{"_id":"64136458029b54c9e00e7ac4","slug":"hafed-will-buy-mustard-in-sonepat-gohana-and-gannaur-sonipat-news-c-17-1-95404-2023-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: सोनीपत, गोहाना और गन्नौर में हैफेड खरीदेगा सरसों","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: सोनीपत, गोहाना और गन्नौर में हैफेड खरीदेगा सरसों
Fri, 17 Mar 2023 12:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 17 Mar 2023 12:18 AM IST
विज्ञापन
फोटो 06- गोहाना अनाज मंडी में बैठक के बाद आढ़तियों के साथ हैफेड के डीएम उमाकांत शर्मा व अन्य।
सोनीपत/गोहाना। आढ़तियों और सरकार के बीच चल रहे आढ़त के विवाद के बीच हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति और विपणन संघ (हैफेड) ने सहकारी विपणन समिति के माध्यम से सरसों की खरीद करने का निर्णय लिया है। हैफेड ने आढ़तियों की मांग को दरकिनार करते हुए सीधी खरीद करने की पूरी तैयारी कर ली है। सोनीपत, गोहाना व गन्नौर की अनाज मंडी में सरकारी खरीद होगी। अब मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को 5450 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से सरसों का भाव मिलेगा। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सरसों की फसल में 8 फीसदी से ज्यादा नमी होने पर खरीद नहीं करेगा।
सरकार के आढ़तियों के बीच आढ़त को लेकर विवाद चल रहा है। सरकार ने इस बार आढ़तियों को 1.25 फीसदी आढ़त देने की घोषणा की है। जिस पर आढ़ती बिफरे हुए है और उन्होंने हैफेड के साथ सरसों की खरीद का माध्यम बनने से मना कर दिया है। मंडियों में वर्तमान में 4500 से 5200 रुपये प्रति क्विंटल सरसों बिक रही है। इस बीच हैफेड के अधिकारियों ने किसानों के फायदे के लिए सरसों की सीधी खरीद करने का निर्णय लिया है। अब पोर्टल पर पंजीकृत किसानों की सरसों न्यूनतम समर्थन मूल्य 5450 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदी जाएगी। इसके लिए किसान सरसों को सुखाकर लेकर आएं, ताकि 8 फीसदी नमी होने तक सरसों की फसल खरीदी जा सके।
-- -- -- --
मंडी में सुखाई जाएगी सरसों की फसल
अधिकारियों का कहना है कि जिन किसानों ने सरसों की अगेती खेती की है, उनकी फसल पक कर तैयार हो चुकी है। वह सरसों को लेकर मंडी में आ रहे हैं। उनकी फसल में 9.5 से लेकर 22 फीसदी तक नमी मिल रही है। ऐसे में किसानों को मंडी में ही फसल सुखाने का समय दिया जा रहा है। नमी की मात्रा 8 फीसदी होने पर खरीद की जाएगी।
विज्ञापन
आढ़ती बोले-
सरकार की ओर से हर बार आढ़तियों को 2.5 फीसदी आढ़त दी जाती थी, लेकिन इस बाद सरकार ने उनकी आढ़त 50 फीसदी कम कर 1.25 फीसदी कर दी है। जिसका आढ़ती विरोध कर रहे हैं। आढ़ती 1.25 फीसदी आढ़त पर काम नहीं करेंगे। सरकार उन्हें 2.5 फीसदी आढ़त उपलब्ध कराए।
विनोद सहरावत, प्रधान, फूड ग्रेन डीलर एसोसिएशन गोहाना
-- -
