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Sonipat News: गोहाना नागरिक अस्पताल को जल्द मिलेगा बाल रोग विशेषज्ञ
Wed, 05 Aug 2026 05:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 05 Aug 2026 05:02 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। एक वर्ष के इंतजार के बाद उपमंडल नागरिक अस्पताल को बाल रोग विशेषज्ञ मिलने का रास्ता साफ हो गया है। अस्पताल में अनुबंध के आधार पर बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए जिला मुख्यालय स्तर पर औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं।
डॉक्टर के कार्यभार संभालते ही नवजात शिशुओं और बच्चों को अस्पताल में ही विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध होगा। उपमंडल नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 500 मरीजों की ओपीडी होती है। पांच से छह महिलाओं की डिलीवरी भी होती है। बड़ी संख्या में बच्चे उपचार के लिए आते हैं।
जच्चा-बच्चा वार्ड में भर्ती नवजातों को भी विशेषज्ञ निगरानी की आवश्यकता रहती है। लंबे समय से बाल रोग विशेषज्ञ के नहीं होने की वजह से अस्पताल प्रशासन को नवजात शिशुओं और बच्चों को उपचार के लिए महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां या पीजीआई रोहतक रेफर करना पड़ता था।
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हर माह 8 से 10 नवजात किए जाते हैं रेफर
अस्पताल में डिलीवरी के बाद विभिन्न स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण प्रतिमाह करीब आठ से दस नवजात शिशुओं को रेफर करना पड़ता है। वहीं, ओपीडी में भी बड़ी संख्या में बच्चे बुखार, संक्रमण, कुपोषण, सांस संबंधी बीमारियों और अन्य सामान्य व गंभीर समस्याओं के उपचार के लिए पहुंचते हैं। विशेषज्ञ डॉक्टर की उपलब्धता से नवजातों की नियमित जांच, टीकाकरण संबंधी परामर्श और बाल रोगों का समुचित उपचार अस्पताल में ही मिल सकेगा।
वर्जन
नागरिक अस्पताल में अनुबंध आधार पर बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति की जानी है। इसके लिए मुख्यालय स्तर पर औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। जल्द ही बाल रोग विशेषज्ञ की सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। -डॉ. संजय छिक्कारा, एसएमओ, नागरिक अस्पताल, गोहाना।
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गोहाना। एक वर्ष के इंतजार के बाद उपमंडल नागरिक अस्पताल को बाल रोग विशेषज्ञ मिलने का रास्ता साफ हो गया है। अस्पताल में अनुबंध के आधार पर बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए जिला मुख्यालय स्तर पर औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं।
डॉक्टर के कार्यभार संभालते ही नवजात शिशुओं और बच्चों को अस्पताल में ही विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध होगा। उपमंडल नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 500 मरीजों की ओपीडी होती है। पांच से छह महिलाओं की डिलीवरी भी होती है। बड़ी संख्या में बच्चे उपचार के लिए आते हैं।
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जच्चा-बच्चा वार्ड में भर्ती नवजातों को भी विशेषज्ञ निगरानी की आवश्यकता रहती है। लंबे समय से बाल रोग विशेषज्ञ के नहीं होने की वजह से अस्पताल प्रशासन को नवजात शिशुओं और बच्चों को उपचार के लिए महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां या पीजीआई रोहतक रेफर करना पड़ता था।
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हर माह 8 से 10 नवजात किए जाते हैं रेफर
अस्पताल में डिलीवरी के बाद विभिन्न स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण प्रतिमाह करीब आठ से दस नवजात शिशुओं को रेफर करना पड़ता है। वहीं, ओपीडी में भी बड़ी संख्या में बच्चे बुखार, संक्रमण, कुपोषण, सांस संबंधी बीमारियों और अन्य सामान्य व गंभीर समस्याओं के उपचार के लिए पहुंचते हैं। विशेषज्ञ डॉक्टर की उपलब्धता से नवजातों की नियमित जांच, टीकाकरण संबंधी परामर्श और बाल रोगों का समुचित उपचार अस्पताल में ही मिल सकेगा।
वर्जन
नागरिक अस्पताल में अनुबंध आधार पर बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति की जानी है। इसके लिए मुख्यालय स्तर पर औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। जल्द ही बाल रोग विशेषज्ञ की सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। -डॉ. संजय छिक्कारा, एसएमओ, नागरिक अस्पताल, गोहाना।