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विपक्ष के सांसदों ने आवाज नहीं उठाई तो उनकी भी करेंगे खिलाफत

Tue, 13 Jul 2021 11:24 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 13 Jul 2021 11:24 PM IST
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If the MPs of the opposition do not raise their voice, they will also oppose them.
किसानों ने सांसदों को चेतावनी पत्र देने की योजना में बदलाव किया है। अब संसद कूच को लेकर रणनीति तैयार की गई है। किसानों का मानना है कि संसद सत्र के लिए अधिकतर सांसद 17 जुलाई तक दिल्ली में पहुंच जाएंगे और ऐसे में उनके आवास पर जाकर चेतावनी पत्र देने का कोई फायदा नहीं है। इसलिए सभी विपक्षी पार्टियों के सांसदों को ई-मेल से चेतावनी पत्र भेजे जाएंगे और उनको साफ कहा जाएगा कि अगर वे संसद में किसानों की आवाज नहीं उठाते हैं तो अब भाजपा सांसदों की तरह उनकी भी खिलाफत की जाएगी।
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कुंडली बॉर्डर धरनास्थल पर मंगलवार को पंजाब के 32 संगठनों के किसान नेताओं की बैठक हुई। किसान नेता दर्शनपाल, जगजीत सिंह दल्लेवाल ने कहा कि 22 जुलाई को संसद कूच के लिए 40 संगठनों के 200 लोग जरूर जाएंगे और अन्य संगठन भी जाना चाहता है तो उस पर विचार करके शामिल किया जा सकता है। जितने भी किसान नेता संसद में जाएंगे, उन सभी के पहचान पत्र बनाए जाएंगे और सिंघु बॉर्डर से बस में बैठाकर रवाना किया जाएगा। पहचान पत्र बनाने का फैसला इसलिए लिया गया है, जिससे संसद कूच के दौरान कोई बाहरी व्यक्ति शामिल नहीं हो सके। इसलिए किसी पर शक होगा तो उसका पहचान पत्र देखा जा सकता है। संसद से पहले बस से उतरकर रोष मार्च निकाला जाएगा और किसी जगह किसानों को सरकार ने रोका तो वहां धरना देकर बैठ जाएंगे। इसके अलावा किसानों को संसद जाते हुए गिरफ्तार किया गया तो सिंघु बॉर्डर से दूसरे किसान संसद के लिए रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि 22 जुलाई को सुबह 9 बजे किसान रवाना होंगे, जिससे 11 बजे तक संसद तक पहुंच सके। पहले दिन जाने वाले किसान शाम को लौट आएंगे और उसके अगले दिन दूसरे किसान संसद कूच के लिए जाएंगे। इस तरह संसद का सत्र चलने तक अलग-अलग किसान लगातार जाते रहेंगे। पंजाब के संगठनों के इस फैसले पर बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा की मुहर भी लगाई जाएगी। इसके साथ ही कहा गया कि पंजाब के संगठन अभी कृषि कानून रद्द कराने के लिए आंदोलन कर रहे हैं और चुनाव लड़ने को लेकर किसी ने कोई फैसला नहीं लिया है।
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