअप, एमएसएमई और सरकारी विभागों ने अत्याधुनिक तकनीकों, नवीन उत्पादों और सतत समाधान प्रस्तुत किए।
इसके अतिरिक्त 22 लाइव कुकरी शो आयोजित किए गए जिनमें प्लांट बेस्ड अवयवों, वैकल्पिक प्रोटीन और पोषण संपन्न खाद्य उत्पादों के अभिनव उपयोग का प्रदर्शन किया गया।
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तीन दिवसीय सम्मेलन में 25 देशों से नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शेफ और नवाचारकर्ताओं ने भाग लिया। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के विशेष सचिव असित गोयल ने कहा कि विकसित भारत का सपना नवाचार, ज्ञान और उद्यमिता के माध्यम से ही साकार हो सकता है।
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हल्दीराम समूह के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय सिंघानिया ने विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को खाद्य मूल्य शृंखला के प्रत्येक चरण में मूल्य सृजन करने का आह्वान करते हुए कहा कि निफ्टम, कुंडली जैसे संस्थान कचरे को संसाधन में बदलने की क्षमता रखते हैं।
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निफ्टम कुंडली के निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबरॉय ने सम्मेलन की प्रमुख उपलब्धियों, परिणामों और वैश्विक प्रभाव का विस्तृत विवरण पेश किया। सम्मेलन में 61 प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसमें कॉरपोरेट, स्टार्टअप, एमएसएमई और सरकारी विभागों ने अत्याधुनिक तकनीकों, नवीन उत्पादों और सतत समाधान प्रस्तुत किए।
इसके अतिरिक्त 22 लाइव कुकरी शो आयोजित किए गए जिनमें प्लांट बेस्ड अवयवों, वैकल्पिक प्रोटीन और पोषण संपन्न खाद्य उत्पादों के अभिनव उपयोग का प्रदर्शन किया गया।