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Sonipat News: 30 लाख के लिए करा दी दोस्त की हत्या
Fri, 15 Mar 2024 11:45 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 15 Mar 2024 11:45 PM IST
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राई (सोनीपत)। हाईवे पर गुलशन ढाबे की पार्किंग में शराब कारोबारी सुंदर मलिक की गोली मारकर हत्या की साजिश उसके दोस्त सन्नी मलिक ने रची थी। सुंदर से दगा करने के लिए सन्नी मलिक ने भाऊ गैंग से 30 लाख रुपये तय किए थे। इसमें से पांच लाख रुपये उसने पहले ले लिए थे। उसे जीपीएस भाऊ गैंग की तरफ से सुनसान स्थान पर उपलब्ध कराया गया था। बताया जा रहा है कि वह जीपीएस के लिए सिम देने वाले आरोपी नवीन अगवानपुर को नहीं जानता है। पुलिस आरोपी सन्नी के साथ ही मामले में गिरफ्तार नवीन व रामनिवास उर्फ कल्लू बुसाना से भी पूछताछ कर रही है।
मूलरूप से गांव सरगथल फिलहाल पटेल नगर निवासी शराब कारोबारी सुंदर मलिक उर्फ सुंदरा (36) 9 मार्च की रात करीब दस बजे गुलशन ढाबा की पार्किंग में अपनी स्कॉर्पियो लेकर आया था। वह रात को गाड़ी में ही सो गया था। 10 मार्च को सुबह साढ़े आठ बजे होंडा अमेज कार में साथी संग आए दो युवकों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर सुंदर की हत्या कर दी थी। सुंदर मलिक उर्फ सुंदरा कुख्यात नीतू दाबोदिया गैंग का शार्प शूटर रहा है। पुलिस ने मामले में सुंदर के दोस्त गांव कैलाना निवासी सन्नी फौगाट उर्फ फौजी को गिरफ्तार किया था। वह 9 मार्च को उसके साथ था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने बताया था कि उसने सुंदर मलिक की गाड़ी में जीपीएस रखकर उसकी लोकेशन हमलावरों को दे दी थी। दोनों की दोस्ती काफी पुरानी थी। उसके बाद भी आरोप है कि उसने भाऊ गैंग से मिलकर अपने दोस्त की हत्या करा दी।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में पता लगा कि भाऊ गैंग से सन्नी ने सुंदर मलिक की गाड़ी में जीपीएस लगाने के लिए 30 लाख में सौदा किया था। उसे पांच लाख पहले दिए थे। उसे जीपीएस व रुपये फिल्मी स्टाइल में सुनसान स्थान पर रखे मिले थे। उसे कॉल कर इसके बारे में बता दिया था। नवीन को नहीं जानता सन्नी : पुलिस सूत्रों का कहना है कि सन्नी नवीन अगवानपुर को नहीं जानता है। जीपीएस में उसे सिम लगा हुआ मिला था। नवीन से सिम गैंग के लोगों ने ही लेकर जीपीएस में लगाकर दिया था।
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कल्लू की हत्या का रचा था षड्यंत्र, इसके चलते कराई हत्या
बताया जा रहा है कि कल्लू बुसाना को लॉरेंस बिश्नोई व काला जठेड़ी गैंग की तरफ से धमकी मिलने के बाद उसने भाऊ गैंग से दोस्ती बढ़ा ली। सूत्रों का कहना है कि गोहाना के आपराधिक प्रवृति के कृष्ण गाठा व सुंदर मलिक की दोस्ती थी। उन्होंने कल्लू बुसाना की हत्या का षड्यंत्र रचा था। कृष्ण गाठा के पकड़े जाने पर उसके मोबाइल की रिकॉर्डिंग में इस बारे में खुलासा हो गया था। जिसकी भनक कल्लू बुसाना को भी लग गई थी। ऐसे में सुंदर मलिक की हत्या के मामले में उसने षड्यंत्र रचने में बड़ी भूमिका निभाई है।
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मूलरूप से गांव सरगथल फिलहाल पटेल नगर निवासी शराब कारोबारी सुंदर मलिक उर्फ सुंदरा (36) 9 मार्च की रात करीब दस बजे गुलशन ढाबा की पार्किंग में अपनी स्कॉर्पियो लेकर आया था। वह रात को गाड़ी में ही सो गया था। 10 मार्च को सुबह साढ़े आठ बजे होंडा अमेज कार में साथी संग आए दो युवकों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर सुंदर की हत्या कर दी थी। सुंदर मलिक उर्फ सुंदरा कुख्यात नीतू दाबोदिया गैंग का शार्प शूटर रहा है। पुलिस ने मामले में सुंदर के दोस्त गांव कैलाना निवासी सन्नी फौगाट उर्फ फौजी को गिरफ्तार किया था। वह 9 मार्च को उसके साथ था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने बताया था कि उसने सुंदर मलिक की गाड़ी में जीपीएस रखकर उसकी लोकेशन हमलावरों को दे दी थी। दोनों की दोस्ती काफी पुरानी थी। उसके बाद भी आरोप है कि उसने भाऊ गैंग से मिलकर अपने दोस्त की हत्या करा दी।
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में पता लगा कि भाऊ गैंग से सन्नी ने सुंदर मलिक की गाड़ी में जीपीएस लगाने के लिए 30 लाख में सौदा किया था। उसे पांच लाख पहले दिए थे। उसे जीपीएस व रुपये फिल्मी स्टाइल में सुनसान स्थान पर रखे मिले थे। उसे कॉल कर इसके बारे में बता दिया था। नवीन को नहीं जानता सन्नी : पुलिस सूत्रों का कहना है कि सन्नी नवीन अगवानपुर को नहीं जानता है। जीपीएस में उसे सिम लगा हुआ मिला था। नवीन से सिम गैंग के लोगों ने ही लेकर जीपीएस में लगाकर दिया था।
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कल्लू की हत्या का रचा था षड्यंत्र, इसके चलते कराई हत्या
बताया जा रहा है कि कल्लू बुसाना को लॉरेंस बिश्नोई व काला जठेड़ी गैंग की तरफ से धमकी मिलने के बाद उसने भाऊ गैंग से दोस्ती बढ़ा ली। सूत्रों का कहना है कि गोहाना के आपराधिक प्रवृति के कृष्ण गाठा व सुंदर मलिक की दोस्ती थी। उन्होंने कल्लू बुसाना की हत्या का षड्यंत्र रचा था। कृष्ण गाठा के पकड़े जाने पर उसके मोबाइल की रिकॉर्डिंग में इस बारे में खुलासा हो गया था। जिसकी भनक कल्लू बुसाना को भी लग गई थी। ऐसे में सुंदर मलिक की हत्या के मामले में उसने षड्यंत्र रचने में बड़ी भूमिका निभाई है।