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किसान आंदोलन: गुरनाम सिंह चढूनी संयुक्त किसान मोर्चा से सात दिन के लिए निलंबित, किसी मंच पर नहीं जा सकेंगे

Wed, 14 Jul 2021 06:58 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Wed, 14 Jul 2021 06:58 PM IST
सार

गुरनाम चढूनी को पहले भी जनवरी में दिल्ली में राजनीतिक दलों की बैठक में शामिल होने पर संयुक्त किसान मोर्चा से निलंबित किया गया था। बैठक में शामिल चढूनी का फोटो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ा तो संयुक्त किसान मोर्चा ने उन्हें निलंबित कर दिया था। हालांकि चढूनी को मात्र 10 घंटे में ही बहाल कर दिया था। वहीं दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च के दौरान रास्ता बदलने पर भी पंजाब के दो संगठनों के नेताओं को भी 15 दिन निलंबित किया था। 

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Gurnam Singh Chadhuni suspended for seven days from Sanyukt Kisan Morcha
गुरनाम सिंह चढूनी। - फोटो : फाइल

विस्तार

राजनीतिक बयानबाजी करने और पंजाब के किसान संगठनों को उकसाने के आरोप पर हरियाणा भाकियू अध्यक्ष गुरनाम चढूनी को संयुक्त किसान मोर्चा से सात दिन के लिए निलंबित कर दिया है। फैसले के अनुसार चढूनी एक सप्ताह तक अब किसी मंच पर नहीं जा सकेंगे और न ही किसी बैठक में हिस्सा ले पाएंगे। वहीं चढूनी ने इस फैसले को गलत बताया है।

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नए कृषि कानून रद्द कराने के लिए चल रहे आंदोलन में किसान नेताओं के बीच खींचतान खुलकर सामने आ गई है। कुंडली बॉर्डर धरनास्थल पर बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हुई। इसके बाद किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि गुरनाम सिंह चढूनी की राजनीतिक बयानबाजी का अधिकतर संगठनों ने विरोध किया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई। इसलिए उन्हें सात दिन के लिए संयुक्त किसान मोर्चा से सस्पेंड करने की कार्रवाई की गई। वहीं चढूनी ने कहा कि वह किसी भी तरह अपने ‘मिशन पंजाब’ वाले बयान से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

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यह आंदोलन केवल किसानों के लिए लड़ा जा रहा है और किसानों के मंच से राजनीतिक बातचीत नहीं होनी चाहिए। हम यहां आंदोलन लड़ने आए हैं, चुनाव लड़ने के लिए नहीं आए हैं। - बलबीर सिंह राजेवाल, किसान नेता  

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संयुक्त किसान मोर्चा का फैसला पूरी तरह से गलत है, क्योंकि किसी की विचारधारा के लिए कोई दबाव नहीं दे सकता है। मिशन यूपी करना है तो मिशन पंजाब भी करना पड़ेगा और आंदोलन जीतने के लिए रणनीति भी बदलनी पड़ेगी। मैं पहले ही मंच पर कम जाता था और मुझे मंच का कोई लालच नहीं है। - गुरनाम सिंह चढूनी, अध्यक्ष हरियाणा भाकियू 


सिरसा में किसानों पर देशद्रोह की धारा में मुकदमा करने का विरोध
संयुक्त किसान मोर्चा की लीगल कमेटी के संयोजक प्रेम सिंह पंघू ने कहा कि हरियाणा में पहली बार किसानों पर सिरसा में डिप्टी स्पीकर गंगवा के मामले में देशद्रोह की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। किसान नेताओं प्रह्लाद सिंह बारूखेड़ा, हरचरण सिंह को नामजद और अन्य अज्ञात पर मुकदमा किया है। 



यह गलत धाराओं में मुकदमा हुआ है और इसे जल्द खत्म किया जाना चाहिए। यह आपराधिक मामला हो सकता है लेकिन देशद्रोह का मामला नहीं है। वहीं जिस किसान नेता प्रह्लाद सिंह पर मुकदमा दर्ज हुआ है, वह भी किसान मोर्चा की बैठक में शामिल रहा। प्रह्लाद सिंह ने कहा कि मुकदमे से नहीं डरने वाले हैं। जब तक मांग पूरी नहीं होती है, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

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