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Sonipat News: खाद मिलने में परेशानी होने पर अधिकारी से संपर्क करें किसान

Sun, 03 Nov 2024 04:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Sun, 03 Nov 2024 04:01 AM IST
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Farmers should contact the officer in case of difficulty in getting fertilizer
संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनीपत। रबी सीजन में किसानों को खाद की किल्लत से बचाने को लेकर कृषि विभाग लगातार प्रयासरत है। अब विभाग ने खाद विक्रेताओं की दुकानों पर कृषि अधिकारियों के मोबाइल नंबर अंकित करवाने का निर्णय लिया है। ताकि खाद लेने में परेशानी होने पर किसान सीधे अधिकारियों से संपर्क कर सकें।

रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही किसान गेहूं व सरसों की बिजाई करने में जुटे हैं। सरसों और गेहूं की बिजाई में किसान डीएपी खाद का प्रयोग करते हैं। सोनीपत जिले में अधिकारियों की माने तो डीएपी और यूरिया खाद की मौजूदा समय में कोई कमी नहीं है। अगर किसी स्थान पर किसानों को खाद विक्रेता कमी बताता है या फिर खाद के साथ कीटनाशक या कोई अन्य वस्तु बेचने का प्रयास करता है तो उसकी शिकायत विभाग के अधिकारियों को दी जा सकती है। इसके लिए दुकानों पर अधिकारियों के संपर्क नंबर लिखे जाएंगे।
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4 और 5 नवंबर को लगेंगे खाद के रैक
रबी सीजन के दौरान डीएपी खाद की मांग करीब 14 हजार मीट्रिक टन है। अब तक सोनीपत जिले में 10 हजार 500 मीट्रिक टन डीएपी खाद पहुंच चुका है। वहीं कृषि विभाग के अनुसार 4 नवंबर व 5 नवंबर को डीएपी खाद की रैक लगेगी। विभाग की तरफ से तैयार की गई रूपरेखा के अनुसार नवंबर माह के अंतिम दिनों से पहले ही 3500 एमटी डीएपी खाद भी पहुंच जाएगा। ऐसे में किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।
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1.5 लाख हैक्टेयर भूमि में उगाया जाता है गेहूं

रबी सीजन के दौरान सबसे अधिक गेहूं का रकबा रहता है। जिले में किसान डेढ़ लाख हैक्टेयर भूमि में औसतन गेहूं की बिजाई करते हैं। इसके अतिरिक्त 5 से 6 हजार हैक्टेयर भूमि में सरसों की बिजाई की जाती है। किसान करीब 30 हजार हैक्टेयर भूमि में अन्य फसलें व सब्जियां भी उगाते हैं। जिसके कारण डीएपी और यूरिया खाद की डिमांड अधिक रहती है। रबी सीजन में यूरिया खाद की डिमांड 46 हजार एमटी से अधिक तक पहुंच जाती है।


वर्जन
-वर्तमान में न तो यूरिया खाद की कमी है और न ही डीएपी खाद की। अब डीएपी खाद के दो रैक भी लगेंगे। किसानों को खाद खरीदने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारियों के नंबर प्रत्येक खाद की दुकान पर किसानों के लिए उपलब्ध रहेंगे। किसानों को भी आवश्यकता से अधिक खाद नहीं खरीदना चाहिए। -डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत
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