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गोहाना बने जिला : मांग हो रही मुखर, अधिवक्ताओं ने लगाए सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप
Sat, 27 Dec 2025 01:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 27 Dec 2025 01:52 AM IST
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फोटो 24: अधिवक्ता वेदप्रकाश शर्मा।
गोहाना। ऐतिहासिक नगर गोहाना को जिला बनाने की मांग को लेकर गोहाना बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ता भी लगातार एकजुट होकर प्रयासरत रहे हैं। वह इसे लेकर सरकार से कई बार मांग कर चुके हैं। यहां तक की धरना भी दिया जा चुका है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि ऐतिहासिक, प्रशासनिक और जनसंख्या के सभी मानकों पर खरा उतरने के बावजूद गोहाना को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। गोहाना प्रदेश की सबसे पुरानी तहसीलों में से एक है। इसके बावजूद गोहाना आज अपनी पहचान खोता जा रहा है।
1972 में सोनीपत को जिला बनाया गया, जबकि उस समय गोहाना क्षेत्रफल और महत्व में अधिक बड़ा था। इसके बाद भी गोहाना को नजरअंदाज किया गया। अधिवक्ताओं ने सरकार से मांग की कि गोहाना की ऐतिहासिक विरासत और जनता की जरूरतों को देखते हुए जल्द इसे जिला घोषित किया जाए अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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गोहाना 1826 से तहसील है और करीब 200 वर्ष पुराने इतिहास के बावजूद इसके साथ लगातार भेदभाव हुआ है। जिला बनाने के वादे बार-बार किए गए, लेकिन हर बार गोहाना को सिर्फ आश्वासन ही मिले। गोहाना को जिला बनाने की मांग 1982 से चली आ रही है। 2016 में बार एसोसिएशन ने भूख हड़ताल की थी। तब एक साल में गोहाना को जिला बनाने का आश्वासन मिला, लेकिन हुआ कुछ नहीं।
- वेद प्रकाश शर्मा, पूर्व प्रधान बार एसोसिएशन
जिला स्तर के कामों के लिए लोगों को 60 से 70 किलोमीटर दूर सोनीपत जाना पड़ता है। न्याय और प्रशासन जनता के नजदीक होना चाहिए, जो जिला बनने से ही संभव है।
- संदीप सनसनवाल, पूर्व प्रधान बार एसोसिएशन
गोहाना में पहले से चार अदालतें हैं और हजारों मामले लंबित हैं। जिला बनने पर सेशन कोर्ट खुलेगी, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
- संदीप पूनिया, प्रधान बार एसोसिएशन
जनसंख्या और बढ़ते अपराध को देखते हुए गोहाना को बहुत पहले जिला बना देना चाहिए था ताकि न्याय व्यवस्था मजबूत हो सके। सेशन कोर्ट के मामलों की सुनवाई के लिए अधिवक्ताओं को सोनीपत जाना पड़ता है।
- उमेश विज, अधिवक्ता
सरकार की नियत ठीक होती तो गोहाना को जिला बनने से कोई नहीं रोक सकता था, लेकिन हर सरकार ने सिर्फ आश्वासन ही दिया। सरकार को जल्द इस दिशा में पहल करनी चाहिए।
- मनोज, अधिवक्ता
जिला बनने से डीसी कार्यालय, सेशन कोर्ट और अन्य विभाग यहीं खुलेंगे, जिससे जनता को सस्ता और त्वरित न्याय मिलेगा। आयकर व सेल्स टैक्स से संबंधित मामले भी जिला बनने पर यहीं हो जाएंगे। जिससे परेशानी कम होगी।
- प्रदीप पांचाल, अधिवक्ता
हरियाणा की सबसे पुरानी तहसील होने के बावजूद गोहाना को उसका हक नहीं मिला। कई गांव ऐसे हैं जहां से मुख्यालय 50 से 60 किलोमीटर है। गोहाना 199 साल पहले तहसील बना, अब जनवरी, 2026 में 200 साल पूरे होने पर इसे जिला बनाकर सौगात दी जाए।
- राहुल चहल, अधिवक्ता
