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हरियाणा: चढूनी ने किए एसकेएम को एक करने के प्रयास तेज, कहा- पंजाब में फूट के कारण किसान नेता चुनाव हारे, आप को मिला फायदा

Sun, 03 Apr 2022 01:14 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 03 Apr 2022 01:14 AM IST
सार

भाकियू नेता ने कहा कि एमएसपी को लेकर किए गए वादे को केंद्र सरकार ने पूरा नहीं किया है। मिलकर आंदोलनों की लड़ाई लड़नी होगा। उन्होंने बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसल के मुआवजे की सरकार से मांग की। गुरनाम सिंह ने कहा कि किसान संगठनों की फूट के कारण किसान नेता चुनाव हारे। किसान संगठनों की फूट का फायदा आम आदमी पार्टी को मिला।

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Gurnam Singh Chaduni intensified efforts to unify sanyukt kisan morcha
छोटूराम धर्मशाला में आयोजित भाकियू की बैठक को संबोधित करते अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार को बेमौसम बारिश की वजह से बर्बाद हुई फसल का मुआवजा तुरंत देना चाहिए, ताकि किसानों को मदद मिल सके। साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर किए गए वादे को पूरा नहीं किया है।

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सरकार से मांग मनवाने के लिए एसकेएम को एक करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। आंदोलनों में एक होकर लड़ाई लड़नी होगी। तभी किसानों की जीत हो सकती है। भाकियू नेता ने कहा कि पंजाब चुनाव में किसान संगठनों की आपसी फूट का फायदा आम आदमी पार्टी को मिला। वह शनिवार को हरियाणा के सोनीपत में छोटूराम धर्मशाला में आयोजित भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) की बैठक को संबोधित कर रहे थे। 
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गुरनाम सिंह चढूनी ने पंजाब में किसान नेताओं की हार को लेकर कहा कि किसान संगठनों में फूट के कारण वह चुनाव हारे। पंजाब की जनता कांग्रेस व अकाली दल को बदलना चाहती थी। उनके सामने किसान नेता व आम आदमी पार्टी के रूप में दो विकल्प थे। किसान संगठनों की फूट का फायदा आम आदमी पार्टी को मिला। साथ ही उन्होंने कहा कि हरियाणा में चुनाव लड़ने के लिए संगठन से बातचीत कर फैसला लेंगे।
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साथ ही उन्होंने कहा कि रबी सीजन के साथ ही पिछले खरीफ सीजन में भी जलभराव के कारण किसानों की धान की फसल बर्बाद हो गई थी। किसानों ने सरकार से कई बार विशेष गिरदावरी करवाने की मांग की थी। बेमौसम बारिश की वजह से किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।

सरकार को जल्द से जल्द किसानों को मुआवजा देना चाहिए। किसान नेता ने कहा कि सरकार किसानों के साथ किए गए वादों को पूरा नहीं कर रही है। सरकार ने किसान आंदोलन को स्थगित करते हुए वादा किया था कि जल्द एमएसपी की गारंटी को लेकर कमेटी का गठन किया जाएगा। लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी कमेटी का गठन नहीं हो सका है। साथ ही अभी तक किसानों पर दर्ज कई मुकदमे वापस नहीं हो सके हैं। जिसकी वजह से किसानों में सरकार के खिलाफ रोष है।

किसान नेता सत्यवान नरवाल ने कहा कि सरकार किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। किसानों को बर्बाद फसल का मुआवजा नहीं मिला तो वह आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान जिलाध्यक्ष अशोक लठवाल, भगत सिंह, कृष्ण मलिक, जय सिंह दहिया, भोला पहलवान, सतपाल जाटी, रमेश खत्री, वीरेंद्र पहल आदि मौजूद रहे।  


एसकेएम को एकजुट कर लड़ेंगे लड़ाई 
भाकियू नेता गुरनाम सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार से मांगों को मनवाने के लिए किसानों को फिर से पहले ही तरह एकजुट किया जा रहा है। किसानों को एकजुट कर पुरजोर तरीके से उनकी मांगों को उठाया जाएगा। सरकार को पहले भी किसानों की जायज मांग पूरी करनी पड़ी थी। आगे भी किसान एकता के साथ अपनी मांग मनवाएंगे। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में किसानों के साथ नाइंसाफी हुई है। गलत करने वाले बाहर हैं और किसान जेलों में बंद हैं। 

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