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Sonipat News: बिल्डर कंपनी में आरडब्यूए के पूर्व पदाधिकारी व रखरखाव करने वाली कंपनी पर गबन का आरोप
Tue, 06 Aug 2024 10:29 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 06 Aug 2024 10:29 PM IST
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राई। सेक्टर-8 स्थित ओमेक्स हाईट्स में रेजीडेंट्स ने पूर्व पदाधिकारियों व रखरखाव करने वाली कंपनी पर 2.36 करोड़ के गबन का आरोप लगाया है। बहालगढ़ थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
ओमेक्स हाइट्स सोसाइटी निवासी सतीश मित्तल, सतप्रकाश, संजय, योगिता वर्मा, राजेश देवगन, सुखपाल सिंह, राहुल कुमार, सुनीता, राजेश मल्होत्रा, संजीव कुमार, सावित्री, सुरेंद्र भूटानी, छत्तर सिंह ने बहालगढ़ थाना में शिकायत देकर गबन का आरोप लगाया था। उनका आरोप था कि सोसाइटी में 702 फ्लैट में करीब 600 परिवार रहते हैं। सोसाइटी में अगस्त 2020 में आरडब्ल्यूए के चुनाव तीन साल के लिए हुए थे। इसमें विशाल प्रधान, श्रवण सचिव, पुष्पेंद्र उप प्रधान, शिल्पा खंजाची, पंकज संयुक्त सचिव चुने गए थे। इसके अतिरिक्त छह सदस्य चुने गए थे। कुछ दिन बाद प्रधान, संयुक्त सचिव व चार सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। सोसाइटी ने पहले से ही एक कंपनी एप हायर कर उसके माध्यम से कामन एरिया मेनटेनेंस व सभी फ्लैट्स के बिजली की प्रतिदिन की खपत का रिकार्ड रखते थे। जिसे कंपनी ही कंट्रोल करती थी। एप से सभी रेजीडेंट्स अपना बिजली का बिल जमा कराते थे। बिजली और रखरखाव के बदले 30 से 35 हजार रुपये रोजाना नकद जमा होते थे।
इसे बाद में बैंक खाते में जमा कराया जाता था। नकदी जमा की राशि करीब 9 लाख रुपये महीना होती थी। आरोप है कि सचिव श्रवण, खजांची शिल्पा व उपप्रधान पुष्पेंद्र ने 18 सितंबर, 2022 से 25 जून 2023 तक नकद प्राप्त राशि बैंक में जमा ही नहीं कराई। 26 जून, 2023 से 30 जून 2023 तक तीन महीने में केवल 4.5 लाख रुपये ही जमा कराए गए। बाद में भी राशि बिजली विभाग में जमा नहीं कराई गई। बिजली निगम का बकाया बिल 2.36 करोड़ है। पुलिस ने मंगलवार को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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ओमेक्स हाइट्स सोसाइटी निवासी सतीश मित्तल, सतप्रकाश, संजय, योगिता वर्मा, राजेश देवगन, सुखपाल सिंह, राहुल कुमार, सुनीता, राजेश मल्होत्रा, संजीव कुमार, सावित्री, सुरेंद्र भूटानी, छत्तर सिंह ने बहालगढ़ थाना में शिकायत देकर गबन का आरोप लगाया था। उनका आरोप था कि सोसाइटी में 702 फ्लैट में करीब 600 परिवार रहते हैं। सोसाइटी में अगस्त 2020 में आरडब्ल्यूए के चुनाव तीन साल के लिए हुए थे। इसमें विशाल प्रधान, श्रवण सचिव, पुष्पेंद्र उप प्रधान, शिल्पा खंजाची, पंकज संयुक्त सचिव चुने गए थे। इसके अतिरिक्त छह सदस्य चुने गए थे। कुछ दिन बाद प्रधान, संयुक्त सचिव व चार सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। सोसाइटी ने पहले से ही एक कंपनी एप हायर कर उसके माध्यम से कामन एरिया मेनटेनेंस व सभी फ्लैट्स के बिजली की प्रतिदिन की खपत का रिकार्ड रखते थे। जिसे कंपनी ही कंट्रोल करती थी। एप से सभी रेजीडेंट्स अपना बिजली का बिल जमा कराते थे। बिजली और रखरखाव के बदले 30 से 35 हजार रुपये रोजाना नकद जमा होते थे।
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इसे बाद में बैंक खाते में जमा कराया जाता था। नकदी जमा की राशि करीब 9 लाख रुपये महीना होती थी। आरोप है कि सचिव श्रवण, खजांची शिल्पा व उपप्रधान पुष्पेंद्र ने 18 सितंबर, 2022 से 25 जून 2023 तक नकद प्राप्त राशि बैंक में जमा ही नहीं कराई। 26 जून, 2023 से 30 जून 2023 तक तीन महीने में केवल 4.5 लाख रुपये ही जमा कराए गए। बाद में भी राशि बिजली विभाग में जमा नहीं कराई गई। बिजली निगम का बकाया बिल 2.36 करोड़ है। पुलिस ने मंगलवार को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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