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Sonipat News: करो या मरो के मुकाबले में चमके जिले के हॉकी खिलाडी, सुमित ने ऑलराउंडर व अभिषेक ने संभाली अटैक की कमान
Sun, 04 Aug 2024 11:06 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 04 Aug 2024 11:06 PM IST
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सोनीपत स्थित मयूर विहार में भारतीय टीम की जीत के बाद मिठाई खिलाकर खुशी मनाते अभिषेक नैन के परिज
सोनीपत। पेरिस ओलंपिक में भारतीय टीम ने अद्भुत जीत दर्ज की है। भारतीय टीम ने ग्रेट ब्रिटेन को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराकर सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। जिले के स्टार खिलाड़ियों ने मुकाबले में शानदार प्रदर्शन कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। अभिषेक नैन ने मुकाबले में करीब चार बार विरोधी टीम के डिफेंस को भेदकर गोल दागने का प्रयास किया। सुमित कुमार ने डिफेंस के साथ अटैक व मिडफील्ड में बेहतर प्रदर्शन कर टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाने में मदद की।
मयूर विहार निवासी अभिषेक नैन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाते हुए विरोधियों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। अभिषेक ने पहले पांच मिनट में ही ग्रेट ब्रिटेन के डिफेंस को भेद कर गोल करने की कोशिश की, लेकिन कीपर के पैड से लगकर बॉल बाहर चली गई। दूसरे राउंड में अभिषेक नैन ने गोल करने की लगातार कई कोशिश की। लेकिन भाग्य का साथ नहीं मिला। मुकाबले के 22वें मिनट में अभिषेक ने ब्रिटिश खिलाड़ियों को छकाते हुए डी में प्रवेश कर गोल का प्रयास किया, जो विरोधी कीपर के पैरों के बीच फंस गई। इससे भारत को पेनल्टी कार्नर मिला व उसे भारतीय कप्तान हरमनप्रीत ने गोल में बदल दिया। वहीं मुकाबले में गांव कुराड़ के स्टार खिलाड़ी सुमित कुमार ने बेहतरीन प्रदर्शन के साथ सभी को प्रभावित किया है। मुकाबले के 12वें मिनट में टीम के अहम डिफेंडर अमित रोहिदास को रेड कार्ड मिलने के बाद सुमित ने डिफेंस की जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से निभाया। साथ ही मिडफील्ड व अटैक में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। सुमित कुमार ने मुकाबले में छह बार विरोधी खिलाड़ियों को गोल करने से रोका। सुमित ने तीसरे राउंड के अंतिम मिनट में ग्रेट ब्रिटेन की डी में घुसकर अटैक किया, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। सुमित के भाई जयसिंह ने बताया कि रोमांचक मुकाबले में भारतीय टीम को मिली जीत से सभी को खुशी है। उन्होंने बताया कि मुकाबले के दौरान एक सेकंड भी टीवी से नजर नहीं हट रही थी। भारतीय टीम ने अद्भुत प्रदर्शन किया है। हमें पूरी उम्मीद है कि भारतीय टीम ओलंपिक में देश को स्वर्ण पदक जरूर दिलाएगी।
मयूर विहार निवासी अभिषेक की मां सूरत देवी ने बताया कि भारतीय टीम के साथ बेटे के प्रदर्शन से काफी खुश हूं। अभिषेक जी जान लगाकर खेल रहा है। भाई सचिन ने बताया कि भारतीय टीम की जितनी तारीफ करें उतनी कम है। करीब 48 मिनट तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेलकर भी टीम ने जीत हासिल की है। भारतीय टीम के प्रदर्शन से इस बार स्वर्ण पदक की आस है।
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साहस, संयम व एकजुटता अनूठी मिसाल की पेश
भारतीय टीम ने पेनल्टी शूटआउट तक गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ग्रेट ब्रिटेन को 4-2 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया है। मुकाबले के 12वें मिनट में अमित रोहिदास को रेड कार्ड मिलने के बाद भारतीय टीम ने 10 खिलाड़ियों के साथ संयम से बेहतर प्रदर्शन किया है। भारतीय टीम के सभी खिलाड़ियों ने एकजुट होकर अंग्रेज खिलाड़ियों को गोल नहीं करने दिया। कप्तान हरमनप्रीत ने दूसरे राउंड में पेनल्टी कार्नर के माध्यम से गोल किया। जवाब में ग्रेट ब्रिटेन की टीम ने भी गोल कर बराबरी हासिल कर ली। इसके बाद भारतीय टीम ने डिफेंस को प्राथमिकता देते हुए मुकाबले के अंत तक कोई गोल नहीं होने दिया। तीसरे राउंड में एक समय पर भारत के केवल नौ खिलाड़ी मैदान पर थे। टीम के ऑलराउंडर सुमित को ग्रीन कार्ड मिला। इससे वह करीब दो मिनट तक मैदान से बाहर रहे। उसके बाद भी भारतीय टीम ने हौसला न हारते हुए मुकाबले को बराबरी पर खत्म किया।
पेनल्टी शूटआउट में दिखा भारतीय खिलाड़ियों का जलवा
पहले पेनल्टी में ग्रेट ब्रिटेन ने गोल के साथ शुरुआत की। इसके जवाब में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत ने गोल किया। दूसरे पेनल्टी को भी विरोधी टीम के खिलाड़ी ने गोल में बदल दिया। इसके बाद भारतीय टीम के सुखजीत सिंह ने अपने अनुभव को दिखाते हुए गोल दाग दिया। कीपर श्रीजेश ने अगले दोनों पेनल्टी को रोककर भारत को विजयी बढ़त दिला दी। इसके बाद भारतीय टीम के ललित व राजकुमार ने गोल कर टीम को सेमीफाइनल का टिकट दिलवा दिया।
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मयूर विहार निवासी अभिषेक नैन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाते हुए विरोधियों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। अभिषेक ने पहले पांच मिनट में ही ग्रेट ब्रिटेन के डिफेंस को भेद कर गोल करने की कोशिश की, लेकिन कीपर के पैड से लगकर बॉल बाहर चली गई। दूसरे राउंड में अभिषेक नैन ने गोल करने की लगातार कई कोशिश की। लेकिन भाग्य का साथ नहीं मिला। मुकाबले के 22वें मिनट में अभिषेक ने ब्रिटिश खिलाड़ियों को छकाते हुए डी में प्रवेश कर गोल का प्रयास किया, जो विरोधी कीपर के पैरों के बीच फंस गई। इससे भारत को पेनल्टी कार्नर मिला व उसे भारतीय कप्तान हरमनप्रीत ने गोल में बदल दिया। वहीं मुकाबले में गांव कुराड़ के स्टार खिलाड़ी सुमित कुमार ने बेहतरीन प्रदर्शन के साथ सभी को प्रभावित किया है। मुकाबले के 12वें मिनट में टीम के अहम डिफेंडर अमित रोहिदास को रेड कार्ड मिलने के बाद सुमित ने डिफेंस की जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से निभाया। साथ ही मिडफील्ड व अटैक में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। सुमित कुमार ने मुकाबले में छह बार विरोधी खिलाड़ियों को गोल करने से रोका। सुमित ने तीसरे राउंड के अंतिम मिनट में ग्रेट ब्रिटेन की डी में घुसकर अटैक किया, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। सुमित के भाई जयसिंह ने बताया कि रोमांचक मुकाबले में भारतीय टीम को मिली जीत से सभी को खुशी है। उन्होंने बताया कि मुकाबले के दौरान एक सेकंड भी टीवी से नजर नहीं हट रही थी। भारतीय टीम ने अद्भुत प्रदर्शन किया है। हमें पूरी उम्मीद है कि भारतीय टीम ओलंपिक में देश को स्वर्ण पदक जरूर दिलाएगी।
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मयूर विहार निवासी अभिषेक की मां सूरत देवी ने बताया कि भारतीय टीम के साथ बेटे के प्रदर्शन से काफी खुश हूं। अभिषेक जी जान लगाकर खेल रहा है। भाई सचिन ने बताया कि भारतीय टीम की जितनी तारीफ करें उतनी कम है। करीब 48 मिनट तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेलकर भी टीम ने जीत हासिल की है। भारतीय टीम के प्रदर्शन से इस बार स्वर्ण पदक की आस है।
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भारतीय टीम ने पेनल्टी शूटआउट तक गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ग्रेट ब्रिटेन को 4-2 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया है। मुकाबले के 12वें मिनट में अमित रोहिदास को रेड कार्ड मिलने के बाद भारतीय टीम ने 10 खिलाड़ियों के साथ संयम से बेहतर प्रदर्शन किया है। भारतीय टीम के सभी खिलाड़ियों ने एकजुट होकर अंग्रेज खिलाड़ियों को गोल नहीं करने दिया। कप्तान हरमनप्रीत ने दूसरे राउंड में पेनल्टी कार्नर के माध्यम से गोल किया। जवाब में ग्रेट ब्रिटेन की टीम ने भी गोल कर बराबरी हासिल कर ली। इसके बाद भारतीय टीम ने डिफेंस को प्राथमिकता देते हुए मुकाबले के अंत तक कोई गोल नहीं होने दिया। तीसरे राउंड में एक समय पर भारत के केवल नौ खिलाड़ी मैदान पर थे। टीम के ऑलराउंडर सुमित को ग्रीन कार्ड मिला। इससे वह करीब दो मिनट तक मैदान से बाहर रहे। उसके बाद भी भारतीय टीम ने हौसला न हारते हुए मुकाबले को बराबरी पर खत्म किया।
पेनल्टी शूटआउट में दिखा भारतीय खिलाड़ियों का जलवा
पहले पेनल्टी में ग्रेट ब्रिटेन ने गोल के साथ शुरुआत की। इसके जवाब में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत ने गोल किया। दूसरे पेनल्टी को भी विरोधी टीम के खिलाड़ी ने गोल में बदल दिया। इसके बाद भारतीय टीम के सुखजीत सिंह ने अपने अनुभव को दिखाते हुए गोल दाग दिया। कीपर श्रीजेश ने अगले दोनों पेनल्टी को रोककर भारत को विजयी बढ़त दिला दी। इसके बाद भारतीय टीम के ललित व राजकुमार ने गोल कर टीम को सेमीफाइनल का टिकट दिलवा दिया।