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जीएसटी में गड़बड़झाला: सरकार की योजना का फायदा उठाकर पंजीकृत कराई बोगस फर्म, चार पर दर्ज हुआ मुकदमा

Sun, 13 Sep 2020 12:27 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2020 12:27 AM IST
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gst fraud, case file on three farm, sonipat
सोनीपत। जीएसटी के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम करने के नाम पर किए गए खेल में करोड़ों का चूना लगाने के मामले में चार फर्मों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही सामने आया है कि गड़बड़झाले के लिए बोगस फर्म का पंजीकरण कराने के लिए सरकार की योजना का ही लाभ उठाया गया है। फर्म के पंजीकरण का ऑनलाइन आवेदन तक किया गया, जिससे अधिकारियों को सत्यापन का मौका ही न मिल सके।
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बोगस फर्म बनाकर जीएसटी का घालमेल करने का मामला शुक्रवार को उजागर हुआ तो अब जांच आगे बढ़ी है। जांच में सामने आया है कि पंजीकरण कराने के लिए दस्तावेज में भी गड़बड़ी की गई। इसमें ज्यादातर पंजीकरण एक ही तरीके से कराए गए हैं। फर्जीवाड़े के लिए सरकार की योजना का ही लाभ उठाया गया। सरकार ने व्यापारियों को राहत व कारोबारी माहौल देने व लाल फीताशाही से बचाने के लिए बेहतर व्यवस्था की थी। इसके लिए फर्म रजिस्टर्ड करने का समय तय कर दिया गया। अधिकारियों को दो दिन में फर्म की जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट देनी होती है। तीसरा दिन शुरू होते ही फर्म खुद रजिस्टर्ड हो जाती थी। इससे अफसर किसी दुर्भावना से पंजीकरण को नहीं रोक सकते थे। जिसका ही फायदा उठाकर पूरा खेल किया गया। बोगस फर्म पंजीकृत कराने वालों ने शुक्रवार शाम को ऑनलाइन आवेदन किया। शनिवार और रविवार को विभाग में छुट्टी होती है। ऐसे में फर्म के कागजात और स्थान का सत्यापन कराने का मौका ही नहीं मिलता। सोमवार सुबह फर्म स्वयं पंजीकृत हो जाती थी। रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने के बाद बोगस फर्म का पंजीकरण कराने वाले जानते थे कि किस तरह गड़बड़झाला करना है। आरोप है कि फर्म के पंजीकरण के लिए फर्जी बिजली और टेलीफोन बिल लगाए गए। सरकार की इस योजना से ऐसी फर्म भी पंजीकृत हो गई, जिन्होंने कोई कागजात भी नहीं लगाया था।
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चार फर्म पर राई थाना में दर्ज हुआ मुकदमा
जीएसटी गड़बड़झाले में राई थाना में चार फर्म पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसमें विमल प्लास्टिक इंडस्ट्रीज, जोगेंद्र इंटरनेशनल, तरुण इंटरप्राइजेज व गौतम इंटरप्राइजेज शामिल है। जिसमें तरुण व गौतम इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर मनोहर लाल गुप्ता, जोगेंद्र इंटरनेशनल की इंद्रा देवी व विमल प्लास्टिक के मदन मोहन है। पुलिस अब इस मामले की जांच में जुट गई। इनमें कई अन्य फर्मों के नाम जुड़े है। जिनके बारे में पता लगाया जाएगा।
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वर्जन
बोगस फर्म का पंजीकरण कराने वालों ने सरकार की योजना का दुरुपयोग किया। षड्यंत्र के तहत शुक्रवार को आवेदन किए गए। इससे सोमवार सुबह रजिस्ट्रेशन नंबर खुद बन गया। अब सभी फर्म का परीक्षण किया जा रहा है। जिले में 22 हजार फर्म पंजीकृत हैं। इनका चरणबद्ध तरीके से परीक्षण किया जाएगा।
- डॉ. सुरेंद्र कुमार लाठर, डिप्टी कमिश्नर-आबकारी एवं कराधान।
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