आढ़ती शुरुआत से ही ढाई फीसदी आढ़त की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांग को नहीं मान रही है। ऐसे में वह कम आढ़त पर सरसों की खरीद का माध्यम नहीं बनेंगे। -पवन गोयल, अनाज मंडी ट्रेडर्स एसोसिएशन सोनीपत
वर्जन
उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार अब सहकारी विपणन समिति के माध्यम से सरसों की खरीद करेगी। इसके लिए पंजीकृत किसान समिति की दुकान पर फसल लेकर आए और सरसों में नमी की मात्रा 8 फीसदी मिलने पर फसल सरकारी भाव पर बेचे। -उमाकांत शर्मा, डीएम, हैफेड
विज्ञापन
सरकार के आढ़तियों के बीच आढ़त को लेकर विवाद चल रहा है। सरकार ने इस बार आढ़तियों को 1.25 फीसदी आढ़त देने की घोषणा की है। जिस पर आढ़ती बिफरे हुए है और उन्होंने हैफेड के साथ सरसों की खरीद का माध्यम बनने से मना कर दिया है। मंडियों में वर्तमान में 4500 से 5200 रुपये प्रति क्विंटल सरसों बिक रही है। इस बीच हैफेड के अधिकारियों ने किसानों के फायदे के लिए सरसों की सीधी खरीद करने का निर्णय लिया है। अब पोर्टल पर पंजीकृत किसानों की सरसों न्यूनतम समर्थन मूल्य 5450 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदी जाएगी। इसके लिए किसान सरसों को सुखाकर लेकर आएं, ताकि 8 फीसदी नमी होने तक सरसों की फसल खरीदी जा सके।
विज्ञापन
मंडी में सुखाई जाएगी सरसों की फसल
अधिकारियों का कहना है कि जिन किसानों ने सरसों की अगेती खेती की है, उनकी फसल पक कर तैयार हो चुकी है। वह सरसों को लेकर मंडी में आ रहे हैं। उनकी फसल में 9.5 से लेकर 22 फीसदी तक नमी मिल रही है। ऐसे में किसानों को मंडी में ही फसल सुखाने का समय दिया जा रहा है। नमी की मात्रा 8 फीसदी होने पर खरीद की जाएगी।
विज्ञापन
आढ़ती बोले-
सरकार की ओर से हर बार आढ़तियों को 2.5 फीसदी आढ़त दी जाती थी, लेकिन इस बाद सरकार ने उनकी आढ़त 50 फीसदी कम कर 1.25 फीसदी कर दी है। जिसका आढ़ती विरोध कर रहे हैं। आढ़ती 1.25 फीसदी आढ़त पर काम नहीं करेंगे। सरकार उन्हें 2.5 फीसदी आढ़त उपलब्ध कराए।
विनोद सहरावत, प्रधान, फूड ग्रेन डीलर एसोसिएशन गोहाना
आढ़ती शुरुआत से ही ढाई फीसदी आढ़त की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांग को नहीं मान रही है। ऐसे में वह कम आढ़त पर सरसों की खरीद का माध्यम नहीं बनेंगे। -पवन गोयल, अनाज मंडी ट्रेडर्स एसोसिएशन सोनीपत
वर्जन
उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार अब सहकारी विपणन समिति के माध्यम से सरसों की खरीद करेगी। इसके लिए पंजीकृत किसान समिति की दुकान पर फसल लेकर आए और सरसों में नमी की मात्रा 8 फीसदी मिलने पर फसल सरकारी भाव पर बेचे। -उमाकांत शर्मा, डीएम, हैफेड

फोटो 06- गोहाना अनाज मंडी में बैठक के बाद आढ़तियों के साथ हैफेड के डीएम उमाकांत शर्मा व अन्य।

फोटो 06- गोहाना अनाज मंडी में बैठक के बाद आढ़तियों के साथ हैफेड के डीएम उमाकांत शर्मा व अन्य।

फोटो 06- गोहाना अनाज मंडी में बैठक के बाद आढ़तियों के साथ हैफेड के डीएम उमाकांत शर्मा व अन्य।

फोटो 06- गोहाना अनाज मंडी में बैठक के बाद आढ़तियों के साथ हैफेड के डीएम उमाकांत शर्मा व अन्य।