फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Health of 50 thousand peoples responsible for four doctors

चार चिकित्सकों के जिम्मे 50 हजार लोगों का स्वास्थ्य

Fri, 23 Jul 2021 01:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jul 2021 01:00 AM IST
विज्ञापन
Health of 50 thousand peoples responsible for four doctors
ईएसआई डिस्पेंसरी में चिकित्सक के कमरे के बाहर उपचार कराने के लिए लाइन में खड़े मरीज। - फोटो : Sonipat
शहर की ईएसआई डिस्पेंसरी में मरीजों को बीमारी ठीक कराने के लिए ही जूझना पड़ रहा है। यहां चार चिकित्सक के सहारे रोजाना 400 लोगों का उपचार हो रहा है और चिकित्सकों की कमी के कारण 70 से ज्यादा मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

हालात यह हैं कि उपचार कराने के लिए ईएसआई डिस्पेंसरी में रोजाना मरीजों को घंटों तक लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है। इस तरह बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का सरकार का दावा यहां हवाई साबित हो रहा है और डिस्पेंसरी में खाली पड़े मेडिकल स्टाफ के पदों को भरा तक नहीं जा रहा है।
विज्ञापन

शहर में बटन फैक्टरी मार्केट रोड पर स्थित ईएसआई डिस्पेंसरी के जिम्मे करीब 50000 लोगों का स्वास्थ्य सुधारना है। लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण यहां पर मरीजों को परेशानी हो रही है। ईएसआई डिस्पेंसरी में रोजाना 400 से ज्यादा ओपीडी हो रही है। लेकिन चिकित्सकों की कमी के कारण रोजाना 70 मरीजों को पैनल अस्पतालों में रेफर करना पड़ रहा है। सरकार की ओर से ईएसआई डिस्पेंसरी में 10 पद स्वीकृत है, जिसमें से पांच चिकित्सक तैनात है, इनमें एक महिला चिकित्सक पिछले तीन माह से मेडिकल लीव पर गई हुई है। चार चिकित्सकों के सहारे ही स्वास्थ्य सेवाएं चल रही है। यहां आने वाले मरीज को उपचार कराने में करीब तीन-तीन घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। उसके बाद भी समय पर मरीजों को उपचार मिलने में परेशानी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डिस्पेंसरी में मेडिकल स्टाफ की यह है स्थिति
ईएसआई डिस्पेंसरी में मेडिकल स्टाफ का टोटा बना हुआ है। यहां पर चिकित्सक पद के लिए 10 पद स्वीकृत है। जनवरी में चिकित्सकों के तबादले के बाद ईएसआई डिस्पेंसरी में कोई नई नियुक्ति नहीं हो पाई है। इसके अलावा यहां पर छह फार्मासिस्ट ड्यूटी दे रहे है। यहां के दो फार्मासिस्ट को कुंडली व बहालगढ़ की डिस्पेंसरी में लगा रखा है। यहां पर मेडिकल स्टाफ पूरा नहीं होने के कारण सामान्य डिलीवरी भी बहुत कम हो रही है तो मरीजों के उपचार के लिए सर्जरी की सुविधा तक नहीं है। सर्जरी करने के लिए मरीजों को शहर के चार पैनल अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है।
कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन तक नहीं हो रहा
एक तरफ कोरोना की तीसरी लहर के आने की संभावना जताई जा रही है। वहीं ईएसआई डिस्पेंसरी में कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन तक नहीं किया जा रहा। चिकित्सकों की कमी के कारण यहां पर मरीजों की लंबी लाइनें लग रही है और उनमें अपने नंबर के लिए मरीज सटकर खड़े रहते हैं। इस तरह से सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
कोट्स-
डिस्पेंसरी में अपने भाई राजेश को लेकर मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सुबह आठ बजे आया था। लेकिन पांच घंटे लाइन में लगने के बाद भी मेडिकल प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है। ऐसे में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- विनोद कुमार निवासी राठधना
दो दिन पहले मेरी आंख में चोट लग गई थी। डिस्पेंसरी में अपनी आंख की जांच कराने के लिए पहुंचा तो यहां पर मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई मिली। चिकित्सकों की कमी के कारण यहां आने वाले मरीजों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
- रामप्रताप निवासी हरसाना कलां
सरकार की ओर से डिस्पेंसरी में स्वास्थ्य सुविधाओं को नहीं बढ़ाया जा रहा है। चिकित्सकों के अधिकतर पद खाली पड़े है। मेडिकल स्टाफ नहीं होने के कारण अधिकतर मरीजों को यहां से रेफर कर दिया जाता है।

- संजय निवासी सलीमसर माजरा
वर्जन
स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़वाने के लिए हर माह सरकार को पत्र लिखा जा रहा है। जनवरी माह में तीन चिकित्सकों के तबादला होने के बाद यहां पर कोई नई नियुक्ति नहीं हो पाई है।
- डॉ. सुरीला जैन, एसएमओ ईएसआई डिस्पेंसरी

ईएसआई डिस्पेंसरी में बिना सोशल डिस्टेंस के खड़े लोग।

ईएसआई डिस्पेंसरी में बिना सोशल डिस्टेंस के खड़े लोग।- फोटो : Sonipat

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed