{"_id":"679a3b94ada952280a0a5053","slug":"gupt-navratri-ghatasthapana-today-sadhana-will-yield-results-very-soon-sonipat-news-c-17-roh1010-590281-2025-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: गुप्त नवरात्र ... घटस्थापना आज, साधना का अतिशीघ्र मिलेगा फल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: गुप्त नवरात्र ... घटस्थापना आज, साधना का अतिशीघ्र मिलेगा फल
Thu, 30 Jan 2025 01:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 30 Jan 2025 01:59 AM IST
विज्ञापन
फोटो 16- पंडित अमित शौनक।
सोनीपत। धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माने जाने वाले माघ माह में आने वाले गुप्त नवरात्र का विशेष महत्व होता है। इस बार गुप्त नवरात्र का आरंभ वीरवार से हो रहा है। इस दौरान स्नान, दान व उपवास का विशेष महत्व होता है। इस महीने भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ माह पुण्य कमाने और आत्मिक शुद्धि के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है।
चिटाने वाली माता मंदिर के पुजारी पंडित अमित शौनक ने बताया कि गुप्त नवरात्र के दौरान दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है। इनमें मां काली, तारा, छिन्नमस्ता, षोडशी, भुवनेश्वरी, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी या कमला हैं। मान्यता है कि देवी मां कि इन 10 महाविद्याओं की पूजा करने से मनुष्य को विशेष सिद्धियां प्राप्त होती हैं और जीवन के सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है। मान्यता है कि गुप्त नवरात्र में मां दुर्गा की उपासना गुप्त रूप से की जाती है, इससे शक्ति और तंत्र विद्या की सिद्धि मिलती है। इस दौरान की गई साधना का अतिशीघ्र फल मिलता है और जातक की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
माघ गुप्त नवरात्रि पूजा विधि:
पंडित अमित शौनक ने बताया कि सबसे पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा को स्थापित कर उन्हें चुनरी अर्पित करें। फिर मां दुर्गा को पूजन सामग्री अर्पित कर आरती उतारें और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। गुप्त नवरात्रि व्रत करें और आखिरी दिन कन्या पूजन करें। पूजन सामग्री में मां दुर्गा की प्रतिमा या फोटो, सिंदूर, कुमकुम, धूप, दीप, चूड़ियां, नारियल, पंचमेवा, जौ, फल, फूल, घी, हवन सामग्री से पूजन करें।
विज्ञापन
यह रहेगा घटस्थापना मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ 29 जनवरी को शाम 06:25 बजे होगा, जबकि समापन 30 जनवरी को शाम 04:10 बजे होगा। ऐसे में घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त 30 जनवरी को सुबह 09:41 बजे से सुबह 10:59 बजे तक रहेगा। वहीं घटस्थापना के लिए अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:29 बजे से प्रारंभ होकर दोपहर 01:14 बजे समाप्त होगा।
माघ गुप्त नवरात्र मंत्र :
-ओउम दुं दुर्गायै नमः।
-सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।
विज्ञापन
चिटाने वाली माता मंदिर के पुजारी पंडित अमित शौनक ने बताया कि गुप्त नवरात्र के दौरान दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है। इनमें मां काली, तारा, छिन्नमस्ता, षोडशी, भुवनेश्वरी, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी या कमला हैं। मान्यता है कि देवी मां कि इन 10 महाविद्याओं की पूजा करने से मनुष्य को विशेष सिद्धियां प्राप्त होती हैं और जीवन के सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है। मान्यता है कि गुप्त नवरात्र में मां दुर्गा की उपासना गुप्त रूप से की जाती है, इससे शक्ति और तंत्र विद्या की सिद्धि मिलती है। इस दौरान की गई साधना का अतिशीघ्र फल मिलता है और जातक की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
विज्ञापन
माघ गुप्त नवरात्रि पूजा विधि:
पंडित अमित शौनक ने बताया कि सबसे पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा को स्थापित कर उन्हें चुनरी अर्पित करें। फिर मां दुर्गा को पूजन सामग्री अर्पित कर आरती उतारें और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। गुप्त नवरात्रि व्रत करें और आखिरी दिन कन्या पूजन करें। पूजन सामग्री में मां दुर्गा की प्रतिमा या फोटो, सिंदूर, कुमकुम, धूप, दीप, चूड़ियां, नारियल, पंचमेवा, जौ, फल, फूल, घी, हवन सामग्री से पूजन करें।
विज्ञापन
यह रहेगा घटस्थापना मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ 29 जनवरी को शाम 06:25 बजे होगा, जबकि समापन 30 जनवरी को शाम 04:10 बजे होगा। ऐसे में घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त 30 जनवरी को सुबह 09:41 बजे से सुबह 10:59 बजे तक रहेगा। वहीं घटस्थापना के लिए अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:29 बजे से प्रारंभ होकर दोपहर 01:14 बजे समाप्त होगा।
माघ गुप्त नवरात्र मंत्र :
-ओउम दुं दुर्गायै नमः।
-सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।