गोहाना हर मापदंड पूरा करता है, कमी सिर्फ सरकार की इच्छाशक्ति की है। पंचकूला व हांसी को जिला बनाया जा सकता है तो गोहाना भी जिला बने। गोहाना में 80 से अधिक गांव हैं।
- रितेश शर्मा, अधिवक्ता
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अधिवक्ताओं का कहना है कि ऐतिहासिक, प्रशासनिक और जनसंख्या के सभी मानकों पर खरा उतरने के बावजूद गोहाना को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। गोहाना प्रदेश की सबसे पुरानी तहसीलों में से एक है। इसके बावजूद गोहाना आज अपनी पहचान खोता जा रहा है।
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1972 में सोनीपत को जिला बनाया गया, जबकि उस समय गोहाना क्षेत्रफल और महत्व में अधिक बड़ा था। इसके बाद भी गोहाना को नजरअंदाज किया गया। अधिवक्ताओं ने सरकार से मांग की कि गोहाना की ऐतिहासिक विरासत और जनता की जरूरतों को देखते हुए जल्द इसे जिला घोषित किया जाए अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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गोहाना 1826 से तहसील है और करीब 200 वर्ष पुराने इतिहास के बावजूद इसके साथ लगातार भेदभाव हुआ है। जिला बनाने के वादे बार-बार किए गए, लेकिन हर बार गोहाना को सिर्फ आश्वासन ही मिले। गोहाना को जिला बनाने की मांग 1982 से चली आ रही है। 2016 में बार एसोसिएशन ने भूख हड़ताल की थी। तब एक साल में गोहाना को जिला बनाने का आश्वासन मिला, लेकिन हुआ कुछ नहीं।
- वेद प्रकाश शर्मा, पूर्व प्रधान बार एसोसिएशन
जिला स्तर के कामों के लिए लोगों को 60 से 70 किलोमीटर दूर सोनीपत जाना पड़ता है। न्याय और प्रशासन जनता के नजदीक होना चाहिए, जो जिला बनने से ही संभव है।
- संदीप सनसनवाल, पूर्व प्रधान बार एसोसिएशन
गोहाना में पहले से चार अदालतें हैं और हजारों मामले लंबित हैं। जिला बनने पर सेशन कोर्ट खुलेगी, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
- संदीप पूनिया, प्रधान बार एसोसिएशन
जनसंख्या और बढ़ते अपराध को देखते हुए गोहाना को बहुत पहले जिला बना देना चाहिए था ताकि न्याय व्यवस्था मजबूत हो सके। सेशन कोर्ट के मामलों की सुनवाई के लिए अधिवक्ताओं को सोनीपत जाना पड़ता है।
- उमेश विज, अधिवक्ता
सरकार की नियत ठीक होती तो गोहाना को जिला बनने से कोई नहीं रोक सकता था, लेकिन हर सरकार ने सिर्फ आश्वासन ही दिया। सरकार को जल्द इस दिशा में पहल करनी चाहिए।
- मनोज, अधिवक्ता
जिला बनने से डीसी कार्यालय, सेशन कोर्ट और अन्य विभाग यहीं खुलेंगे, जिससे जनता को सस्ता और त्वरित न्याय मिलेगा। आयकर व सेल्स टैक्स से संबंधित मामले भी जिला बनने पर यहीं हो जाएंगे। जिससे परेशानी कम होगी।
- प्रदीप पांचाल, अधिवक्ता
हरियाणा की सबसे पुरानी तहसील होने के बावजूद गोहाना को उसका हक नहीं मिला। कई गांव ऐसे हैं जहां से मुख्यालय 50 से 60 किलोमीटर है। गोहाना 199 साल पहले तहसील बना, अब जनवरी, 2026 में 200 साल पूरे होने पर इसे जिला बनाकर सौगात दी जाए।
- राहुल चहल, अधिवक्ता
गोहाना हर मापदंड पूरा करता है, कमी सिर्फ सरकार की इच्छाशक्ति की है। पंचकूला व हांसी को जिला बनाया जा सकता है तो गोहाना भी जिला बने। गोहाना में 80 से अधिक गांव हैं।
- रितेश शर्मा, अधिवक्ता

फोटो 24: अधिवक्ता वेदप्रकाश शर्मा।

फोटो 24: अधिवक्ता वेदप्रकाश शर्मा।

फोटो 24: अधिवक्ता वेदप्रकाश शर्मा।

फोटो 24: अधिवक्ता वेदप्रकाश शर्मा।

फोटो 24: अधिवक्ता वेदप्रकाश शर्मा।

फोटो 24: अधिवक्ता वेदप्रकाश शर्मा।

फोटो 24: अधिवक्ता वेदप्रकाश शर्मा।