{"_id":"5fe0f5818ebc3e3b5d78d2db","slug":"farmers-protest-meeting-proposal-sonipat-news-rtk587401773","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने सरकार के प्रस्ताव को नकारा, क्रमिक अनशन शुरू किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने सरकार के प्रस्ताव को नकारा, क्रमिक अनशन शुरू किया
विज्ञापन
सोनीपत। कृषि कानूनों को लेकर किसानों और केंद्र सरकार के बीच चल रही खींचतान का कोई समाधान होता नहीं दिख रहा है। सरकार ने रविवार की रात को पांच पेज का प्रस्ताव किसानों के पास भेजा, लेकिन किसानों ने उस प्रस्ताव को नकार दिया। किसानों ने कहा कि उस प्रस्ताव में नया कुछ नहीं है और जिन प्रस्ताव को भेजा गया है, वह अक्तूबर से अब तक हुई बातचीत के आधार पर है। उसके लिए किसान पहले की इंकार कर चुके हैं तो अब उसे भेजने से कोई फायदा नहीं है।
किसानों ने साफ कहा कि कानून रद्द करने से कम उन्हें कुछ मंजूर नहीं है। किसानों ने कहा कि अगर सरकार बातचीत को तैयार है तो वह ठोस प्रस्ताव बनाकर भेजे। इसके साथ ही बातचीत का एजेंडा भी साफ करे। वहीं सिंघु बॉर्डर पर सोमवार को 11 किसान नेताओं ने अनशन किया। किसान मोर्चा के सदस्य बूटा सिंह बुर्जगिल, बख्शीश सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से पांच पेज का प्रस्ताव रविवार की रात को मिला है। जिसमें सबकुछ अक्तूबर से लेकर अभी तक हुई बातचीत के आधार पर लिखा हुआ था। उन्होंने कहा कि उस प्रस्ताव के आधार पर सरकार से किसी तरह की बातचीत नहीं की जा सकती है। कहा कि अगर सरकार बातचीत के लिए तैयार है तो किसान भी तैयार हैं। लेकिन पहले बातचीत का एजेंडा साफ किया जाए और इसका ध्यान रखा जाए कि किसानों को तीनों कानून रद्द करने से कम कुछ मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि बार-बार प्रस्ताव भेजकर पुरानी बात दोहराई जा रही है। इस तरह से सरकार किसानों व देश की जनता को गुमराह कर रही है।
--
बॉर्डर पर क्रमिक अनशन पर बैठे 11 किसान नेता
अपनी पूर्व घोषणा के तहत बार्डर पर 11 किसान नेता 24 घंटे के लिए अनशन पर बैठे। इनमें जय किसान आंदोलन की ओर से रविंदरपाल कौर गिल, भारतीय किसान यूनियन एकता के अध्यक्ष जगजीत सिंह दल्लेवाल, भाकियू पंजाब के अध्यक्ष फुरमान सिंह संधू, पंजाब किसान यूनियन के बूटा सिंह चक्र, डेमोक्रेटिक किसान सभा पंजाब के अध्यक्ष डॉ. सतनाम सिंह अजनाला, क्रांतिकारी किसान यूनियन पंजाब के नेता अवतार सिंह कौरजीवाला, कीर्ति किसान यूनियन के भूपिंदर सिंह लोंगोवाल, दोआबा किसान समिति के अध्यक्ष जंगबीर सिंह चौहान, दोआबा किसान संघर्ष समिति के मुकेश चंद्र, कुलहिंद किसान सभा (बलनवाल) के बलजीत सिंह, लोक इंसाफ वेलफेयर के अध्यक्ष बलदेव सिंह सिरसा शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसानों ने साफ कहा कि कानून रद्द करने से कम उन्हें कुछ मंजूर नहीं है। किसानों ने कहा कि अगर सरकार बातचीत को तैयार है तो वह ठोस प्रस्ताव बनाकर भेजे। इसके साथ ही बातचीत का एजेंडा भी साफ करे। वहीं सिंघु बॉर्डर पर सोमवार को 11 किसान नेताओं ने अनशन किया। किसान मोर्चा के सदस्य बूटा सिंह बुर्जगिल, बख्शीश सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से पांच पेज का प्रस्ताव रविवार की रात को मिला है। जिसमें सबकुछ अक्तूबर से लेकर अभी तक हुई बातचीत के आधार पर लिखा हुआ था। उन्होंने कहा कि उस प्रस्ताव के आधार पर सरकार से किसी तरह की बातचीत नहीं की जा सकती है। कहा कि अगर सरकार बातचीत के लिए तैयार है तो किसान भी तैयार हैं। लेकिन पहले बातचीत का एजेंडा साफ किया जाए और इसका ध्यान रखा जाए कि किसानों को तीनों कानून रद्द करने से कम कुछ मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि बार-बार प्रस्ताव भेजकर पुरानी बात दोहराई जा रही है। इस तरह से सरकार किसानों व देश की जनता को गुमराह कर रही है।
विज्ञापन
--
बॉर्डर पर क्रमिक अनशन पर बैठे 11 किसान नेता
अपनी पूर्व घोषणा के तहत बार्डर पर 11 किसान नेता 24 घंटे के लिए अनशन पर बैठे। इनमें जय किसान आंदोलन की ओर से रविंदरपाल कौर गिल, भारतीय किसान यूनियन एकता के अध्यक्ष जगजीत सिंह दल्लेवाल, भाकियू पंजाब के अध्यक्ष फुरमान सिंह संधू, पंजाब किसान यूनियन के बूटा सिंह चक्र, डेमोक्रेटिक किसान सभा पंजाब के अध्यक्ष डॉ. सतनाम सिंह अजनाला, क्रांतिकारी किसान यूनियन पंजाब के नेता अवतार सिंह कौरजीवाला, कीर्ति किसान यूनियन के भूपिंदर सिंह लोंगोवाल, दोआबा किसान समिति के अध्यक्ष जंगबीर सिंह चौहान, दोआबा किसान संघर्ष समिति के मुकेश चंद्र, कुलहिंद किसान सभा (बलनवाल) के बलजीत सिंह, लोक इंसाफ वेलफेयर के अध्यक्ष बलदेव सिंह सिरसा शामिल रहे।
विज्ञापन