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Sonipat News: होलिका दहन के लिए करना होगा भद्रा खत्म होने का इंतजार
Sat, 23 Mar 2024 10:19 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 23 Mar 2024 10:19 PM IST
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सोनीपत। होली पर इस बार भद्रा का साया रहेगा। इसके चलते लोगों को होलिका दहन के लिए भद्रा खत्म होने का इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि होली पर भद्रा चार घंटे के लिए पाताल में होगी, उस समय भी होलिका दहन किया जा सकता है। ज्योतिषाचार्य पं. मनमोहन मिश्र का कहना है कि भद्रा का प्रभाव रात 11:13 बजे बना रहेगा। ऐसे में लोगों को होलिका दहन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
पं. मिश्र के अनुसार हर साल होली का त्योहार होलिका दहन के अगले दिन सुबह मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि में भद्रा रहित मुहूर्त में प्रदोष काल के समय होलिका दहन करते हैं। अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है। कई बार होली का त्योहार फाल्गुन पूर्णिमा को होता है तो कई बार चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि को, यह फाल्गुन पूर्णिमा की अवधि पर तय करता है। इस साल फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि के कारण होली की सही तारीख को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
उदया तिथि के आधार पर होता है तारीख का निर्धारण
पं. मनमोहन मिश्रा ने बताया कि कई बार त्योहार व व्रत की तारीख का निर्धारण उदया तिथि के आधार पर होता है। वहीं कई बार पूजा मुहूर्त को देखकर उसका निर्धारण किया जाता है। होली का त्योहार होलिका दहन के मुहूर्त को देखकर निर्धारित होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल 24 मार्च को सुबह 9:54 बजे फाल्गुन पूर्णिमा तिथि शुरु हो जाएगी, जो 25 मार्च को दोपहर 12:29 बजे खत्म होगी। अब फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 25 मार्च को दोपहर तक ही है, ऐसे में होलिका दहन 24 मार्च को रात में किया जाएगा।
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भद्रा के पाताल में होने पर किया जा सकेगा होलिका दहन
होलिका दहन के दिन भद्रा 24 मार्च को सुबह 9:54 बजे लग जाएगी। यह रात 11:13 बजे तक रहेगी। हालांकि दोपहर 2.30 बजे से शाम 6.30 बजे तक होलिका दहन कर सकते हैं, इसका कारण यह है कि इस समयावधि में भद्रा पाताल में रहेगी और भद्रा की पूंछ भी नहीं रहेगी। भद्रा होने के कारण इस साल प्रदोष काल में होलिका दहन नहीं हो पाएगा। ऐसे में भद्रा के खत्म होने का इंतजार करना होगा। 24 मार्च को होलिका दहन का समय रात 11:13 बजे से देर रात्रि 12:27 बजे तक रहेगा।
यह रहेगा भद्रा का समय
भद्रा का समय काल : 24 मार्च को सुबह 9:54 बजे से रात 11:13 बजे तक
भद्रा की पूंछ : शाम 6:33 बजे से देर शाम 7:53 बजे तक
भद्रा का मुख : शाम 7:53 बजे से रात 10:06 बजे तक
भद्रा का धरती पर वास : सुबह 09:54 बजे से दोपहर 2:20 बजे तक
भद्रा का पाताल में वास : दोपहर 2:20 बजे से शाम 6:30 बजे तक
ऐसे करें पूजन
ज्योतिषाचार्य मनमोहन मिश्रा ने बताया कि होलिका दहन में अक्षत, गंध, गुड़, फूल, माला, रोली, गुलाल, कच्चा सूत, हल्दी, एक लोटे में जल, नारियल, बताशा, गेहूं की बालियां और मूंग आदि सामग्री होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि होलिका की अग्नि में नारियल के साथ पान और सुपारी चढ़ाने से घर की आर्थिक तंगी दूर होती है।
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पं. मिश्र के अनुसार हर साल होली का त्योहार होलिका दहन के अगले दिन सुबह मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि में भद्रा रहित मुहूर्त में प्रदोष काल के समय होलिका दहन करते हैं। अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है। कई बार होली का त्योहार फाल्गुन पूर्णिमा को होता है तो कई बार चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि को, यह फाल्गुन पूर्णिमा की अवधि पर तय करता है। इस साल फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि के कारण होली की सही तारीख को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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उदया तिथि के आधार पर होता है तारीख का निर्धारण
पं. मनमोहन मिश्रा ने बताया कि कई बार त्योहार व व्रत की तारीख का निर्धारण उदया तिथि के आधार पर होता है। वहीं कई बार पूजा मुहूर्त को देखकर उसका निर्धारण किया जाता है। होली का त्योहार होलिका दहन के मुहूर्त को देखकर निर्धारित होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल 24 मार्च को सुबह 9:54 बजे फाल्गुन पूर्णिमा तिथि शुरु हो जाएगी, जो 25 मार्च को दोपहर 12:29 बजे खत्म होगी। अब फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 25 मार्च को दोपहर तक ही है, ऐसे में होलिका दहन 24 मार्च को रात में किया जाएगा।
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भद्रा के पाताल में होने पर किया जा सकेगा होलिका दहन
होलिका दहन के दिन भद्रा 24 मार्च को सुबह 9:54 बजे लग जाएगी। यह रात 11:13 बजे तक रहेगी। हालांकि दोपहर 2.30 बजे से शाम 6.30 बजे तक होलिका दहन कर सकते हैं, इसका कारण यह है कि इस समयावधि में भद्रा पाताल में रहेगी और भद्रा की पूंछ भी नहीं रहेगी। भद्रा होने के कारण इस साल प्रदोष काल में होलिका दहन नहीं हो पाएगा। ऐसे में भद्रा के खत्म होने का इंतजार करना होगा। 24 मार्च को होलिका दहन का समय रात 11:13 बजे से देर रात्रि 12:27 बजे तक रहेगा।
यह रहेगा भद्रा का समय
भद्रा का समय काल : 24 मार्च को सुबह 9:54 बजे से रात 11:13 बजे तक
भद्रा की पूंछ : शाम 6:33 बजे से देर शाम 7:53 बजे तक
भद्रा का मुख : शाम 7:53 बजे से रात 10:06 बजे तक
भद्रा का धरती पर वास : सुबह 09:54 बजे से दोपहर 2:20 बजे तक
भद्रा का पाताल में वास : दोपहर 2:20 बजे से शाम 6:30 बजे तक
ऐसे करें पूजन
ज्योतिषाचार्य मनमोहन मिश्रा ने बताया कि होलिका दहन में अक्षत, गंध, गुड़, फूल, माला, रोली, गुलाल, कच्चा सूत, हल्दी, एक लोटे में जल, नारियल, बताशा, गेहूं की बालियां और मूंग आदि सामग्री होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि होलिका की अग्नि में नारियल के साथ पान और सुपारी चढ़ाने से घर की आर्थिक तंगी दूर होती है।