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कैंसर को हराकर अब अन्य पीड़ितों के उपचार में मदद कर रहीं गौरी कपूर

Thu, 21 Jan 2021 12:14 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jan 2021 12:14 AM IST
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Gauri Kapoor now helping other victims by defeating cancer
डिजिटल द्रोणाचार्य संस्था के सदस्य गौरी कपूर, आकाश व अन्य। संवाद - फोटो : Sonipat
कैंसर को हराकर गौरी कपूर अब दूसरों के लिए नजीर बन गई हैं। शहर के मॉडल टाउन की रहने वाली गौरी कपूर ब्रेन कैंसर से पीड़ित थीं। पांच साल तक बीमारी से जूझने व उससे निजात पाने के बाद अब वह द्रोणाचार्य डिजिटल संस्थान से जुड़कर कैंसर पीड़ित बच्चों और परिवारों को निशुल्क शिक्षा, दवाई और उपचार की व्यवस्था करने में लगी हैं। इसमें उनका साथी आकाश भी पूरी मदद कर रहा है।
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गौरी कपूर फैशन डिजाइनर थीं। वह बेंगलुरु की कंपनी में जाकर जॉब करने लगीं तो उन्हें पांच साल पहले पता लगा कि वह ब्रेन कैंसर से पीड़ित हैं। पांच साल के लंबे उपचार में लाखों रुपयों का अस्पतालों का खर्च आया। खुद स्वस्थ्य होने के बाद उन्होंने नोएडा के अपने साथी आकाश शर्मा के साथ मिलकर कैंसर पीड़ितों के उपचार का संकल्प लिया। वह चार साल से कैंसर, ल्यूपस और एसएमई जैसी बीमारियों के उपचार के लिए पीड़ितों के परिवारों को आर्थिक सहायता मुहैया करा रहे हैं। द्रोणाचार्य डिजिटल संस्था अभी तक 300 से ज्यादा बच्चों की शिक्षा व उपचार की व्यवस्था करा चुकी है, जबकि मौजूदा समय में देशभर के 177 बच्चों का उपचार चल रहा है। इनमें सोनीपत के साथ ही नोएडा, दिल्ली व मुंबई सहित अन्य स्थानों के बच्चे शामिल हैं। संस्था इनके लिए फंड रेजिंग साइट से सहायता जुटाकर अच्छे अस्पतालों में उपचार करा रही है। उनके साथी अंकित कुमार और नैंसी फंड रेजिंग साइट का जिम्मा संभाल रहे हैं।
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गौरी कपूर बताती हैं कि मरीज या उनके परिजन उनसे ऑनलाइन संपर्क में आते हैं। ऐसे मरीज अस्पताल में भर्ती होते हैं, हम उनकी वीडियो बनाकर बीमारी के बारे में जानकारी लेते हैं। अस्पताल के चिकित्सक की वीडियो बनाकर उपचार का खर्च पता करते हैं। इनको साइट पर अपलोड कर देते हैं। उसके साथ हम इनके परिवार की आर्थिक स्थिति, उनकी आय का जरिया, कारोबार की स्थिति की डिटेल के साथ आर्थिक सहायता के लिए अपनी संस्था की ओर मदद मांगते हैं। इसके लिए कैटो जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की भी मदद लेते हैं। उपचार का खर्च अस्पताल के खाते में और दवा का खर्च मेडिकल स्टोर के खाते में भिजवाया जाता है। मिलने वाली धनराशि को न तो हमारी संस्था और न ही मरीज या उसके परिवार के एकाउंट में मंगवाया जाता है। मौजूदा समय में नोएडा, हैदराबाद, हरियाणा, दिल्ली व मुंबई के बीमारों का उपचार संस्था करा रही है। बीमार के परिवार में बच्चों की शिक्षा की निशुल्क व्यवस्था भी की जा रही है।
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